Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

ITBP की असिस्टेंट कमांडेंट बेटी को इंस्पेक्टर पिता का सैल्यूट, जानिए कौन हैं इंजीनियर से अफसर बनीं Diksha?

इटावा, 11 अगस्त: यूपीएससी से आईटीबीपी में पहली बार दो महिला अधिकारी शामिल हुई हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के इटावा की रहनी वाली दीक्षा भी शामिल हैं। दीक्षा यूपीएससी चयन प्रक्रिया से आईटीबीपी में असिस्टेंट कमांडेंट बनी हैं। सरहद की रक्षा करने के लिए दीक्षा ने चेन्नई में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी को भी छोड़ दी। बीते रविवार को दीक्षा को अन्य प्रतिभागियों के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड सलामी के बाद बैज लगाकर अधिकारी बनने का तोहफा प्रदान किया।

Recommended Video

    ITBP अफसर बनीं Diksha, तो इंस्पेक्टर पिता Kamlesh Kumar ने किया Salute | वनइंडिया हिंदी
    असिस्टेंट कमांडेंट बेटी को इंस्पेक्टर पिता ने किया सैल्यूट

    असिस्टेंट कमांडेंट बेटी को इंस्पेक्टर पिता ने किया सैल्यूट

    दीक्षा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पछायगांव की रहने वाली हैं। दीक्षा के पिता कमलेश कुमार आईटीबीपी पिथौरागढ़ उत्तराखंड में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। इस खास मौके पर इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने गर्व के साथ बेटी को सैल्यूट किया। दीक्षा ने कहा, आईटीबीपी में एक अधिकारी के रूप में शामिल होने पर आज उनका सपना पूरा हुआ है। उनको हमेशा से उनके पिता ने प्रोत्साहित किया है। उनके पिता ही उनके आदर्श हैं। पिता के मार्गदर्शन में ही उन्होंने आज ये मुकाम हासिल किया है। दीक्षा ने कहा, आज जो खुशी मिली है उसको शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

    कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई के बाद चैन्नई की कंपनी में बनीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर

    कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई के बाद चैन्नई की कंपनी में बनीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर

    दीक्षा ने दिल्ली के केंद्रीय विद्यालय आरकेपुरम से सातवीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद आठवीं से 11वीं तक केंद्रीय विद्यालय लवासना मसूरी, कक्षा 12वीं की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय इंडियन मेडिकल एकेडमी देहरादून से की। दीक्षा बचपन से ही पढ़ाई में होनहार थीं। वर्ष 2011 से 2015 तक बीटेक एनआईआईटी श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखंड से कंप्यूटर साइंस से किया। फिर चेन्नई की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर नौकरी ज्वॉइन की।

    दीक्षा ने कहा- सैनिक बनकर देश की सेवा करना गर्व की बात

    दीक्षा ने कहा- सैनिक बनकर देश की सेवा करना गर्व की बात

    दीक्षा ने बताया कि वह शुरू से ही फील्ड जॉब करना चाहती थीं। दो साल बाद ही यानि साल 2017 में दीक्षा ने नौकरी छोड़ दी और दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने आईटीबीपी को चुना। दीक्षा ने कहा कि सैनिक बनकर देश की सेवा करना गर्व की बात है। सीमा पर दुश्मन के दांत खट्टे करने का मौका मिलेगा। बेटियां इस क्षेत्र में आगे बढ़ें। देश सेवा के जज्बे और स्वजन के हौसला बढ़ाने पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

    2020 में शुरू हुई थी ट्रेनिंग

    2020 में शुरू हुई थी ट्रेनिंग

    बता दें, दीक्षा ने साल 2018 में संघ लोक सेवा आयोग की सेंट्रल आर्म्ड पुलिसबल की परीक्षा दी थी। 2019 में परीक्षा परिणाम आने के बाद जुलाई 2020 में मसूरी में ट्रेनिंग शुरू हुई थी। दीक्षा की मां ऊषा रानी गृहणी व छोटा भाई निखिल कुमार बेंगलुरु में साफ्टवेयर इंजीनियर है। इटावा के विकास कालोनी में दीक्षा का पैतृक आवास है, जहां दादा बैजनाथ रहते हैं।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+