Vedaa Review: जॉन अब्राहम की फिल्म 'वेदा' पड़ी थोड़ी कमजोर, मूवी की जान बनी शरवरी वाघ
फिल्म- वेदा
स्टारकास्ट- जॉन अब्राहम, शरवरी वाघ
डायरेक्टर- निखिल आडवाणी
स्टार- **
Vedaa Review: बॉलीवुड एक्टर जॉव अब्राहम और एक्ट्रेस शरवरी वाघ की फिल्म 'वेदा' आज यानी 15 अगस्त 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को दर्शकों से मिला जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म का अच्छा ट्रेलर, अच्छा कॉन्सेप्ट, अच्छा फर्स्ट हाफ होने के बावजूद भी इसमें थोड़ी सी कमी रह गई है।
मेकर्स को फिल्म से काफी उम्मीदें थीं लेकिन दर्शकों की मानें तो एक्टर्स की दमदार एक्टिंग के बाद भी कहानी थोड़ी कमजोर पड़ गई है। यही कारण है कि जहां कुछ लोगों को फिल्म पसंद आ रही है, वहीं कुछ लोग इसे थका हुआ बता रहे हैं।

क्या है फिल्म की कहानी
-फिल्म की कहानी ऊंच नीच, जात पात पर आधारित है जो कई जगह सालों से चला आ रहा है। राजस्थान के बाड़मेर में 150 गांवों का प्रधान वहां का कानून तय करता है। वहां एक नीची जात के लड़के को ऊंची जात की लड़की से प्यार हो जाता है और फिर शुरू होता है एक खूनी खेल।
-वेदा नीची जाति की लड़की है, बॉक्सर बनना चाहती है, आर्मी से निकाले गए अभिमन्यू यानी जॉन अब्राहम उसकी मदद करते हैं लेकिन फिर वेदा के भाई की मोहब्बत उसके परिवार पर भारी पड़ जाती है और खूब बवाल हो जाता है।
कैसी है फिल्म
-फिल्म की लीड एक्ट्रेस शरवरी वाघ इस मूवी की सेंट्रल कैरेक्टर है। पूरी फिल्म उसी के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म की शुरुआत काफी अच्छी है। जात पात को लेकर भेदभाव के कुछ ऐसे सीन्स आते हैं जो आपको चौंका सकते हैं। फिल्म में एक्शन होने के साथ साथ काफी ड्रामा भी है। फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी बेहतरीन है।
-फिल्म के सेकेंड हाफ में वही होता है जो हम कई फिल्मों में देख चुके हैं। ऊंची जाति के लोगों से जॉन अब्राहम बस अपनी लेडी लव शरवरी को बचाते हैं। ऐसे में थिएटर में बैठे लोग भी पछताने लगते हैं और बोर हो जाते हैं।
-फिल्म में एक्शन का डोज थोड़ा कम करके इमोशन को बढ़ाया गया है लेकिन इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि कहानी पर थोड़ा और फोकस किया जाता तो ये और बेहतर फिल्म बन सकती थी।
फिल्म की स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग
-शरवरी वाघ इस फिल्म की जान हैं। उन्होंने कमाल की एक्टिंग की है। बोलचाल से लेकर बॉडी लैंग्वेज तक को लेकर शरवरी ने खूब मेहनत की है। सेकेंड हाफ में जो वो बाल कटवाती हैं तो उन्हें देखने के लिए ही आप सेकेंड हाफ देखते हैं।
-जॉन अब्राहम का काम अच्छा है, वो अपने किरदार में बैठे हैं। वो कम बोलते हैं और इस बार उन्होंने इसे जस्टिफाई भी किया गया है। एक्शन में जॉन दमदार काम करते हैं। वहीं अभिषेक बनर्जी का काम शानदार है। विलेन के किरदार में उन्होंने जान डाली है।
-आशीष विद्यार्थी ने शानदार एक्टिंग की है। क्षितिज चौहान का काम भी काफी अच्छा है। अभिषेक के छोटे भाई के रोल में उन्होंने इम्प्रेस किया है। तमन्ना भाटिया का कैमियो भी काफी अच्छा है।
डायरेक्शन
फिल्म के डायरेक्टर निखिल आडवाणी हैं। फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी शानदार है लेकिन सेकेंड हाफ काफी कमजोर है। अच्छी शुरुआत को वो भुना नहीं पाए। कुल मिलाकर ये फिल्म देखी जा सकती है। शरवरी वाघ ने फिल्म में चार चांद लगाए हैं।












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