'25000 का इंजेक्शन ले लो, गोरी हो जाओगी', जानिए कौन हैं Panchayat की खुशबू, जिसने बताया दर्दनाक सच?
Panchayat: वेब सीरीज लवर्स के लिए 'पंचायत' किसी से वरदान से कम नहीं हैं, इसी सीरीज ने हर वर्ग के लोगों को अपना मुरीद बनाया है। हाल ही में इसका चौथा सीजन लोगों के सामने आया, जिसे फैंस ने बाकी सीजन की ही तरह भरपूर प्यार दिया है, लोग कहते हैं कि 'पंचायत' की कहानी उनको अपनी लगती है।
आपको बता दें कि इस सीरीज में रघुबीर यादव, नीना गुप्ता, जितेंद्र कुमार जैसे मंझे हुए कलाकार मेनस्ट्रीम में हैं लेकिन इसकी कहानी तब तक अधूरी है जब तक लोग बिनोद के किरदार में नजर आने वाले अशोक पाठक, सह-सचिव विकास का किरदार निभाने वाले चंदन रॉय और फिर विकास की पत्नी 'खुशबू' का रोल निभाने वाली तृप्ति साहू का नाम ना लिया जाए।

मालूम हो 'पंचायत' में अपने देसी अंदाज से लोगों के दिलों में खास जगह बनाने वाली 'खुशबू' यानी कि तृप्ति साहू की जर्नी काफी संघर्षपूर्ण रही है। वो पिछले 11 सालों से इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए कठिन संघर्ष कर रही थीं, हाल ही में तृप्ति ने 'डिजिटल कमेंट्री' को एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने अपने रिजेक्शन पर खुलकर बातें की हैं।
'11 सालों से अपने स्किनटोन की वजह से रिजेक्ट होती आई हैं' (Panchayat)
उन्होंने कहा कि 'वो पिछले 11 सालों से अपने स्किनटोन की वजह से रिजेक्ट होती आई हैं। लोग कहते थे कि तू तो बहुत काली है रे, तुझे देखकर लगता ही नहीं कि तुम पैसे वाली भी हो।'
इस गहरे रंग वाली लड़की को कौन काम देगा?'
तृप्ति ने कहा कि 'मेरे रंग को लेकर बाहरवाले ही नहीं बल्कि मेरे घरवाले भी काफी ताने देते थे। मेरी वजह से मेरी मां को भी लोग बहुत कुछ सुनाते थे। उन्होंने कहा कि 'उनके खुद के सगे ताऊजी मां से कहते थे, इसे कहां डाल आई हो, चारों ओर इतनी सुंदर और गोरी लड़कियां भला इस गहरे रंग वाली लड़की को कौन काम देगा?'
आदिवासी लड़की का रोल करोगी? (Panchayat)
तृप्ति ने कहा कि 'वो सब सुनकर कलेजा फट जाता था, मैं बहतु दुखी हो जाती थी लेकिन मेरी मां हमेशा मेरी कवच बनकर खड़ी रहती थीं लेकिन जब मैं ऑडिशन देने जाती तो वहां पर लोग मुझे कभी 'मेड' का रोल ऑफर करते तो कभी पूछते कि आदिवासी लड़की का रोल करोगी?
'काली लड़कियां केवल मेड या छोटे-मोटे रोल के लिए हैं'
'तब बहुत दुख होता था कि आज भी लोगों का माइंड सेट है कि गोरी लड़कियां ही अमीर या हिरोईन बन सकती हैं और काली लड़कियां केवल मेड या छोटे-मोटे रोल के लिए हैं।'
'25000 का इंजेक्शन ले लो, गोरी हो जाओगी' (Panchayat)
उन्होंने बताया कि 'एक मेरी जानने वाली ने कहा था कि 25000 का इंजेक्शन ले लो, गोरी हो जाओगी, जितने लोग टीवी पर काम करते हैं, वो सभी फेशियल ट्रीटमेंट लेते हैं। तुम भी ले लो, तब मैंने उसे मना कर दिया था। फिलहाल 'पंचायत' की खुशबू ने उन्हें वो पहचान दे दी है, जिसके लिए वो लंबे वक्त से कोशिश कर रही थीं।'
आइए एक नजर डालते हैं 'Panchayat' की खुशबू यानी कि तृप्ति साहू के अब तक के सफर पर...
- तृप्ति साहू का जन्म दिल्ली, भारत में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था।
- दिल्ली के अलावा उनके परिवार में माता-पिता और भाई-बहन हैं।
- तृप्ति साहू ने कैडबरी, वीट, क्लीन एंड क्लियर, SBI, OPPO, BIBA, मायलो और ICICI प्रूडेंशियल जैसे ब्रांड के लिए काम किया है।
- उनके सोशल अकाउंट को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि असल जिंदगी में वो बहुत ज्यादा ग्लैमरस हैं।












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