Zubeen Garg Kids: 15 बच्चों के पिता थे जुबीन गर्ग! पत्नी गरिमा को नहीं थी खबर, जब कजली पर पड़ी थी नजर
Zubeen Garg Kids: असम की सांस्कृतिक धड़कन, 'या अली' और 'दिल तू ही बता' फेम गायक जुबीन गर्ग अब हमारे बीच नहीं रहे। सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग हादसे ने 52 साल की उम्र में उनके फैंस को सदमे में छोड़ दिया।
लेकिन उनकी मखमली आवाज के साथ-साथ उनकी गरिमा सैकिया गर्ग संग लव स्टोरी और 15 बच्चों की कहानी अब हर जुबान पर है। आइए, इस मनोरंजक खबर में डूबते हैं - कैसे जुबीन ने गरिमा को दिल दिया, और कैसे कजली जैसे बच्चों ने उनके दिल में जगह बनाई...

Zubeen Garg Wife Garrima Saikia Garg: जुबीन की पत्नी कैसे बनीं गरिमा?
जुबीन गर्ग, जिनका असली नाम जुबीन बोरठाकुर था, ने 4 फरवरी 2002 को असम की मशहूर फैशन डिजाइनर गरिमा सैकिया से शादी रचाई। लेकिन इनकी लव स्टोरी की शुरुआत एक फैन लेटर से हुई। द सेंटिनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गरिमा, जो उस समय बॉम्बे में पढ़ाई कर रही थीं, जुबीन के एल्बम्स 'अनामिका' और 'माया' की दीवानी थीं। उन्होंने दिल से एक खत लिखा, और किस्मत ने जवाब भेज दिया - खुद जुबीन का! गरिमा को घर की याद सता रही थी, और जुबीन उनकी जिंदगी में रोशनी बनकर आए।

Zubeen Garg Children: 15 बच्चों का पिता- 'जुबीन का बड़ा दिल'
जुबीन और गरिमा के कोई जैविक बच्चे नहीं थे, लेकिन जुबीन का दिल इतना बड़ा था कि उन्होंने 15 अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को गोद लिया। चौंकाने वाली बात? कई बार गरिमा को इन बच्चों की खबर बाद में मिलती थी। जुबीन की जिंदगी में बच्चों को गोद लेना कोई प्लान नहीं, बल्कि दिल का कॉल था। उनकी कलागुरु आर्टिस्ट फाउंडेशन के जरिए, वो हमेशा जरूरतमंदों की मदद करते थे - बाढ़ पीड़ितों के लिए कपड़े, दवाइयां, और COVID-19 में अपनी दो मंजिला हवेली को कोविड केयर सेंटर में बदल दिया।

Zubeen Garg Kajli Story: सड़क से जुबीन के दिल तक
इन 15 बच्चों में एक नाम है कजली - वो बच्ची जिसने जुबीन के पिता बनने के जज्बे को नई ऊंचाई दी। एक दिन काम से लौटते वक्त जुबीन की नजर सड़क पर कजली पर पड़ी। वो एक नौकरानी थी, जिसके साथ लगातार दुर्व्यवहार हो रहा था। जुबीन का खून खौल गया। उन्होंने न सिर्फ कजली को बचाया, बल्कि उसके खिलाफ केस लड़ा, जीता, और उसे गोद ले लिया। आज कजली की पढ़ाई और हर जिम्मेदारी जुबीन संभाल रहे थे। गरिमा को जब कजली के बारे में पता चला, तो वो हैरान थीं, लेकिन जुबीन के इस फैसले ने उनका दिल जीत लिया। एक इंटरव्यू में गरिमा ने कहा, 'जुबीन का दिल सुनता है, और वो जो करता है, वो इंसानियत के लिए करता है।'

जुबीन का जुनून: 40 भाषाओं में 32,000 गाने
जुबीन सिर्फ गायक नहीं, एक ऑलराउंडर थे। 40+ भाषाओं में 32,000 से ज्यादा गाने, 12 इंस्ट्रूमेंट्स (ढोल, दोतारा, तबला, गिटार), और असमिया फिल्मों में एक्टिंग-डायरेक्शन। 'मिशन चाइना' और 'कंचनजंघा' ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े। लेकिन उनका असली जादू था लोगों से जुड़ाव - चाहे फैंस हों या जरूरतमंद बच्चे। उनकी बहन जोंकी की 2002 में सड़क हादसे में मौत ने उन्हें झकझोरा, और एल्बम 'शिशु' उसी की याद में बनाया।
गरिमा: जुबीन की ताकत, बच्चों की मां
गरिमा सैकिया गर्ग सिर्फ फैशन डिजाइनर नहीं, बल्कि जुबीन की रीढ़ थीं। जब जुबीन मुंबई के नेमकेयर हॉस्पिटल में बीमार थे, गरिमा ढाल बनकर खड़ी रहीं। 15 बच्चों को गोद लेने के फैसले में वो हमेशा जुबीन के साथ थीं, भले ही कई बार खबर बाद में मिली। उनकी इंस्टाग्राम पोस्ट्स (209K फॉलोअर्स) में जुबीन के साथ उनकी बॉन्डिंग फैंस को इमोशनल कर देती है। एक पुरानी तस्वीर, 2001 की, जहां जुबीन और गरिमा हंसते हुए नजर आए, अब वायरल है - फैंस कह रहे हैं, 'ये प्यार अमर है!'
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विवादों से ऊपर: जुबीन का इंसानियत का पैगाम
जुबीन विवादों में भी रहे - 2019 में 'ब्राह्मण' कमेंट और 2024 में भगवान कृष्ण पर बयान ने हंगामा मचाया। मनीषा हजारिका के साथ कॉपीराइट इश्यू भी चर्चा में रहा। लेकिन जुबीन ने हर बार इंसानियत से जवाब दिया। कजली जैसे बच्चों को घर देना, बाढ़ पीड़ितों के लिए चैरिटी, और COVID में घर दान करना - यही था उनका असली मैजिक।
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