Chand Mera Dil Review: सिर्फ लव स्टोरी नहीं, रिश्तों का आईना है, दिल को छू लेगी 'चांद मेरा दिल', पढ़ें रिव्यू

फिल्म- चांद मेरा दिल (Chand Mera Dil)
स्टारकास्ट- लक्ष्य लालवानी, अनन्या पांडे, अंकुर पोद्दार
डायरेक्टर- विवेक सोनी
रन टाइम- 2 घंटे 16 मिनट
स्टार- 4 (****)

Chand Mera Dil Review: आजकल रोमांटिक फिल्मों में अक्सर वही पुराने फॉर्मूले देखने को मिलते हैं- प्यार, गलतफहमियां और हैप्पी एंडिंग लेकिन फिल्म 'चांद मेरा दिल' उन सभी तय सीमाओं को तोड़ती नजर आती है। ट्रेलर देखकर जो कहानी आपको एक सिंपल कॉलेज रोमांस लगती है, असल में फिल्म उससे कहीं ज्यादा गहरी और इमोशनल है।

Chand Mera Dil Review

फिल्म ने लोगों की जिंदगी की सच्चाई को कैमरे में कैद किया है
खास बात ये है कि फिल्म 'चांद मेरा दिल' के ट्रेलर में जिस 'गलती' का जिक्र बार-बार किया गया, फिल्म उसी एक गलती के असर को बेहद दिल छू लेने वाले अंदाज में सामने लाती है। ये सिर्फ स्क्रीन पर चलने वाली कहानी नहीं लगती बल्कि ऐसा महसूस होता है जैसे किसी ने हमारी और आपके आसपास की जिंदगी को कैमरे में कैद कर लिया हो।

अधूरे रिश्ते और इमोशन्स को देखने लिए देखें फिल्म

रिश्तों की उलझनों, अधूरी बातों और इमोशनल दूरी को फिल्म 'चांद मेरा दिल' ने इतने प्रैक्टिकल तरीके से दिखाया है कि कई लोग खुद को इससे जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। आपको बता दें कि ये फिल्म आज यानी 22 मई 2026 (शुक्रवार) को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।

Drishyam 3 Review: सस्पेंस नहीं, डर और अपराधबोध की कहानी है 'दृश्यम 3', मोहनलाल ने जीता दिल, क्यों देखें फिल्म
Drishyam 3 Review: सस्पेंस नहीं, डर और अपराधबोध की कहानी है 'दृश्यम 3', मोहनलाल ने जीता दिल, क्यों देखें फिल्म

क्या है फिल्म 'चांद मेरा दिल' की कहानी?

-फिल्म 'चांद मेरा दिल' की कहानी आरव (लक्ष्य लालवानी) और चांदनी (अनन्या पांडे) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कॉलेज में मिलते हैं और धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आते हैं। शुरुआत में सबकुछ बेहद खूबसूरत और हल्का-फुल्का लगता है। दोनों की केमिस्ट्री आपको पुराने दौर की रोमांटिक फिल्मों की याद दिलाती है, जहां प्यार को महसूस कराया जाता था सिर्फ दिखाया नहीं जाता था।

-हालांकि कहानी में अचानक ऐसा मोड़ आता है, जो पूरी फिल्म का रंग बदल देता है। एक ऐसी गलती होती है जिसके बाद रिश्तों की चमक के पीछे छुपे दर्द, असुरक्षा और टूटन सामने आने लगती है। यही वजह है कि फिल्म सिर्फ एंटरटेन नहीं करती बल्कि अंदर तक असर छोड़ती है। मेकर्स ने कहानी के बड़े हिस्से को स्पॉइलर से बचाकर रखा है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।

रिश्तों की सच्चाई को बेहद ईमानदारी से दिखाती है फिल्म

-फिल्म की सबसे खास बात इसकी सादगी है। यहां बेवजह का ड्रामा नहीं है, न ही ओवर-द-टॉप इमोशनल सीन। कहानी बहुत धीरे-धीरे आपके दिल में जगह बनाती है। रिश्तों में आने वाली छोटी-छोटी परेशानियां, कम्युनिकेशन गैप और भावनात्मक दूरी को जिस तरह से दिखाया गया है, वह काफी रियल लगता है।

-फिल्म का स्क्रीनप्ले ऐसा है कि आप लगातार कहानी के साथ बहते चले जाते हैं। कई सीन्स ऐसे आते हैं जहां आपको अपनी खुद की रिलेशनशिप या किसी करीबी की कहानी याद आने लगती है। यही कनेक्शन फिल्म को खास बनाता है।

फिल्म की स्टारकास्ट और उनकी दमदार एक्टिंग

-फिल्म के लीड हीरो लक्ष्य लालवानी का काम सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। उनमें एक स्टार वाली मौजूदगी साफ दिखाई देती है। रोमांटिक सीन्स हों, इंटेंस इमोशनल मोमेंट्स या कहानी के डार्क शेड्स- वह हर जगह पूरी पकड़ बनाए रखते हैं। उनकी आवाज, एक्सप्रेशंस और स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें अलग पहचान देती है।

-वहीं मूवी की लीड हीरोइन अनन्या पांडे इस फिल्म की सबसे बड़ी सरप्राइज पैकेज बनकर सामने आती हैं। अक्सर ट्रोलिंग का सामना करने वाली अनन्या यहां बेहद कंट्रोल्ड और मैच्योर परफॉर्मेंस दे रही हैं। उनके अभिनय में इस बार गहराई नजर आती है और कई इमोशनल सीन्स में वह काफी असर छोड़ती हैं। ये कहना गलत नहीं होगा कि ये अब तक का उनका सबसे मजबूत प्रदर्शन है।

-सपोर्टिंग कास्ट में आस्था सिंह और मनीष चौधरी भी अपने किरदारों में ईमानदार नजर आते हैं और कहानी को काफी मजबूती देते हैं।

राइटिंग और डायरेक्शन बनी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत

-फिल्म की राइटिंग इसकी रीढ़ की हड्डी है। अमिताभ भट्टाचार्य और अक्षत घिल्डियाल ने कहानी को बेहद रिलेटेबल रखा है। संवाद साधारण होते हुए भी सीधे दिल तक पहुंचते हैं। कई डायलॉग ऐसे हैं जो थिएटर से बाहर आने के बाद भी याद रहते हैं।

-निर्देशक विवेक सोनी ने फिल्म को बहुत संवेदनशील तरीके से संभाला है। उन्होंने इमोशंस को ओवरड्रामैटिक बनाने के बजाय उन्हें नैचुरल रखा है, जो फिल्म को और ज्यादा असरदार बना देता है।

फिल्म के म्यूजिक ने जीता लोगों का दिल

-अगर इस फिल्म को एक म्यूजिकल लव स्टोरी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। फिल्म का संगीत सिर्फ बैकग्राउंड में बजता नहीं बल्कि कहानी का हिस्सा बनकर चलता है। सचिन-जिगर ने अपने संगीत से फिल्म के इमोशनल असर को कई गुना बढ़ा दिया है।

-हर गाना कहानी के मूड को आगे बढ़ाता है और कई जगहों पर बिना शब्दों के भी बहुत कुछ कह जाता है। लंबे समय बाद किसी रोमांटिक फिल्म का म्यूजिक इतना गहराई से महसूस होता है।

क्यों देखनी चाहिए फिल्म 'चांद मेरा दिल'?

फिल्म 'चांद मेरा दिल' उन लोगों के लिए है जिन्होंने कभी किसी रिश्ते को दिल से जिया है। ये सिर्फ प्यार की कहानी नहीं बल्कि उस दर्द, गलती और समझदारी की कहानी है जो हर रिश्ते को बदल देती है। फिल्म आपको हंसाती है, इमोशनल करती है और कई जगह सोचने पर मजबूर भी करती है। अगर आप ऐसी लव स्टोरी देखना चाहते हैं जो सिर्फ खूबसूरत न लगे बल्कि सच्ची भी महसूस हो तो ये फिल्म आपको जरूर पसंद आएगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+