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Zubeen Garg Death Reactions: असम की गोद हुई सुनी! PM मोदी से लेकर CM हिमंत तक जानें किसने क्या कहा?

Zubeen Garg Death Reactions: असम की सांस्कृतिक धड़कन, गैंगस्टर फिल्म का 'या अली मदद' फेम गायक जुबीन गर्ग अब हमारे बीच नहीं रहे। 52 साल की उम्र में सिंगापुर में एक स्कूबा डाइविंग हादसे ने उनके फैंस और पूरे असम को सदमे में डुबो दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हें 'असम का सबसे प्रिय बेटा' और 'पसंदीदा रॉकस्टार' बताते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी।

आइए, जानते हैं कि कैसे जुबीन की जादुई आवाज ने दिलों को जीता और कैसे उनका अचानक चला जाना असम की गोद को सूनी कर गया...

Zubeen Garg Death News

Zubeen Garg Death Reason: आखिरी सांस तक स्टार बने रहे जुबीन

जुबीन गर्ग सिंगापुर में 4th नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने गए थे, जहां वो 20 सितंबर को अपनी मशहूर हिंदी, बंगाली और असमिया गानों से धमाल मचाने वाले थे। लेकिन, शुक्रवार (19 सितंबर 2025) दोपहर 1-1:30 बजे स्कूबा डाइविंग के दौरान हादसा हो गया। फेस्टिवल के आयोजकों के मुताबिक, जुबीन को सांस लेने में तकलीफ हुई। तुरंत CPR दिया गया और सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया, लेकिन दोपहर 2:30 बजे (IST) डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिंगापुर पुलिस ने उन्हें समुद्र से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद 'असम का सुपरस्टार' नहीं बच सका।

CM Himanta Biswa Sarma का दिल छूने वाला संदेश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, 'आज असम ने अपने सबसे प्रिय बेटों में से एक को खो दिया। मेरे पास शब्द नहीं हैं कि जुबीन असम के लिए क्या मायने रखते थे। वो बहुत जल्दी चले गए, ये जाने की उम्र नहीं थी।' उन्होंने जुबीन की आवाज को 'बेजोड़' बताया, जो 'लोगों में जोश भरती थी और उनके दिल-दिमाग से सीधे बात करती थी।' सरमा ने कहा, 'जुबीन ने एक ऐसा शून्य छोड़ा है जो कभी नहीं भरेगा। हमारी आने वाली पीढ़ियां उन्हें असम की संस्कृति के पुरोधा के रूप में याद रखेंगी। उनके गाने भविष्य के कलाकारों को प्रेरित करेंगे।'

CM ने जुबीन की सामाजिक सक्रियता को भी याद किया:- 'उनके गानों के अलावा, लोगों से उनका जुड़ाव और मदद का जज्बा हमेशा याद रहेगा। मैं उनकी हर बातचीत को संजोऊंगा। वो जादुई आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।' सरमा ने पूरे असम के साथ शोक जताया, और उनकी ये लाइनें फैंस के दिल को चीर गईं - शब्द आज खुद में कैद हैं।

जुबीन गर्ग: असम का सांस्कृतिक सितारा

18 नवंबर 1972 को मेघालय के तुरा में एक असमिया ब्राह्मण परिवार में जन्मे जुबीन का असली नाम जुबीन बोरठाकुर था। उनके पिता मोहिनी मोहन बोरठाकुर (Mohini Mohan Borthakur) मजिस्ट्रेट, गीतकार और कवि थे। मशहूर म्यूजिक कंपोजर जुबिन मेहता (Zubin Mehta) के नाम पर रखा गया, उनका नाम स्टारडम का प्रतीक बन गया। 1998 में असमिया एल्बम 'जौबोनी अमोनी कोरे' से डेब्यू करने वाले जुबीन ने 40+ भाषाओं और बोलियों में गाया - असमिया, बंगाली, हिंदी, और भक्ति गीतों तक।

2006 में 'या अली' (फिल्म: गैंगस्टर) से बॉलीवुड में धमाका करने वाले जुबीन असम की शान थे। 'भोबाई नासिलु', 'रुंजुन', और 'अगोली अनुभबे' जैसे गाने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर लाखों बार सुने गए। वो 12 इंस्ट्रूमेंट्स (ढोल, दोतारा, ड्रम, हारमोनिका, तबला) बजा लेते थे और दुर्गा पूजा के लिए उनके भक्ति गीत फैंस का दिल जीतते थे। उनकी आखिरी सिंगल थी 'माया' का इंग्लिश वर्जन।

Zubeen Garg Last Post: फैंस की आंखें नम

जुबीन की आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट ने फैंस को रुला दिया। फेस्टिवल के लिए उत्साहित जुबीन ने लिखा था, 'मैं पूरे फेस्टिवल में कल्चरल ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर रहूंगा और 20 तारीख को परफॉर्म करूंगा। फ्री एंट्री है, सब आएं और सपोर्ट करें। चीयर्स!' ये वीडियो अब वायरल है, और फैंस उनकी एनर्जी को मिस कर रहे हैं।

Zubeen Garg Tragedy: बहन की भी हादसे में गई थी जान

जुबीन की जिंदगी में ये पहली त्रासदी नहीं थी। 23 साल पहले उनकी बहन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अब जुबीन का जाना उनके परिवार, पत्नी गरीमा सैकिया गर्ग (Garima Saikia Garg), और फैंस के लिए दोहरा दुख लेकर आया।

'संगीत में योगदान के लिए हमेशा रहेंगे याद'

PM मोदी ने कहा कि लोकप्रिय गायक ज़ुबीन गर्ग के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हूं। उन्हें संगीत में उनके अमूल्य योगदान के लिए याद किया जाएगा। उनकी प्रस्तुतियां सभी क्षेत्रों के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय थीं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ऊं शांति।

हस्तियों का शोक: 'असम का सितारा हमेशा चमकेगा'

  • केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल: 'जुबीन असम और देश के लिए अपूरणीय क्षति हैं। उनकी आवाज लाखों लोगों की गर्व थी।'
  • एक्टर आदिल हुसैन: 'जुबीन का योगदान असमिया म्यूजिक के लिए अनमोल था। मैं स्तब्ध हूं।'
  • पूर्व सांसद रिपुन बोरा: 'जुबीन का अडिग जज्बा पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।'
  • असम कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल: 'जुबीन की म्यूजिक ने असम की भाषा और संस्कृति को ग्लोबल स्टेज दिया।'
  • केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू: 'खेलो इंडिया के गायक अब नहीं रहे! हमने एक जादुई आवाज और एक बहुमुखी व्यक्तित्व खो दिया है।उनके सदाबहार गीत आने वाली पीढ़ियों के प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रेरित करेंगे।'

सोशल मीडिया पर फैंस ने उनके लाइव कॉन्सर्ट्स, गानों और पुरानी यादों को शेयर कर श्रद्धांजलि दी। एक फैन ने लिखा, 'जुबीन, तुम्हारी आवाज हमेशा हमारे दिलों में गूंजेगी। अलविदा, लेजेंड!'

Zubeen Garg Magic-जुबीन का मैजिक: असम का गर्व

जुबीन सिर्फ गायक नहीं, असम की सांस्कृतिक पहचान थे। 2022 में डिगबोई के नजीरातिंग तमुली टूरिज्म फेस्टिवल में उनकी 20 फीट ऊंची मूर्ति बनाई गई थी। 2.1 मिलियन मंथली लिसनर्स के साथ स्पॉटिफाई पर उनका जलवा था। अब वो नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज असम के हर कोने में, हर दिल में जिंदा रहेगी। क्या जुबीन का म्यूजिक आपको भी प्रेरित करता था? उनकी फेवरेट सॉन्ग के साथ उन्हें याद करें!

ये भी पढ़ें- Singer Zubeen Dies: अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए फेमस सिंगर जुबीन, सामने आया कमाई का चौंकाने वाला सच

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