क्या ताजमहल के अंदर शिव मंदिर है? परेश रावल की 'द ताज स्टोरी' ने काटा बवाल, क्या है फिल्म की सच्चाई?
The Taj Story Controversy: बॉलीवुड एक्टर परेश रावल की अपकमिंग फिल्म 'द ताज स्टोरी' रिलीज से पहले ही बड़े विवाद में फंस गई है। ये फिल्म आगामी 31 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है, लेकिन पोस्टर रिलीज होते ही इसका विरोध शुरू हो गया है।
'द ताज स्टोरी' को लेकर शुरू हुआ विवाद
दरअसल फिल्म के पोस्टर में परेश रावल ताजमहल के गुंबद को उठाते हुए नजर आ रहे हैं और उसके अंदर से भगवान शिव की मूर्ति दिखाई दो रही है। यही विजुअल लोगों को बिल्कुल रास नहीं आया है और सोशल मीडिया पर खूब बवाल मच गया है।

परेश रावल पर साधा जा रहा है निशाना
-फिल्म का पोस्टर सामने आते ही लोगों ने न केवल कहानी को लेकर बोलना शुरू कर दिया है बल्कि परेश रावल पर भी निशाना साधा जा रहा है। कई यूजर्स ने साफ कह दिया है कि उन्होंने हमेशा परेश रावल को एक संवेदनशील और जिम्मेदार कलाकार माना था, लेकिन ये फिल्म उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।
-वहीं कई लोगों का मानना है कि ये विवाद फिल्म की कमाई पर भी भारी पड़ सकता है। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म की टीम और परेश रावल ने एक डिस्क्लेमर जारी किया है। इसमें कहा गया कि फिल्म 'द ताज स्टोरी' किसी भी धार्मिक भावना को आहत करने के उद्देश्य से नहीं बनाई गई है।
क्या सच में ताजमहल के अंदर शिव मंदिर है?
-इसके अलावा फिल्म मेकर्स ने ये दावा किया है कि इस मूवी का ताजमहल के अंदर शिव मंदिर है, इस बात से कोई लेना-देना नहीं है। प्रोडक्शन हाउस स्वर्णिम ग्लोबल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने साफ किया है कि ये फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों और कोर्टरूम ड्रामा पर आधारित है। साथ ही दर्शकों से अपील की गई कि फिल्म देखने के बाद ही इसे लेकर अपनी राय बनाएं।
-बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी इतिहासकार पीएन ओक के उन विवादित दावों पर आधारित है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ताजमहल पहले तेजो महालय नाम का शिव मंदिर हुआ करता था। हालांकि ये स्मारक मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा बनवाया गया था और इसे 1983 में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया।
-ये फिल्म एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसे अमरीश गोयल ने लिखा है और निर्देशित भी किया है। इसमें परेश रावल के साथ जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, नमित दास और स्नेहा वाघ जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। शुरुआती झलकियों से साफ है कि कहानी ताजमहल के इतिहास और उससे जुड़ी विवादित थ्योरीज पर घूमती है।
फिल्म के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा?
लगातार मिल रही आलोचनाओं से ये साफ है कि द ताज स्टोरी के लिए स्थिति आसान नहीं है। दर्शकों का गुस्सा देखकर ये आशंका जताई जा रही है कि फिल्म को सिनेमाघरों में अच्छी ओपनिंग न मिल पाए। अब देखना होगा कि विवादों के बीच रिलीज होने के बाद इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।












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