हिजाब विवाद में कूदे KRK, कहा- मेरी बीवी और बेटी भी नहीं पहनते हिजाब और बुर्का, लेकिन...
हिजाब विवाद में कूदे KRK, कहा- मेरी बीवी और बेटी भी नहीं पहनते हिजाब और बुर्का, लेकिन...
मुंबई, 11 फरवरी: अभिनेता, लेखक और प्रोड्यूसर कमाल आर खान (केआरके) अब कर्नाटक हिजाब विवाद पर अपनी राय रखी है। कर्नाटक में एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में हिजाब पहनने को लेकर जारी विवाद पर केआरके ने कहा है कि उनकी पत्नी और बेटी भी हिजाब और बुर्का नहीं पहनती है लेकिन ये महिलाओं और लड़कियों की खुद की मर्जी होनी चाहिए। कमाल आर खान ने यह भी कहा है कि भारत के मुसलमान ठीक वही कर रहे हैं जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चाहती है।
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'स्कूल-कॉलेज में बुर्का नहीं पहनना चाहिए...'
कमाल आर खान (केआरके) ने हिजाब विवाद पर एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। 10 फरवरी को किए अपने ट्वीट में कमाल आर खान ने लिखा, ''मेरी पत्नी और बेटी हिजाब या बुर्का नहीं पहनती हैं। और मेरा मानना है कि लड़कियों को स्कूल और कॉलेज में बुर्का नहीं पहनना चाहिए। लेकिन फिर भी ये लड़की की पसंद होनी चाहिए, वो जो भी पहनना चाहती है। किसी को भी भोजन और वस्त्र के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।''

'मुसलमान ठीक वही कर रहे हैं जो भाजपा चाहती है'
कमाल आर खान ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, ''मुसलमान बीजेपी के हाथों में खेल रहे हैं। भाजपा चुनाव के समय ध्रुवीकरण चाहती है और मुसलमान ठीक वही कर रहे हैं जो भाजपा चाहती है।''

'हिजाब-बुर्का को मुद्दा बनाने की कोशिश न करें'
कमाल आर खान (केआरके) ने अपने तीसरे ट्वीट में लिखा, ''मैं सिर्फ भारतीय मुसलमानों को बताना चाहता हूं कि संयुक्त अरब अमीरात में भी एक लड़की स्कूल और कॉलेज की यूनिफार्म के अलावा और कुछ नहीं पहन सकती हैं। इसलिए हिजाब और बुर्का को मुद्दा बनाने की कोशिश न करें।''

जानें क्या है हिजाब विवाद
कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन पिछले महीने उस समय शुरू हुआ जब उडुपी के गवर्नमेंट गर्ल्स पीयू कॉलेज की कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें हिजाब पहनने के बाद कक्षाओं में नहीं जाने दिया गया। तब से, राज्य में अशांति की कई घटनाएं देखी गईं। कर्नाटक सरकार ने 5 फरवरी को सभी स्कूलों और कॉलेजों में एक ड्रेस कोड अनिवार्य करने का आदेश जारी किया, जिसमें "समानता, अखंडता और सार्वजनिक कानून और व्यवस्था को बिगाड़ने वाले" कपड़ों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। यह मामला इसी सप्ताह कर्नाटक हाई कोर्ट पहुंचा, लेकिन अदालत ने बुधवार को कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और मामले को बड़ी पीठ के पास भेज दिया है।












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