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Asrani Sholay Fees: 'शोले' में असरानी को मिला था इतना कम पैसा, कैदी बने अमिताभ बच्चन हो गए मालामाल!

Asrani Sholay Fees: 'अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं हम...' ये डायलॉग सुनते ही हर किसी के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। 1975 की ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले में असरानी का ये किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। लेकिन अब कॉमेडी किंग असरानी, जिन्होंने जेलर साहब का रोल निभाकर अमर पहचान बनाई, अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका जाना सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन उनकी अदाकारी हमेशा याद रहेगी।

शोले के किरदारों की बात करें तो हर एक ने अपनी छाप छोड़ी - जय और वीरू की जोड़ी, बसंती का चुलबुला अंदाज, ठाकुर का बदला और गब्बर का डर। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस वक्त इन सितारों को कितनी फीस मिली थी? कॉमेडी किंग असरानी जैसे सहायक कलाकार जेलर साहब को इतने कम रुपए मिले, कि कैदी बने अमिताभ बच्चन मालामाल हो गए। 3 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 35 करोड़ कमाए, लेकिन फीस का फर्क आज भी चर्चा का विषय है। आइए, जानते हैं शोले के सितारों की फीस का अनकहा राज...

Asrani Sholay fees

सबसे महंगे हीरो वीरू, तीसरे नंबर पर जय

शोले के हीरो धर्मेंद्र (वीरू) को सबसे ज्यादा फीस मिली - 1.5 लाख रुपये। उस दौर में यह बड़ी रकम थी। धर्मेंद्र सुपरस्टार थे, और निर्माता GP सिप्पी ने उन्हें प्राथमिकता दी। फिल्म में धर्मेंद्र का रोल फिल्म की जान था, जो आज भी 'याराना' की मिसाल है।

अमिताभ बच्चन (जय) को 1 लाख रुपये मिले। वे सुपरस्टार बन चुके थे, लेकिन धर्मेंद्र से 50 हजार कम। संजीव कुमार (ठाकुर) को 1.25 लाख मिले। अमिताभ का किरदार फिल्म की आत्मा था, लेकिन फीस में वे तीसरे नंबर पर रहे।

असरानी: जेलर का यादगार रोल, लेकिन फीस सिर्फ हजारों में

असरानी को जेलर के किरदार के लिए 15 हजार रुपये मिले। उनका 'अरे ओ सांबा, कितने आदमी थे?' डायलॉग अमर हो गया, लेकिन सहायक कलाकार होने के कारण फीस कम थी। अमिताभ से 85 हजार कम। असरानी ने बाद में 350+ फिल्मों में काम किया, लेकिन शोले ने उन्हें अमर कर दिया।

अन्य सितारों की फीस: हेमामालिनी 75 हजार, जया बच्चन 35 हजार

  • हेमामालिनी (बसंती): 75 हजार रुपये। उनका 'हवा में उड़ती गई' गाना हिट था।
  • जया बच्चन (राधा): 35 हजार रुपये - सबसे कम। जया की सादगी ने किरदार को जीवंत किया।
  • अमजद खान (गब्बर): 50 हजार रुपये। पहली फिल्म में ही विलेन का आइकॉन बने।
  • संजीव कुमार (ठाकुर): 1.25 लाख रुपये।
  • अन्य: विजू खोटे (काली) को 10 हजार, मैक मोहन (सांभा) को 12 हजार, AK हंगल (इमाम साहब) को 8 हजार।

शोले का बजट और कमाई: 3 करोड़ से 35 करोड़ का सफर

शोले का बजट 3 करोड़ था। सिप्पी ने 2.5 साल लगाए। फिल्म ने 35 करोड़ कमाए, जो उस समय का रिकॉर्ड था। सलिम-जावेद की स्क्रिप्ट और रमेश सिप्पी की दृष्टि ने इसे कालजयी बनाया। आज 50 साल बाद भी यह रीमास्टर्ड वर्जन में रिलीज हो रही है।

असरानी की विरासत: फीस से ज्यादा यादगार किरदार

असरानी (1941-2025) ने 350+ फिल्में कीं। शोले ने उन्हें कॉमेडी का चेहरा बनाया। उनकी फीस कम थी, लेकिन हास्य ने उन्हें अमर कर दिया। निधन के बाद सितारे श्रद्धांजलि दे रहे हैं। शोले की फीस का फर्क बताता है कि उस दौर में सहायक कलाकारों की मेहनत कम आंकी जाती थी। लेकिन असरानी जैसे सितारे किरदारों से अमर हो जाते हैं।

(इनपुट- मीडिया सोर्स)

नोट- वनइंडिया इन तथ्यों पर दावा नहीं करता है।

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