मौत के लिए तरस गई थीं 'ऐ मेरी जोहरा जबीं' वाली फेमस एक्ट्रेस, अकेलेपन और दर्द ने की थी ऐसी हालत
Achala Sachdev: 1960 और 70 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस अचला सचदेव को हिंदी सिनेमा में मदर ऑफ बॉलीवुड के नाम से जाना जाता था। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में मां, दादी और पारिवारिक महिला के ऐसे किरदार निभाए, जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। हालांकि पर्दे पर परिवार को जोड़कर रखने वाली अचला सचदेव की निजी जिंदगी संघर्ष, अकेलेपन और दर्द से भरी रही।
1920 में पेशावर में हुआ था अचला का जन्म
अचला सचदेव का जन्म 3 मई 1920 को पेशावर में एक पंजाबी परिवार में हुआ था, जो आज पाकिस्तान में है। छोटी उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी।

रेडियो अनाउंसर से शुरू हुआ था सफर
-घर संभालने के लिए अचला सचदेव ने ऑल इंडिया रेडियो, लाहौर में रेडियो अनाउंसर के तौर पर काम शुरू किया था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया, जहां उन्होंने आकाशवाणी दिल्ली में फिर से नौकरी शुरू की।
-उसी दौरान अचला सचदेव की मुलाकात फिल्मी दुनिया से जुड़े कई कलाकारों से हुई। इंटरव्यू लेते-लेते अचला का रुझान अभिनय की तरफ बढ़ा और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई।
देव आनंद की बहन बनकर मिली पहचान
-अचला सचदेव ने साल 1950 में फिल्म 'दिलरुबा' (Dilruba) से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उन्होंने लिजेंड्री एक्टर देव आनंद की बहन का किरदार निभाया था। फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और अचला सचदेव की सादगीभरी एक्टिंग ने लोगों का ध्यान खींच लिया था।
-इसके बाद अचला सचदेव बॉलीवुड में मां और बहन के किरदारों के लिए पहली पसंद बन गईं। उन्होंने 'संगम', 'वक्त', 'मिस मैरी' और 'दिल एक मंदिर' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया।
'ऐ मेरी जोहरा जबीं' ने बना दिया अमर
फिल्म 'वक्त' में अचला सचदेव ने एक्टर बलराज साहनी की पत्नी का किरदार निभाया था। इसी फिल्म का मशहूर गाना 'ऐ मेरी जोहरा जबीं' आज भी सदाबहार गीतों में गिना जाता है। इस गाने में अचला सचदेव और बलराज साहनी की जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया था। ये सॉन्ग आज भी पुरानी फिल्मों के सबसे आइकॉनिक रोमांटिक गानों में शामिल है।
दो शादियां लेकिन जिंदगी में नहीं मिला सुकून
-अचला सचदेव की पर्सनल लाइफ भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। उन्होंने दो शादियां की थीं। उनके पहले पति ज्ञान सचदेव (Gyan Sachdev) थे, जिनसे उनका एक बेटा हुआ था। हालांकि कुछ समय बाद दोनों का रिश्ता टूट गया और उनका बेटा अमेरिका में जाकर बस गया।
-इसके बाद अचला सचदेव ने Clifford Douglas Peters से दूसरी शादी की थी। शादी के बाद वह पुणे में रहने लगी थीं लेकिन कुछ सालों बाद उनके दूसरे पति का भी निधन हो गया। इसके बाद अचला पूरी तरह अकेली पड़ गईं।
आखिरी दिनों में ऐसी हो गई थी अचला सचदेव की हालत
-सितंबर 2011 में अचला सचदेव के साथ एक दर्दनाक हादसा हुआ था। वह अपने घर की रसोई में फिसलकर गिर गई थीं। इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। वहीं इस घटना की जांच के दौरान उनके दिमाग में कई एम्बोलिज्म पाए गए थे, जिसके बाद वह पैरालाइज्ड हो गई थीं।
-धीरे-धीरे अचला सचदेव की आंखों की रोशनी भी चली गई थी। उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें पहचान पाना भी मुश्किल हो गया था। कई रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि वह अक्सर मौत के लिए तरसती नजर आई थीं।
-करीब 3 महीने तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद 30 अप्रैल 2012 को अचला सचदेव ने अंतिम सांस ली थी। सबसे दुखद बात ये रही कि जिंदगी के आखिरी दिनों में वह बिल्कुल अकेली रह गई थीं।
'कभी खुशी कभी गम' थी आखिरी फिल्म
लगभग सात दशक के लंबे करियर में अचला सचदेव ने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। उनकी आखिरी फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' थी जिसके डायरेक्टर करण जौहर थे। इस फिल्म में अचला सचदेव ने शाहरुख और ऋतिक रोशन की दादी का किरदार निभाया था। हमेशा की तरह उनकी सहज और भावुक अदाकारी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था।













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