Indian Book of Records में दर्ज है अमित का नाम, Sports Career पड़ा संकट में, CM भूपेश ने मिलने की जताई इच्छा
छत्तीसगढ़ की होनहार खेल प्रतिभा बेहद संघर्ष के दौर से गुजर रही है। दुर्ग जिले के भिलाई शहर में रहने वाले 24 वर्ष के अमित सिंह ने एक आर्म रेसलर हैं। इंडियन बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में उनका नाम एक मिनट में 84 पुशअप्स मारने का रिकॉ
छत्तीसगढ़ की होनहार खेल प्रतिभा बेहद संघर्ष के दौर से गुजर रही है। दुर्ग जिले के भिलाई शहर में रहने वाले 24 वर्ष के अमित सिंह एक आर्म रेसलर हैं। इंडियन बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में उनके नाम एक मिनट में 84 पुशअप्स मारने का रिकॉर्ड दर्ज है। इस होनहार युवा की उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ को नाज जरूर है,लेकिन दुविधा देखिये ,वह अपना खेल आगे भी जारी रख सके,उस वास्ते परिवार को छोड़कर कोई भी उसके साथ नहीं खड़ा है।

1 मिनट में 84 पुशअप्स लगाने वाले पहले भारतीय
हाल ही में अमित सिंह ने 1 मिनट में 84 पुशअप्स लगाकर इंडियन बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाया था। यह कीर्तिमान दर्ज करने वाले अमित पहले भारतीय हैं। अमित सिंह ने वन इंडिया को बताया कि उनके नाम कई अन्य रिकॉर्ड दर्ज हैं।राष्ट्रीय आर्मरेसलिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल करने के अलावा ग्वालियर के मोस्ट पुशअप्स इन वन टाइम मैच में उन्होंने 183 पुशअप्स लगाकर रिकॉर्ड दर्ज बनाया था। अमित ने बताया कि वह गोला फेंक की विधा में भी पारंगत हैं।

देश के लिए खेलकर नाम कमाना है मकसद
अमित सिंह ने बताया कि उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई की है,लेकिन उनके जीवन का मकसद खेल की दुनिया में देश का नाम रौशन करना है। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए वह दिन जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि यह युवा खिलाडी बिना किसी कोच और सरकारी मदद के लगातार सफलता के झंडे गाड़ता ही जा रहा है।

खेल आगे जारी रखना पड़ रहा है मुश्किल,मदद की है दरकार
वन इंडिया हिंदी से चर्चा के दौरान अमित सिंह ने कहा कि मै एक बेहद ही साधारण परिवार से हूं, मेरे पिता प्राइवेट जॉब करते हैं ,क्योंकि मै जिस स्पोर्टस में हूं ,उसमे फिटनेस और पावर बरकरार रखने के लिए डाइट को लेकर काफी खर्च आता है,जो आगे समस्या बनती जा रही है। अमित ने बताया कि उसे डाइट में हर महीने लगभग 15000 हज़ार रुपये का खर्च करना पड़ता है, जो उनके पिता उठाते हैं,लेकिन तनख्वाह का एक बड़ा हिस्सा डाइट में चले जाने के कारण परिवार भी आगे मदद कर सकने में असमर्थ हैं।

सीएम भूपेश बघेल से मिलना चाहते हैं अमित
अमित सिंह ने बताया कि उसने बिना किसी सहयोग और कोच के नेशनल लेवल तक जगह बनाई है और आज तक एक भी मैच नहीं हारा है,लेकिन उन्हें अब अपना खेल करियर आगे जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है। अमित ने आगे कहा कि मैं बिना किसी कोच और मदद के इतनी उपलब्धियां हासिल कर सकता हूं,तो आप ही सोचिये सरकार यदि मदद करे,तो मै अपने देश और राज्य के लिए कितने मैडल ला सकता हूं। उन्होंने कहा कि खेल उनका पैशन हैं और वह एक बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलना चाहते हैं,ताकि वह अपनी समस्या से अवगत करा सकें।
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