Yoga Day 2026: दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने झील किनारे किया योग, फिटनेस मंत्रा के साथ-साथ क्या दिया संदेश?
Delhi CM Rekha Gupta Yoga Day: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशभर में योग कार्यक्रमों की तस्वीरें सामने आईं, लेकिन दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी वाला कार्यक्रम सिर्फ योगाभ्यास तक सीमित नहीं रहा। राजधानी के आसोला-भाटी क्षेत्र में आयोजित इस आयोजन के जरिए स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवनशैली का एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की गई। यही वजह है कि यह कार्यक्रम सामान्य सरकारी आयोजन से अलग नजर आया।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आसोला-भाटी स्थित नीली झील के किनारे सैकड़ों योग साधकों के साथ योग किया। इस वर्ष योग दिवस की थीम "योग फॉर हेल्दी एजिंग" रखी गई, जिसका उद्देश्य लोगों को बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, विधायक करतार सिंह तंवर, वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। खुले प्राकृतिक वातावरण में आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य और प्रकृति के बीच संबंध को रेखांकित करता दिखाई दिया।
सिर्फ व्यायाम नहीं, जीवनशैली का संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसने पूरी दुनिया को संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने का रास्ता दिखाया है। उनके मुताबिक योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का विज्ञान भी है।
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में बढ़ते तनाव, मानसिक दबाव और अनियमित दिनचर्या के बीच योग लोगों को मानसिक शांति, ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान कर सकता है। यही वजह है कि सरकार योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित रखने के बजाय नियमित जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दे रही है।
Green Delhi Mission: योग के बाद नर्सरी निरीक्षण क्यों अहम?
योग कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने अभयारण्य परिसर में विकसित विकसित भारत नर्सरी का भी निरीक्षण किया। यह दौरा केवल औपचारिक नहीं था बल्कि दिल्ली के हरित विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा का हिस्सा था।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने देशी प्रजातियों के पेड़-पौधों की खेती, जैव विविधता संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही नर्सरी में तैयार किए जा रहे पौधों की गुणवत्ता, संरक्षण उपायों और पर्यावरणीय परियोजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया।
दिल्ली सरकार इस आयोजन के जरिए यह संदेश देना चाहती थी कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ पर्यावरण दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। आसोला-भाटी वन्यजीव अभयारण्य जैसे प्राकृतिक क्षेत्र में योग कार्यक्रम आयोजित करने के पीछे भी यही सोच दिखाई देती है। योग, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़कर सरकार ने नागरिकों को यह संकेत देने की कोशिश की कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकती है।
दुनियाभर में मनाया जा रहा है योग दिवस
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज केवल भारत का कार्यक्रम नहीं रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी थी। तब से दुनिया के अनेक देशों में बड़े स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी वैश्विक संदेश का हिस्सा था, जहां योग को स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत जीवनशैली से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।














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