'Shri Rambhumi' में क्या होगा अनुपम खेर का किरदार? सच आया सामने, कहानी में होगी 'चढ़ावा चोरी' का बात?
Shri Rambhumi: बॉलीवुड के दमदार एक्टर अनुपम खेर हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म 'श्री रामभूमि' को लेकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। आपको बता दें कि अनुपम खेर अपनी इस फिल्म की शूटिंग शुरू करने से पहले अयोध्या में प्रभु रामलला का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। खबर है कि इस फिल्म की शूटिंग अयोध्या में शुरू हो चुकी है और लोग इसे लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
'श्री रामभूमि' के सेट से अनुपम खेर ने शेयर की फोटो
इसी बीच आज यानी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को अनुपम खेर ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'श्री रामभूमि' के सेट से एक खास तस्वीर लोगों के साथ शेयर की है और साथ ही इस फिल्म में अपने निभाए गए किरदार को लेकर भी कई खुलासे किए हैं।

अनुपम खेर के लुक ने लोगों का दिल जीता
अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म 'श्री रामभूमि' के सेट से कई खास तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में अनुपम खेर सफेद रंग का कुर्ता पजामा और साथ में अंगोछा पहने नजर आ रहे हैं। इस लुक में एक्टर के माथे पर सफेद और लाल रंग का टीका लगा हुआ है और साथ ही उन्होंने चश्मा पहन रखा है।
'श्री रामभूमि' में कौन सा किरदार निभा रहे हैं अनुपम खेर?
-अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर अपनी आने वाली फिल्म 'श्री रामभूमि' की खास तस्वीरे पोस्ट करने के साथ साथ मूवी में अपने किरादर को लेकर भी खुलासा किया है। अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि सोशल मीडिया में उनके लुक की तस्वीरें आने के बाद उन्होंने खुद ही फैंस को अपने किरदार के बारे में बताने का फैसला कर लिया है। एक्टर ने बताया कि वह इस फिल्म में अशोक सिंघल की भूमिका निभा रहे हैं।
-अनुपम खेर ने पोस्ट के कैपश्न में लिखा है- अब जबकि मेरे द्वारा निभाए जा रहे किरदार की कुछ तस्वीरें मीडिया में आ चुकी हैं, तो मुझे लगा कि आप सबको मैं खुद ही बता दूं कि मैं किस भूमिका में नजर आने वाला हूं। फिल्म श्री रामभूमि में, मैं श्री अशोक सिंघल जी की भूमिका निभा रहा हूं। वह एक ऐसे व्यक्तित्व है, जिन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को अपनी पूरी निष्ठा, दृढ़ संकल्प और समर्पण से दिशा दी थी।
अनुपम खेर ने बताया कौन थे अशोक सिंघल
अनुपम खेर ने आगे लिखा है- अशोक सिंघल केवल एक नेता नहीं बल्कि प्रभु श्रीराम के अनन्य सेवक थे। उनकी आस्था, उनकी संवेदनशीलता और उनके अटूट विश्वास ने इस आंदोलन को एक नई ऊर्जा दी है। इतिहास के ऐसे व्यक्तित्व को पर्दे पर ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जीवंत करना मेरे लिए एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैं पूरी निष्ठा से अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा। आप सबके आशीर्वाद और शुभकामनाओं की जरूरत रहेगी। जय श्री राम।
क्या फिल्म में दिखाया जाएगा 'राम मंदिर चढ़ावा चोरी' का हिस्सा?
-जानकारी के अनुसार अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद जांच शुरू की गई। आरोप है कि दान पेटियों और चढ़ावे के प्रबंधन में वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियों ने संबंधित कर्मचारियों और व्यवस्थाओं की पड़ताल शुरू की। हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया।
-अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ये मामला सामने आने के बाद मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा, पारदर्शिता और लेखा-जोखा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ जांच की जाएगी और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। हालांकि इस हिस्से को फिल्म में दिखाया जाएगा या नहीं इस पर कोई सटीक जानकारी सामने नहीं आई है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कौन-कौन हैं आरोपी?
-अब तक सामने आई जांच और एफआईआर के अनुसार इस मामले में दो तरह के नाम चर्चा में हैं, एक वो हैं जिनके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज हुई है और दूसरे वो जिनका नाम एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट में कथित प्रशासनिक जिम्मेदारी के संदर्भ में आया है।
-एफआईआर में नामजद 8 आरोपियो के नाम, अविनाश शुक्ला (मुख्य आरोपी), अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रामशंकर यादव (टिन्नू यादव), सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा हैं।
एसआईटी रिपोर्ट में जिनका नाम जिम्मेदारी के संदर्भ में सामने आया है, वो हैं-
1. डॉ. अनिल मिश्रा (पूर्व ट्रस्ट सदस्य)- एसआईटी ने दान प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही का उल्लेख
2. सुभाष श्रीवास्तव (दान गणना प्रभारी)- एसआईटी के अनुसार सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने के आरोप
-फिलहाल अविनाश शुक्ला को एसआईटी ने इस कथित चोरी का मुख्य आरोपी बताया है। डॉ. अनिल मिश्रा और अन्य जिनका नाम एसआईटी रिपोर्ट में आया है, उनके संबंध में जांच जारी है। जांच पूरी होने और अदालत में दोष सिद्ध होने तक किसी को भी कानूनी रूप से दोषी नहीं माना जा सकता।












Click it and Unblock the Notifications