पकड़ौआ विवाह या दहेज का खेल? शादी के बीच शुरू हुआ गजब ड्रामा, दूल्हा बोला-इससे नहीं इसकी बहन से करनी थी
Barh Pakadua Vivah: शादी हुई, नाच गाना हुआ और जब मैरिज रजिस्टर करने के लिए कोर्ट पहुंचे तब लड़के ने जो कहा वो सुनकर सबके होश उड़ गए। जिस शादी को कानूनी मंजूरी मिलने वाली थी, वही कुछ मिनटों में बड़े विवाद में बदल गई। मामला बिहार के बाढ़ सिविल कोर्ट का है। कोर्ट में जैसे ही कोर्ट मैरिज का प्रोसेस शुरू हुआ, दूल्हे ने अचानक डाक्यूमेंट्स पर साइन करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कोर्ट में जोरदार हंगामा खड़ा हो गया।
लड़के का दावा है कि उसके साथ जबरदस्ती की गयी है और उसकी ये शादी कोई आम शादी नहीं बल्कि पकड़ौआ विवाह है। लड़के का कहना है कि वो सीता को नहीं उसकी बहन ईशा को पसंद करता है और उससे शादी करना चाहता था। जबकि लड़की और उसके परिवारवाले अलग ही कहानी सुना रहे हैं।

लड़की का कहना है कि लड़का उसका प्रेमी है जबकि लड़की के घरवाले लड़के पर 20 लाख दहे मांगने का आरोप लगा रहे हैं। लड़की पक्ष का कहना है कि पैसे ना मिलने के कारण लड़के ने ये पकड़ौआ विवाह की बात कही। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद के बाद पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। अब यह मामला जांच का विषय बन गया है।
दहेज का चक्कर या पकड़ौआ विवाह, क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला बिहार के बाढ़ का है। दूल्हा नीतीश कुमार और दुल्हन सीता देवी कोर्ट मैरिज के लिए पहुंचे थे। रजिस्ट्री के प्रोसेस के दौरान जैसे ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की बारी आई, नीतीश ने साफ़ इनकार कर दिया। साइन करने से जैसे ही दूल्हा पीछे हटा कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई और जमकर हंगामा हुआ।
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नीतीश कुमार का कहना है कि वह सीता देवी से नहीं, बल्कि उसकी छोटी बहन ईशा से शादी करना चाहता था। उसका आरोप है कि उसे सीता ने बहाने से गांव बुलाया। बाद में सीता के घरवालों ने मिलकर, दबाव बनाकर गांव के एक मंदिर में सीता के साथ जबरन फेरे करा दिए। मिली जानकारी के अनुसार सीता और नीतीश करीब दो महीने पहले एक रिश्तेदार की शादी में मिले थे। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी। बुधवार को सीता ने नीतीश से बेगूसराय के जीडी कॉलेज से उसे घर छोड़ने को किया। यहीं से इस कहानी में नया मोड़ आ गया।
'रातभर रोका, मारपीट की और मंदिर में शादी करा दी'
दूल्हे नीतीश का आरोप है कि सीता के घर पहुंचने के बाद उसके परिवारवालों ने उसे रात में वहीं रुकने के लिए कहा। उसने आरोप लगाया कि सीता के घर पर रोकने के बाद उनलोगों ने उसके साथ मारपीट की गई और अगले दिन गांव के पास वाले एक मंदिर में उसकी मर्जी के बिना शादी करा दी। उसने यह भी कहा कि सीता देवी अक्सर उसे फोन करती थी और बात न करने पर आत्महत्या करने की धमकी भी देती थी। बता दें, सीता देवी तलाकशुदा है और पहली शादी से उसे एक बच्चा भी है जो उसके साथ ही रहता है।
'दहेज के लिए बदल रहा है बयान'
दूसरी तरफ लड़की पक्ष ने युवक के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि नीतीश ने शादी के बाद 20 लाख रुपये दहेज की मांग शुरू कर दी। जब मांग पूरी नहीं हुई तो अब वह शादी से मुकर रहा है और जबरन शादी की कहानी बना रहा है।
दुल्हन सीता हाथीदह की रहने वाली है और पटना के एक अस्पताल में निजी नर्स है। उसका कहना है कि उसने पहले ही नीतीश को सबकुछ बता दिया था कि वो तलाकशुदा है और उसकी एक बेटी है, जो उसके साथ रहती है। सीता के मुताबिक दोनों पिछले दो महीने से रिलेशन में थे और अपनी मर्जी से मंदिर में शादी की है। कोर्ट में वो उसी शादी को कानूनी रूप देने गए थे।
कोर्ट परिसर से दोनों पक्ष पहुंचे थाने
दूल्हे के साइन करने से इनकार करने के बाद कोर्ट परिसर में माहौल बिगड़ गया। बढ़ते हंगामे को देखते हुए सुरक्षा गार्ड ने दोनों पक्षों को रोक लिया और बाढ़ थाना पुलिस को बुलाया। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गयी और अब आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
अवर निबंधक से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें इस विवाद की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि उस दिन कोर्ट मैरिज का एक शेड्यूल जरूर तय था, लेकिन संबंधित युवक-युवती की ओर से नियमानुसार शादी के लिए आवेदन ही जमा नहीं कराया गया था। ऐसे में जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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