कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से हुईं मौतों के मामले में गहन जांच की जरूरत- मनीष सिसोदिया
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि राजधानी दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के मामले में गहन जांच होनी चाहिये।
नई दिल्ली, 10 अगस्त। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि राजधानी दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के मामले में गहन जांच होनी चाहिये। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी जल्द ही इस संबंध में केंद्र के साथ विवरण साझा करेगी। सिसोदिया ने कहा, 'हमें कोरोना की अंतिम लहर के दौरान बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन संकट का सामना करना पड़ा। एक सरकार के तौर पर हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठा रहे है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न पैदा हो, लेकिन हम केंद्र सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील करते हैं।

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उन्होंने कहा कि मुझे आज ऐसी खबरें मिली हैं जिनमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने दावा किया है कि उसने अब तक 13 राज्यों से ऑक्सीजन से होने वाली मौतों पर प्रतिक्रिया मांगी, जिनमें से केवल एक ने ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई मौतों को स्वीकार किया है। हमें यह भी पता चला है कि राज्यों को इस मुद्दे पर केंद्र के सवालों का जवाब देने के लिए 13 अगस्त तक का समय दिया गया था। हालांकि, हमें केंद्र सरकार की ओर से ऑक्सीजन से होने वाली मौतों पर जवाब देने के लिए कोई पत्र नहीं मिला है।
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मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बातें कहीं। 20 और 22 अप्रैल को कोरोना की पीक के दौरान दिल्ली में कोरोना के एक दिन में 28,300 मामले दर्ज किए गए, जिसकी वजह से पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 36% हो गया। माना जाता है कि उस समय के आसपास, दो अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण कम से कम 31 कोविड रोगियों की मृत्यु हो गई थी। उसी दौरान कुछ अन्य राज्यों से भी ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद केंद्र और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया जब केंद्र ने संसद में बताया कि कि किसी भी राज्य ने महामारी की दूसरी लहर से होने वाली मौतों के कारण के रूप में ऑक्सीजन की कमी की पहचान नहीं की है।
सिसोदिया ने आगे कहा कि हम स्वीकार करते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन का संकट हुआ, लेकिन बिना किसी जांच के यह कहना मुश्किल है कि क्या इससे मौतें हुई हैं या नहीं। हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच हो। बता दें कि 4 मई को दिल्ली सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि एक विशेषज्ञ समिति यह पता नहीं लगा सकी है कि राजधानी के जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 21 मौतें हुई हैं या नहीं। फिर क्या था केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट को अपने बचाव के रूप में इस्तेमाल किया और विपक्ष पर ऑक्सीजन से संबंधित मौतों के मामले को बेवजह उछालने का आरोप लगाया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने कहा कि राजधानी के जयपुर गोल्डन अस्पताल में हुई मौतों के मामले में जो रिपोर्ट सौंपी गई है वह शुरुआती जांच के आधार पर थी, जबकि इस मामले में और अधिक जांच की जरूरत है।
सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि इस मामले में जांच के लिए राज्यों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। इसके बिना वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते। हालांकि हमसे ऑक्सीजन से हुई मौतों के मामले में कोई प्रतिक्रिया देने को नहीं कहा गया लेकिन फिर भी हम केंद्र से इस मामले में जल्द ही जानकारी साझा करेंगे और मेरी अपील है कि इसे अन्य राज्यों के विवरण के साथ सार्वजनिक किया जाए।












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