Israel defense Export: युद्ध के बीच इजरायल ने रचा इतिहास! हथियार बेचने में तोड़ा रिकॉर्ड, पुतिन को लगा झटका
Israel defense Export Record: दुनियाभर में जारी संघर्षों और विरोध के बीच इजरायल ने रक्षा बाजार में नया रिकॉर्ड बना दिया है। साल 2025 में देश का रक्षा निर्यात 19.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 30% ज्यादा है। खास बात यह है कि गाजा युद्ध और अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के बावजूद इजरायली हथियारों की मांग लगातार बढ़ रही है।
मिसाइल, रॉकेट और एयर डिफेंस सिस्टम इस सफलता की सबसे बड़ी वजह बने हैं। वहीं कभी हथियार बाजार में मजबूत पकड़ रखने वाला रूस लगातार पीछे खिसकता जा रहा है। इससे वैश्विक रक्षा बाजार का संतुलन बदलता नजर आ रहा है।

Israel 19 billion Weapon Sales: इजरायल ने कैसे बनाया नया रिकॉर्ड?
इजरायल के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2025 में रक्षा निर्यात 19.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह लगातार पांचवां साल है जब देश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 2024 में यह आंकड़ा 14.8 अरब डॉलर था, जबकि 2023 में करीब 13 अरब डॉलर रहा था। पिछले पांच वर्षों में इजरायल का रक्षा निर्यात दोगुने से भी ज्यादा हो चुका है। बड़ी संख्या में देशों ने इजरायली रक्षा तकनीक और हथियारों में रुचि दिखाई है, जिससे बिक्री में तेज बढ़ोतरी हुई।
कौन से हथियारों की सबसे ज्यादा मांग है?
इजरायल की सफलता के पीछे उसके मिसाइल, रॉकेट और एयर डिफेंस सिस्टम सबसे बड़ी ताकत बने हैं। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कुल रक्षा सौदों का लगभग 29% हिस्सा इन्हीं सिस्टम्स का रहा। इसके अलावा निगरानी उपकरण, ऑप्ट्रोनिक्स, रडार और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की मांग भी तेजी से बढ़ी है। कई देश ऐसे हथियार खरीदना चाहते हैं जो वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित कर चुके हों। यही कारण है कि इजरायली सिस्टम्स को वैश्विक बाजार में मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है।
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युद्ध के बावजूद सप्लाई कैसे जारी रही?
अक्टूबर 2023 के बाद से इजरायल लगातार कई सुरक्षा मोर्चों पर सक्रिय रहा है। इसके बावजूद वहां की रक्षा कंपनियों ने घरेलू जरूरतों के साथ-साथ विदेशी ग्राहकों को भी समय पर डिलीवरी दी। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि युद्धकालीन परिस्थितियों में भी कंपनियों ने उत्पादन जारी रखा और सैकड़ों नए अंतरराष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए। इससे दुनिया को यह संदेश गया कि कठिन हालात में भी इजरायल अपने रक्षा समझौतों को पूरा करने में सक्षम है और उसकी सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है।
रूस का हथियार बाजार क्यों कमजोर पड़ा?
जहां इजरायल आगे बढ़ रहा है, वहीं रूस को बड़े झटके लगे हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार यूक्रेन युद्ध, आर्थिक दबाव, प्रतिबंधों और उत्पादन संबंधी चुनौतियों ने रूस के रक्षा निर्यात को प्रभावित किया है। कई देशों ने वैकल्पिक सप्लायर तलाशने शुरू कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के कारण रूस का ध्यान घरेलू सैन्य जरूरतों पर ज्यादा केंद्रित हो गया, जिससे वैश्विक बाजार में उसकी हिस्सेदारी कम हुई। इसी खाली जगह को अब दूसरे देश, खासकर इजरायल, भरने की कोशिश कर रहे हैं।
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वैश्विक हथियार बाजार में क्या बदल रहा है?
Stockholm International Peace Research Institute के अनुसार इजरायल पहले से ही दुनिया के प्रमुख हथियार निर्यातकों में शामिल है। 2021-2025 की अवधि में उसकी वैश्विक हिस्सेदारी 4.4% रही। अब 2025 की रिकॉर्ड बिक्री के बाद उसकी स्थिति और मजबूत होने की संभावना है। यूरोप, एशिया-प्रशांत और मध्य पूर्व के कई देशों ने इजरायली रक्षा सिस्टम में रुचि दिखाई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में एयर डिफेंस, ड्रोन रोधी तकनीक और एडवांस सर्विलांस सिस्टम की मांग और बढ़ सकती है।












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