Saurabh Bhardwaj: दिल्ली में मिली हार से बौखलाई AAP! सौरभ भारद्वाज ने किसे कह दिया 'बेवफा'?
Saurabh Bhardwaj: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को मिली करारी हार के बाद पार्टी के अंदर बौखलाहट है। अरविंद केजरीवाल सहित मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज जैसे आम आदमी पार्टी के जाने माने नाम चुनाव में अपनी सीट तक नहीं बचा पाए हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की हार के बाद पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ लोगों को 'बेवफा' बताया है। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो पहले लोकसभा में भाजपा को वोट देते थे और विधानसभा में AAP का समर्थन करते थे, लेकिन इस बार वे भाजपा के साथ ही बने रहे। भारद्वाज ने अपनी बात समझाने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल हुए 'सोनम गुप्ता बेवफा है' मीम का भी जिक्र किया।

AAP नेता ने यूट्यूब पर अपना नया चैनल 'बेरोजगार नेता' शुरू किया है। चुनाव हारने के बाद शुरू किए इस चैनल पर सौरभ वीडियो पोस्ट किया करते हैं। इसी पर उन्होंने 'सोनम गुप्ता बेवफा है' मीम का जिक्र करते हुए दिल्ली के चुनाव में किसने बेवफाई की इसके बारे में बात की है।
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भाजपा के पास स्थायी 32-33% वोटर्स
यूट्यूब पर दिल्ली चुनाव के नतीजों का विश्लेषण करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में 32-33% ऐसे वोटर्स हैं जो हर चुनाव में भाजपा का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा का एक वोटर बेस है, जिसे किसी भी मुद्दे से फर्क नहीं पड़ता। चाहे जनलोकपाल आंदोलन हो या AAP की प्रचंड लहर, वे हमेशा भाजपा को ही वोट देते हैं।" भारद्वाज ने याद किया कि 2015 में जब AAP ने 67 सीटें जीती थीं, तब भी भाजपा को 32% वोट मिले थे।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का यह स्थायी वोटर समूह किसी भी परिस्थिति में अपनी पार्टी से नहीं हटता। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली में चाहे महंगाई बढ़ी हो, बेरोजगारी बढ़ी हो या फिर अन्य किसी तरह की समस्याएं आई हों, यह वर्ग फिर भी भाजपा के समर्थन में ही खड़ा रहता है।
18% वोटर बदलते थे रुख, इस बार नहीं हुआ ऐसा
सौरभ भारद्वाज ने 2014, 2015, 2019 और 2020 के चुनावी ट्रेंड का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में करीब 18% वोटर ऐसे थे जो लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट देते थे और विधानसभा चुनाव में AAP का समर्थन करते थे। इस वजह से दिल्ली में भाजपा लोकसभा चुनाव में पूरी तरह से जीतती थी, जबकि विधानसभा चुनाव में AAP को भारी बहुमत मिलता था।
लेकिन इस बार यह पैटर्न नहीं दिखा। उन्होंने कहा, "इस बार 9% वोटर तो AAP के साथ आया, लेकिन 9% वोट भाजपा के पास ही रह गया। यही 9% वोट आम आदमी पार्टी का इंतजार कर रहा था, लेकिन उसने साथ नहीं दिया।"
'AAP को फिर मिलेगा समर्थन'
हालांकि, सौरभ भारद्वाज को भरोसा है कि ये वोटर दोबारा AAP के पास लौटेगा। उन्होंने कहा, "भाजपा को इस बात से ज्यादा खुश नहीं होना चाहिए कि 9% वोटर ने इस बार AAP का साथ नहीं दिया। यह हमेशा ऐसा नहीं रहेगा। आज नहीं तो कल यह वोटर फिर हमारी तरफ आएगा।"
उन्होंने कहा कि यह 9% वोटर उन परिस्थितियों को देखकर फैसला करता है और भविष्य में जब उन्हें AAP की नीतियां बेहतर लगेंगी तो वे दोबारा AAP की ओर आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में यह बदलाव आते रहते हैं और किसी भी पार्टी को यह नहीं मानना चाहिए कि कोई वोटर हमेशा के लिए एक ही पार्टी के साथ रहेगा।
किसे बताया 'बेवफा'
दिल्ली चुनाव के नतीजों पर बोलते हुए भारद्वाज ने मजाकिया अंदाज में कहा, "मुझे याद है, नोट पर लिखा जाता था 'सोनम गुप्ता बेवफा है'। आज अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी कह सकते हैं कि 9% वोटर बेवफा निकला।"
उन्होंने कहा कि AAP को उम्मीद थी कि इस बार भी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पहले जैसा ट्रेंड देखने को मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बार भाजपा को वही 9% वोट ज्यादा मिल गया, जिससे AAP को नुकसान हुआ।
भाजपा और AAP के बीच वोट शेयर में कम अंतर
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि इस बार भाजपा और AAP के बीच वोट शेयर का अंतर सिर्फ 2% रहा, लेकिन भाजपा को 48 सीटें मिलीं, जबकि AAP को सिर्फ 22। उन्होंने कहा, "फिलहाल, कहा जा सकता है कि सोनम गुप्ता बेवफा है और 9% वोटर इस बार बेवफा निकला।"
उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनाव इस बात का सबूत है कि AAP को अभी और मेहनत करने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पार्टी अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से जनता को दोबारा अपने पक्ष में कर सकेगी।
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