Delhi NCR AQI Today: कब तक सुधरेंगे दिल्ली-एनसीआर में हालात? इस दिन प्रदूषण पर होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
Delhi NCR AQI Today: राजधानी दिल्ली की हवा बेहद खराब हो चुकी है और लोगों का स्वास्थ्य गंभीर संकट में है। 27 नवंबर 2025 की सुबह 08:57 बजे शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 483 दर्ज किया गया, जो हवा को 'खतरनाक' (Hazardous) श्रेणी में रखता है।
यह स्तर इतना खराब है कि यह पूरी आबादी के लिए गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव पैदा कर सकता है। ठंड बढ़ने, हवा की रफ्तार कम होने और बादलों की वजह से प्रदूषण नीचे ही जम गया है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। दिल्ली के कई इलाकों में सुबह की धुंध के साथ प्रदूषण और भी घना हो गया।

PM 2.5 और PM 10 दोनों के स्तर बेहद ऊंचे पाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने ज्यादा स्तर पर हवा कुछ ही घंटों के संपर्क में आने से भी सांस लेने में तकलीफ, सीने में भारीपन, खांसी और आंखों में जलन हो सकती है।
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| पैरामीटर | मान | श्रेणी | स्वास्थ्य असर |
| AQI | 483 | खतरनाक | स्वस्थ लोगों पर भी असर, श्वसन और हृदय रोगियों के लिए गंभीर खतरा |
| PM 2.5 | 348 | गंभीर | फेफड़ों तक पहुंचकर नुकसान करता है |
| PM 10 | 460 | गंभीर | सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन |
| तापमान | 12.2°C | ठंड + प्रदूषण | तापमान कम होने से प्रदूषण जमीन के पास फंसा रहता है |
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण पर सोमवार को सुनवाई
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई सोमवार तय की है। कोर्ट-नियुक्त अमिकस की ओर से स्थिति की तात्कालिकता बताकर जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश सुर्या कांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि प्रदूषण "ऐसी समस्या है जिसका सामना दिल्ली-एनसीआर का हर निवासी कर रहा है।"
सीजेआई ने कहा कि समस्या की पहचान हो चुकी है, लेकिन जरूरी है कि उसके समाधान खोजे जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण का कोई एक कारण नहीं है, बल्कि कई वजहें हैं, जिनके समाधान केवल क्षेत्र विशेषज्ञ और वैज्ञानिक ही दे सकते हैं। अदालत ने उम्मीद जताई कि सरकार ने कुछ ठोस कदम तैयार किए होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को नियमित रूप से सुनने की बात कहते हुए इसे सोमवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
लोगों को घर में रहने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने साफ चेतावनी दी है कि इस स्तर पर प्रदूषण बाहर निकलने के लिए बेहद खतरनाक है।
- बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा, हृदय रोगियों को घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है।
- सुबह की सैर, दौड़ और किसी भी तरह का आउटडोर व्यायाम बिल्कुल नहीं करने को कहा गया है।
- डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण का असर 24 घंटे तक शरीर में बना रह सकता है और पुरानी बीमारियों को अचानक बढ़ा सकता है।
सरकार ने GRAP-IV किया लागू
प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने GRAP-IV के सख्त नियम लागू कर दिए हैं।
इनके तहत:
- निजी दफ्तरों को कर्मचारियों का 50% वर्क फ्रॉम होम कराने की सलाह दी गई है।
- एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण रोक है।
- डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल को बंद कर दिया गया है।
- सड़क पर पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण की कार्रवाई तेज की गई है।
- सरकार का कहना है कि हालात के सुधार होने तक सख्ती जारी रहेगी।
मौसम विभाग ने जताई चिंता
IMD और IITM के अनुमान बताते हैं कि हवा की दिशा और गति में सुधार नहीं होने वाला। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली की हवा गंभीर से खतरनाक स्तर में बनी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी और ठंड दोनों मिलकर प्रदूषण को जमीन पर ही फंसा देते हैं, जिससे राहत मिलना मुश्किल होता है।
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