पंजाब बना रहा देश का पहला खंभा-मुक्त गांव मॉडल, सतौज से शुरू हुआ बिजली तारों को जमीनदोज करने का प्रोजेक्ट
भगवंत सिंह मान ने अपने पैतृक गांव सतौज से पंजाब को देश का पहला खंभा-मुक्त गांवों वाला राज्य बनाने की ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने गांव में बिजली की ओवरहेड तारों को जमीनदोज करने वाले अत्याधुनिक प्रोजेक्ट का शिलान्यास करते हुए इसे "रोशन पंजाब" की दिशा में बड़ा कदम बताया। करीब 8 करोड़ रुपये की लागत वाले इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत गांव से 384 बिजली के खंभे हटाए जाएंगे और ट्रेंचलेस तकनीक से अंडरग्राउंड केबल बिछाई जाएगी।

पंजाब में शुरू हुआ 'सतौज मॉडल'
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रोजेक्ट केवल बिजली व्यवस्था सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों को सुरक्षित, सुंदर और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है। उन्होंने दावा किया कि "सतौज मॉडल" आने वाले समय में पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों और ग्रामीणों से गांवों को तारों और खंभों के जाल से मुक्त करने का जो वादा किया था, उसे अब पूरा किया जा रहा है।
384 खंभे हटेंगे, बिना सड़क खोदे बिछेंगी केबल
मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि सतौज में 7 किलोमीटर हाई टेंशन लाइन, 9.5 किलोमीटर लो टेंशन लाइन और 41 किलोमीटर सर्विस केबल जमीन के नीचे बिछाई जाएगी। गांव के 66 केवी ग्रिड से जुड़े तीन 11 केवी फीडरों और 28 ट्रांसफार्मरों की सभी हाई टेंशन लाइनें अंडरग्राउंड की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सड़कें खोदे बिना ट्रेंचलेस ड्रिलिंग तकनीक से पाइप डाले जाएंगे, जिससे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
हादसों और फसलों में आग की घटनाओं पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बिजली की ऊपरी तारों के कारण किसानों और ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही थी। खेतों में काम करने वाले ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य वाहन अक्सर तारों की चपेट में आ जाते थे, जिससे कई बार जानलेवा हादसे होते थे।
उन्होंने कहा कि बारिश, तूफान और तेज हवाओं के दौरान तार टूटने से बिजली सप्लाई बाधित होती थी और फसलों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आती थीं। जमीनदोज बिजली व्यवस्था से इन समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगेगी।
गांवों की सुंदरता और बिजली सप्लाई दोनों सुधरेंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में फैले खंभों और उलझी तारों के जाल से ग्रामीण इलाकों की सुंदरता प्रभावित होती थी। अंडरग्राउंड केबलिंग से न केवल गांवों की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि बिजली लीकेज और ट्रांसमिशन लॉस भी कम होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अब निर्बाध और सुरक्षित बिजली सप्लाई मिलेगी तथा मौसम खराब होने पर भी बिजली कटौती की समस्या कम होगी।
भावुक हुए मुख्यमंत्री, युवकों को दी श्रद्धांजलि
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भावुक भी नजर आए। उन्होंने बताया कि उनके गांव के तीन युवकों की बिजली की तारों के संपर्क में आने से मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट उन युवाओं को सच्ची श्रद्धांजलि है ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
डिजिटल सेवाओं और स्वास्थ्य योजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पंजाब सरकार की डिजिटल और सामाजिक कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य में आरटीओ सेवाओं और "ईजी रजिस्ट्री" प्रणाली को डिजिटल बनाया गया है ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने "मुख्यमंत्री सेहत योजना" का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड दिए जा रहे हैं, जिनके तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
महिलाओं के लिए 'मावां धीयां सत्कार योजना'
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के लिए "मावां धीयां सत्कार योजना" भी शुरू कर रही है। इसके तहत महिलाओं को हर महीने सम्मान राशि दी जाएगी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
'रंगला पंजाब' की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह परियोजना "रंगला पंजाब" और "रोशन पंजाब" की सोच को साकार करने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ राज्य के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।












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