Delhi AQI Today: दिल्ली में हवा बेहद खराब, आनंद विहार से ITO तक सांसों में घुल रहा जहर, कितना है AQI?
Delhi AQI Today: दिल्ली की सुबह एक बार फिर भारी धुंध और धुएं की घनी चादर में घिरी दिखी। जैसे ही सूरज उगने की कोशिश कर रहा था, स्मॉग की मोटी परत ने पूरे शहर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। सड़कों पर गाड़ियों की रोशनी धुंध में खोती नजर आई, लोग मास्क लगाकर तेज़ी से अपने काम पर जाते दिखे और हवा में वो जकड़न महसूस हुई जो हर सर्दी में राजधानी की सबसे बड़ी चिंता बन जाती है।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि दिल्ली की हवा अब सेहत के लिए खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। कई इलाकों में AQI 300 के पार चला गया है, जिससे साफ दिखता है कि इस बार भी सर्दियों में प्रदूषण लोगों की सांसें रोक देने वाला साबित हो रहा है।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके
आनंद विहार में AQI 383
दिल्ली के प्रदूषण हॉटस्पॉट माने जाने वाले आनंद विहार में हालात बेहद खराब रहे। यहां AQI 383 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। इलाके में सुबह से ही स्मॉग की मोटी परत साफ देखी गई, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत होने लगी।
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अक्षरधाम के पास भी हवा में जहर
अक्षरधाम मंदिर के आसपास भी स्मॉग की घनी परत छाई रही। यहां भी AQI 383 रहा, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। सुबह के समय ट्रैफिक के बीच धुंध और धुएं का असर साफ दिखा।
ITO में AQI 331
सरकारी दफ्तरों और व्यस्त सड़कों वाला ITO इलाका भी प्रदूषण से जूझता दिखा। यहां का AQI 331 दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते प्रदूषण की वजह से इस इलाके में रहने और काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
गाजीपुर का भी AQI 383
गाजीपुर क्षेत्र में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। यहां का AQI भी 383 दर्ज हुआ। गाजीपुर लैंडफिल के धुएं और ट्रैफिक के मिश्रित प्रभाव से यहां प्रदूषण का स्तर अक्सर बढ़ जाता है।
इंडिया गेट और कर्तव्य पथ पर धुंध
दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थल इंडिया गेट और कर्तव्य पथ भी स्मॉग की चादर में ढके नजर आए। यहां AQI 312 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी का स्तर है। सुबह सैर पर निकले लोगों ने भी आंखों में जलन और भारीपन महसूस किया।
AIIMS में स्थिति थोड़ी बेहतर
राजधानी के कई इलाकों में हवा बेहद खराब रही, लेकिन AIIMS के आसपास AQI थोड़ा बेहतर पाया गया। यहां का AQI 277 रहा, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है। हालांकि यह स्तर भी सेहत के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें सांस से जुड़ी बीमारियां हैं।
AQI कैसे तय होता है?
CPCB के अनुसार AQI को छह श्रेणियों में बांटा जाता है, जो 0 से लेकर 500 तक के स्केल पर मापा जाता है।
- 0-50: अच्छा - इस स्तर पर हवा में प्रदूषण न के बराबर होता है।
- 51-100: संतोषजनक - सामान्य लोगों के लिए सुरक्षित, लेकिन संवेदनशील समूहों को हल्की परेशानी हो सकती है।
- 101-200: मध्यम - अस्थमा, दिल या फेफड़ों की समस्या वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
- 201-300: खराब - लंबे समय तक एक्सपोज़र से आम लोगों को भी परेशानी महसूस हो सकती है।
- 301-400: बहुत खराब - इस स्तर पर हवा से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ना तय है।
- 401-500: गंभीर - यह स्तर अत्यंत खतरनाक होता है और हर व्यक्ति के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।
सर्दियों में प्रदूषण क्यों बढ़ता है?
सर्दियों में तापमान गिरने और हवा की गति कम होने से प्रदूषण जमीन के पास जमा होने लगता है। इसके अलावा पराली जलना, गाड़ियों का धुआं, उद्योगों से निकलने वाले तत्व और निर्माण कार्य मिलकर हवा को और जहरीला बना देते हैं। इस समय प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों और सख्ती की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
दिल्ली वालों के लिए क्या सावधानी जरूरी है?
- सुबह और शाम के समय बाहर कम निकलें
- मास्क का इस्तेमाल करें
- घर में एयर प्यूरिफायर का उपयोग करें
- ज्यादा प्रदूषण वाले दिनों में बच्चों और बुजुर्गों को बाहर खेलने से रोकें
- ज्यादा पानी पिएं और गुनगुने पानी से गरारे करें
राजधानी में लगातार बिगड़ती हवा चिंता का विषय है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ लोगों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी ताकि प्रदूषण के इस दौर से राहत मिल सके।
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