'चिकित्सा के लिए सिर्फ बुनियादी ढांचा ही जरूरी नहीं...', HC के निर्देश पर समिति गठन को लेकर सौरभ भारद्वाज
दिल्ली में सरकारी अस्पतालों समेत अन्य अस्पतालों से जुड़े मुद्दों को जांच के लिए हाईकोर्ट ने 6 सदस्यीय समिति गठित की गई है। अदालत के इस निर्णय का दिल्ली सरकार ने स्वागत किया है। एक बयान में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के हवाले से कहा गया है कि हम उच्च न्यायालय द्वारा समिति के गठन का स्वागत करते हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में सुविधाओं, मैन पॉवर समेत अन्य सुविधाओं की जांच के लिए हाईकोर्ट ने निर्देश पर गठित विशेषज्ञ समिति जांच करेगी। आम आदमी पार्टी की नेतृत्व वाली सरकार ने एक बयान में कहा कि अन्य क्षेत्रों के विपरीत, स्वास्थ्य सेवा में पर्याप्त मैन पॉवर की आवश्यकता है। इसके बिना चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ बुनियादी ढांचा ही काफी नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों सहित अन्य अस्पतालों से संबंधित मुद्दों की जांच को लेकर कहा कि यह स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र एक विशिष्ट क्षेत्र है जिसके लिए विषय अनुभव और समझे गए ज्ञान की आवश्यकता होती है। ऐसे में जांच के लिए गठित विशेषज्ञों की समिति इस मामले पर विस्तार से विचार करेगी और अपने सुझाव और सिफारिशें रखेगी।
अदालत ने छह सदस्यीय विशेषज्ञ समिति से मासिक रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन व न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की पीठ ने टिप्पणी की कि दिल्ली में अस्पतालों को चलाने, प्रशासन और प्रबंधन करने की शक्ति रखने वाले अधिकारी एकमत नहीं है। पीठ ने कहा कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के बिना जीवन बचाने का प्रयास सफल कैसे हो सकता है।
पीठ ने कहा कि दोषारोपण के खेल में शामिल हुए बिना सरकारी अस्पतालों के कामकाज में संरचनात्मक सुधारों के साथ-साथ भारी निवेश, वर्षों की उपेक्षा व उदासीनता को दूर करने के लिए समय की जरुरत है। ये केवल तभी संभव है जब बुनियादी ढांचा अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में हो।












Click it and Unblock the Notifications