Delhi: प्रगति मैदान टनल में 'खामियों' पर दिल्ली सरकार और कंपनी आमने- सामने, PWD ने क्या कहा? जानिए
प्रगति मैदान सुरंग परियोजना में कथित 'गंभीर खामियों' को लेकर दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो को नोटिस जारी किया है। सरकार ने टनल के अंदर ड्रेनेज सिस्टम में भी कई खामियां बताई हैं।
दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) की विभाग की ओर से लार्सन एंड टुब्रो को नोटिस जारी किए गए नोटिस में कई बड़ी बातें कही गई हैं। PWD ने 3 फरवरी को भेजे गए नोटिस में कंपनी से कहा कि टनल में कई जगहों पर दीवरों से पानी की रिसाव हो रहा है। टनल और अंडरपास में कई जगहों पर बड़ी दरारें भी देखी गई हैं। टनल के अंदर ड्रेनेज सिस्टम में भी कई खामियां हैं।

खामियों पर सख्त एक्शन लेते हुए दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी विभाग ने एल एंड टी पर 500 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बता दें कि इस टनल को बनाने में 777 करोड़ की लागत आई थी। इस टनल का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 19 जून, 2022 को किया गया। टनल कार्य प्रगति मैदान इंटीग्रेटिड ट्रांजिट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत किया गया। ये टनल 1.3 किमी लंबी है। इसमें 5 अंडरपास हैं।
लार्सन एंड टूब्रो ने भी किया 500 करोड़ का दावा
L&T कंपनी के प्रवक्ता ने प्रगति मैदान टनल मामले में दिल्ली सरकार के आरोपों पर कहा, " दिल्ली PWD हमरा एक एक सम्मानित कस्टमर रहा है। हमने वर्षों तक उनके साथ काम किया है। L&T आपको सूचित करना चाहती है कि कंपनी ने आपके खिलाफ 500 करोड़ रुपये का दावा दायर किया है।"
क्यों हो रहा पानी की रिसाव?
दिल्ली की प्रगति मैदान टनल में पानी की रिसाव 777 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट पर पानी फेर रही है। अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट इससे पूरा वॉटरप्रूफिंग का मुद्दा मानते हैं। एक रिपोर्ट मुताबिक एक्सप्रर्ट्स के मुताबिक टनल निर्माण से पहले सॉयल टेस्टिंग अच्छे से नहीं हुई। समस्या का समाधान करने के लिए सबसे पहले टनल का इस्तेमाल बंद करके जियोलॉजिकल एक्सपर्ट, आर्किटेक्ट, टनल इंजीनियरों और स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाकर इसके हल का विचार करना होगा। फिलहाल पहला काम टनल में दरारों और लीकेज का पता लगाना होना चाहिए।












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