राम जेठमलानी ने केजरीवाल को भेजा 3.42 करोड़ का बिल, आम जनता के पैसे देना चाहती है दिल्ली सरकार
6 दिसंबर 2016 को दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रशासनिक विभाग को लिखे नोट में बिल का भुगतान सरकारी खजाने से करने को कहा था।
नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल सरकार पैसों के लेन-देन के एक और फैसले को लेकर घिरती नजर आ रही है। अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चल रहे केस के वकील राम जेठमलानी ने उन्हें 3.42 करोड़ रुपये का बिल भेजा है जिसका भुगतान करने के लिए दिल्ली सरकार आम जनता के पैसों का इस्तेमाल करना चाहती है। मानहानि का यह केस केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ किया था जिसके लिए दिल्ली के सीएम ने जेठमलानी को वकील रखा था।

केस खत्म होने से पहले भेजा बिल
न्यूज चैनल 'टाइम्स नाउ' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी की ओर से ये बिल 1 दिसंबर 2016 को भेजा गया था, जिसमें 1 करोड़ रुपये बतौर रिटेनरशिप और 22 लाख रुपये हर बार कोर्ट में पेश होने की एवज में लिए गए हैं। जेठमलानी 11 बार केजरीवाल के केस के सिलसिले में कोर्ट में मौजूद रहे, इस तरह कुल बिल 3.42 करोड़ रुपये हुआ। यह केस अभी भी कोर्ट में है। READ ALSO: भगवा कपड़ों को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कही बड़ी बात

सिसोदिया ने दिया था आदेश
डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, 6 दिसंबर 2016 को दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रशासनिक विभाग को लिखे नोट में बिल का भुगतान सरकारी खजाने से करने को कहा था। इस मामले में 7 दिसंबर को दिल्ली सरकार के कानून विभाग ने अप्रूवल देने से मना कर दिया था और कहा था कि इसके लिए उपराज्यपाल की स्वीकृति होनी जरूरी है।

'एलजी की अनुमति की जरूरत नहीं'

केजरीवाल ने खुद किया था इनकार
कानूनी जानकारों के मुताबिक, केजरीवाल और जेटली के बीच की लड़ाई निजी है। अगर केजरीवाल इसे दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर लड़ना चाहते थे तो उन्हें सिविल प्रोसीजर कोड की धारा 80 के तहत नियमों का पालन करना चाहिए था। लेकिन केजरीवाल ने ऐसा करने से इनकार किया था।












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