‘संविधान जेब में लेकर घूमने के लिए नहीं होता', ब्लैक इमरजेंसी डे पर CM रेखा गुप्ता का विपक्ष पर तीखा हमला
Rekha Gupta on Black Emergency Day: दिल्ली में 'संविधान हत्या दिवस' के मौके पर आयोजित एक गोष्ठी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर अब तक का सबसे करारा हमला बोला है। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज वे लोग लोकतंत्र पर खतरे की बात कर रहे हैं, जो खुद चौबीसों घंटे जेब में संविधान की कॉपी लेकर घूमते हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि देश का संविधान और लोकतंत्र किसी की जागीर या गुलाम नहीं है, जिसे अपनी मर्जी से चलाया जा सके।

लोकतंत्र किसी का नौकर नहीं, रेखा गुप्ता ने विपक्ष को आईना दिखाया
दिल्ली भाजपा की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि टीवी चैनलों से लेकर जनसभाओं तक, कुछ लोग हर जगह संविधान का रोना रोते हैं। उन्हें लगता है कि कानून उनकी जेब में है।
सीएम योगी ने कहा कि आपातकाल के दौर में जेल जाने वाले हर योद्धा ने यही संदेश दिया था कि तानाशाही के आगे देश कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को याद करते हुए कहा कि जेपी को भले ही शरीर से बेड़ियों में जकड़ दिया गया था, लेकिन उनके हौसले को कोई कैद नहीं कर सका। इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी जेल की सलाखों के पीछे रहकर अपनी कलम की ताकत से इस क्रूरता का कड़ा जवाब दिया था।
जेब में संविधान लेकर घूमने वालों पर भड़कीं CM रेखा गुप्ता
'ब्लैक इमरजेंसी डे' सेमिनार में CM रेखा गुप्ता ने कहा,
"यह बहुत अजीब बात है कि आज वही लोग जो अपनी जेब में संविधान की कॉपी रखते हैं और डेमोक्रेसी के बारे में लगातार बोलते हैं, यह दावा करते हैं कि डेमोक्रेसी पर हमला हो रहा है। चाहे कोई पब्लिक रैली हो या कोई टेलीविजन चैनल, वे संविधान निकालकर कहते हैं कि इसके नियमों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे लोग मानते हैं कि संविधान उनकी जेब में है। लेकिन संविधान उनकी जेब में नहीं है। न ही डेमोक्रेसी उनका सेवक है। यही मैसेज भारत में डेमोक्रेसी के हर रक्षक ने जेल में रहते हुए दिया था। किसी की हिम्मत नहीं टूटी। जयप्रकाश नारायण भले ही शारीरिक रूप से जंजीरों में बंधे हों, लेकिन उनकी हिम्मत कभी कम नहीं हो सकी। हमने यह खुद देखा है। अटल बिहारी वाजपेयी, जो खुद जेल में रहे, सलाखों के पीछे रहते हुए भी अपनी कलम की ताकत का इस्तेमाल करते रहे।"
25 जून 1975 का वो सच, जब एक परिवार के लिए देश को बना दिया गया जेल
इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भी अपनी बात साझा की। उन्होंने 25 जून 1975 को भारतीय इतिहास का सबसे काला पन्ना करार दिया। उन्होंने लिखा कि उस समय की कांग्रेस सरकार ने सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने और एक परिवार के राजनैतिक फायदे के लिए पूरे देश पर जबरन आपातकाल थोप दिया था। उस दौरान देश के नागरिकों के अधिकार छीन लिए गए, उनकी आजादी का दमन हुआ और मीडिया से लेकर आम जनता तक, सबकी आवाज को पूरी तरह दबाने की कोशिश की गई थी।
पीएम मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र सेनानियों को नमन और मंच पर बड़े चेहरे
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश उन लोकतंत्र के सिपाहियों को नमन कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश को दोबारा आजादी दिलाई। आज हर नागरिक यह संकल्प ले रहा है कि देश में हमेशा संविधान ही सबसे ऊपर रहेगा।
दिल्ली भाजपा के इस बड़े मंच पर कई दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। इस दौरान मंच पर दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण जटिया सहित सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेंद्र चांदोलिया, बांसुरी स्वराज और विधायक अभय वर्मा जैसी प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सभी नेताओं ने एक सुर में आपातकाल के उस दौर की निंदा की और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया।














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