Delhi Chunav 2025: मिडिल क्लास को रिझाने में क्यों जुटी AAP? इन 4 मुद्दों ने बढ़ाई चिंता
Delhi Chunav 2025: आम आदमी पार्टी (AAP) को दिल्ली की गद्दी पर बिठाने में मिडिल क्लास का बहुत बड़ा रोल रहा है। लेकिन, अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने धीरे-धीरे झुग्गी-झोपड़ी और स्लम इलाकों के वोटरों पर ही फोकस करना शुरू कर दिया था। पहले तो मुफ्त बिजली-पानी के चक्कर में मध्यम वर्ग भी आप की ओर झुका हुई था, लेकिन इस बार कहीं न कहीं पार्टी इस वर्ग के बीच में खुद को कमजोर महसूस कर रही है, इसलिए उन्हें वापस अपने साथ जोड़ने के लिए तमाम कोशिशों में जुटी हुई है।
पिछले कुछ समय से लगातार देखने को मिला है कि आप और उसके नेता किस तरह से मिडिल क्लास वोटर पर फोकस कर रहे हैं। कभी वह इनके शुभचिंतक बनकर केंद्र सरकार से उनसे लिए जाने वाले टैक्स को लेकर सवाल पूछते हैं तो कभी अपने सरकार के वादों और कार्यों को गिनाने की कोशिश करते हैं।

Delhi Chunav 2025: मध्यम वर्ग के वोटरों पर डोरे डालने में जुटी आम आदमी पार्टी
इसी कड़ी में अरविंद केजरीवाल ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि एक आम दिल्ली वासी का हर महीने 25,000 रुपए बचता है, क्योंकि उनकी सरकार उन्हें मुफ्त बिजली-पानी के साथ महिलाओं को फ्री बस यात्रा की सुविधा देती है। इसके साथ ही उन्होंने एक सवाल पूछा, 'गरीबों को रहने दीजिए, क्या एक मध्यम वर्ग का परिवार इन चीजों पर हर महीने 25,000 रुपए खर्च कर सकता है?'
Delhi Chunav 2025: मिडिल क्लास के वोटरों को रिझाने के लिए केंद्र की बीजेपी सरकार पर भी साध रहे निशाना
बीते गुरुवार को एक और प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधा और फिर कहा, 'एक व्यक्ति जो हर महीने 1 लाख रुपए कमाता है और 60,000 रुपए से 70,000 रुपए ईएमआई पर खर्च कर देता है। उसने एक घर और एक कार खरीद रखी है। आप उसका लोन क्यों नहीं माफ कर सकते?'
Delhi Chunav 2025: दिल्ली के मिडिल क्लास वोटरों की इन चार परेशानियों ने बढ़ाई 'आप' की चिंता
दरअस, आम आदमी पार्टी को लग रहा है कि इस बार मध्यम वर्ग का मतदाता उसकी हाथों से निकल सकता है। मूलरूप से चार ऐसे मुद्दे हैं, जिसको लेकर मिडिल क्लास के लोगों में आम आदमी पार्टी मोहभंग होने की आशंका दिख रही है। ये हैं दिल्ली की खराब हो चुकी सड़कें, कूड़े-कचरे और सीवर की वजह से फैलती गंदगी, कुछ इलाकों में बिजली के लंबे-चौड़े बिल और गंदे पानी की सप्लाई।
Delhi Chunav 2025: मिडिल क्लास वोटरों के लिए 'आप' ने बदली अपनी रणनीति!
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार आम आदमी पार्टी के सूत्र भी मानते हैं कि मध्यम वर्ग में मौजूद निराशा की वजह से ही आम आदमी पार्टी को इनको लेकर अपने स्टैंड बदलना पड़ रहा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'कई सीटें हैं, जहां एंटी-इंकंबेंसी के चलते हमने मौजूदा एमएलए को बदल दिया है। यह पहला कदम था। लेकिन, तथ्य यह है कि रोड को नहीं सुधार सके या कूड़े का बेहतर प्रबंधन नहीं सुनिश्चित कर सके..गेटबंद कॉलोनियों में और मिडिल और अपर क्लास इलाके में सड़कों की खराब स्थिति एक बड़ा मुद्दा बन गया है।' हालांकि, इसके लिए उन्होंने केंद्र और उपराज्यपाल पर आरोप लगाए हैं।
Delhi Chunav 2025: मध्यम वर्ग को रिझाने के लिए 'आप'ने किए कई बड़े चुनावी वादे
यही वजह है कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने मध्यम वर्ग को रिझाने की तमाम कोशिशें की हैं। पार्टी नेता ने कहा, 'लोग सोचते हैं कि यह गरीबों के लिए किया गया वादा है, लेकिन संजीवनी योजना (60 साल से ज्यादा के बुजुर्गों को निजी अस्पताल में भी मुफ्त इलाज) वास्तव में मध्यम वर्ग के लिए ज्यादा है।'
वह कहते हैं, 'गरीब तो पहले से जानता है कि उन्हें शहर के सरकारी अस्पतालों और मोहल्ला क्लिनिक में मुफ्त इलाज मिल सकता है और यह उनके लिए आसान भी है। यह मध्यम वर्ग और उच्च-मध्यम वर्ग का वोटर है, जो एम्स को छोड़कर दूसरे सरकारी अस्पताल में नहीं जाना चाहता। इन इलाकों में हमारा अभियान प्रस्तावित संजीवनी योजना पर बातचीत के साथ ही शुरू होता है।'
मध्यम वर्ग के वोटरों के बीच पार्टी की संभावनाओं को बेहतर करने की कोशिशों में जुटे पार्टी एक नेता ने कहा, 'तीन बड़ा मुद्दा ये है कि कुछ एमएलए अलोकप्रिय हो चुके थे। या तो उन्होंने काम नहीं किया था या फिर वह लोगों तक पहुंचते नहीं थे। दूसरा मुद्दा खराब सड़कें, सफाई और सीवरों का ओवरफ्लो करना है। यह आमतौर पर अनधिकृत कॉलोनियों में होता था, लेकिन पिछले दो वर्षों से यह पूरी दिल्ली की समस्या बन चुकी है। तीसरी सोच ये है कि क्योंकि केंद्र आप सरकार को काम नहीं करने दे रहा, बेहतर है कि बीजेपी को एक मौका दें।'
उन्होंने कहा कि इसलिए 'यूरोप-स्तर की सड़कें' और 'पुरानी कॉलोनियों में नई सीवर लाइन' जैसे वादों को पार्टी के 15 सूत्री घोषणापत्र या गारंटी कार्ड में शामिल किया गया है।












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