Delhi Budget 2025: कैसे तैयार होता है दिल्ली का बजट? केंद्र से कितनी मिलती है मदद ? समझें सब कुछ
Delhi Budget 2025: सोमवार (23 मार्च) से दिल्ली का बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। 25 मार्च को बजट पेश किया जाना है। सीएम रेखा गुप्ता ने अपने पहले बजट को 'विकसित दिल्ली का बजट' करार दिया है।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि, इस बार का बजट डबल इंजन सरकार का बजट होगा। दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर डबल रफ्तार से काम करेगी और दिल्ली में विकास के एक नए अध्याय का शुभारंभ होगा। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली विकास का मीठा स्वाद चखेगी।

यह बजट दिल्ली के सुनहरे भविष्य की आधारशिला- CM
सीएम ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार के संकल्प के साथ, यह बजट दिल्ली को एक नई दिशा देगा। यह सिर्फ बजट नहीं, दिल्ली के सुनहरे भविष्य की आधारशिला है। वहीं आज इस रिपोर्ट में जानेंगे कि, आखिर दिल्ली का बजट कैसे तैयार होता है, केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार को कितनी मदद मिलती है और दिल्ली सरकार को कहां-कहां से पैसे की कमाई होती है।
रेवेन्यू का मुख्य सोर्स टैक्स
दिल्ली सरकार के आमदनी का मुख्य सोर्स राज्य के अंदर उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के टैक्स हैं। दिल्ली सरकार को वैट, संपत्ति कर, इनकम टैक्स, स्टांप ड्यूटी, रोड टैक्स के अलावा कई और टैक्स के जरिए कमाई होती है। बता दें कि दिल्ली के कुल बजट का 70 फीसदी हिस्सा टैक्स रेवेन्यू से मिलता है।
केंद्रीय अनुदान के जरिए मदद
वहीं दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार हर राज्य की तरह अनुदान और ऋण भी देती है। साल 2025-26 के बजट में सरकार ने दिल्ली के लिए 1348 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। जिसमें 968.01 करोड़ अनुदान और 380 करोड़ ऋण शामिल है। केंद्रीय मदद भी दिल्ली सरकार के आमदनी का एक सोर्स है।
केंद्र सरकार डायरेक्ट खर्च करती है पैसा
वहीं दिल्ली एक केंद्रशासित प्रदेश है जिस वजह से यहां पर बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जिस पर सीधे केंद्र सरकार का नियंत्रण है। इस वजह से बहुत सारे खर्च केंद्र सरकार डायरेक्ट करती है। जैसे पुलिस की सैलरी। इसी तरह से कई सारे योजनाओं पर केंद्र सरकार सीधे खर्च करती है।
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