Delhi Chunav: केजरीवाल का BJP और Congress पर जुगलबंदी का आरोप, कहा-'मेरी लड़ाई देश बचाने की है'
Delhi Assembly Elections 2025: दिल्ली में 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय राजधानी का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस के बीच गुप्त सहयोग का आरोप लगाते हुए इसे जुगलबंदी करार दिया। यह आरोप दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर नियंत्रण के लिए हो रही इस जबरदस्त राजनीतिक लड़ाई का मंच तैयार करता है।
राहुल गांधी केजरीवाल और BJP पर हमलावर
दिल्ली के सीलमपुर में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मौजूदा शासन ने अमीर और गरीब के बीच असमानता की खाई को बढ़ा दिया है। गांधी ने अंबानी और अडानी जैसे उद्योगपतियों का नाम लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनके हितों का समर्थन करने का आरोप लगाया।

उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोलते हुए दिल्ली में महंगाई पर काबू पाने में विफलता का आरोप लगाया और जाति जनगणना पर उनके रुख पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने मतदाताओं से कांग्रेस को विकास और स्थिरता लाने में सक्षम एकमात्र पार्टी के रूप में समर्थन देने की अपील की।
केजरीवाल का पलटवार, मेरी लड़ाई देश बचाने की
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज राहुल गांधी दिल्ली आए। उन्होंने मुझे खूब गाली दी। लेकिन मैं उनके बयानों पर टिप्पणी नहीं करूंगा। उनकी लड़ाई कांग्रेस को बचाने की है। मेरी लड़ाई देश को बचाने की है।
इसके साथ ही केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस के बीच गुप्त समझौते का आरोप लगाते हुए इसे जुगलबंदी करार दिया। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख द्वारा केजरीवाल पर कटाक्ष किए जाने के बाद उन्होंने व्यंग्यात्मक पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को उनकी टिप्पणी के बजाय अपनी रणनीतियों पर ध्यान देना चाहिए।
AAP का दबदबा और चुनौती
2015 और 2020 के दिल्ली चुनावों में भारी बहुमत हासिल कर चुकी आम आदमी पार्टी इस बार भी सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है। 2015 में आप ने 70 में से 67 सीटें जीती। 2020 में आप ने 62 सीटें हासिल की। इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां आप के प्रभुत्व को चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं।
त्रिकोणीय मुकाबला, BJP और कांग्रेस की रणनीति
भाजपा दिल्ली में अपने प्रदर्शन को सुधारने और आम आदमी पार्टी को कड़ी चुनौती देने की कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए आक्रामक प्रचार कर रही है।
राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा कि दिल्ली के लोग कांग्रेस के शासनकाल की उपलब्धियों को नहीं भूले हैं। हमें एक बार फिर से राजधानी को बेहतर शासन और स्थिरता देने का मौका दें। वहीं भाजपा ने कांग्रेस और आप दोनों को निशाने पर लेते हुए कहा कि इन दोनों दलों ने दिल्ली के लोगों को सिर्फ वादों के जरिए गुमराह किया है।
राजनीतिक दांव और मतदाताओं की भूमिका
दिल्ली का राजनीतिक परिदृश्य एक त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ रहा है। आप अपनी योजनाओं और मुफ्त सेवाओं को आधार बनाकर वोटर्स को लुभा रही है। भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दिल्ली की तस्वीर बदलने का वादा कर रही है। कांग्रेस विकास और स्थिरता के पुराने रिकॉर्ड के सहारे अपनी वापसी की तैयारी में है।
चुनाव कार्यक्रम और परिणामों की अहमियत
दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी और मतगणना 8 फरवरी को होगी। इन चुनावों का परिणाम न केवल अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता और आप की ताकत का परीक्षण करेगा। बल्कि भाजपा और कांग्रेस की रणनीतियों और गठबंधन की प्रभावशीलता को भी परखेगा।
दिल्ली के विधानसभा चुनाव इस बार न केवल राजधानी की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय माहौल को भी प्रभावित करेंगे। आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां सत्ता पर काबिज होने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। दिल्ली के मतदाता जो विकास, पारदर्शिता और स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। इन वादों और अभियानों का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं। 8 फरवरी को जब नतीजे घोषित होंगे। तब यह तय होगा कि दिल्ली अपने भविष्य के लिए किस दिशा को चुनती है।












Click it and Unblock the Notifications