Delhi Assembly Election 2025: आखिर भाजपा के निशाने पर केजरीवाल की जगह आतिशी क्यों?
Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को करारी टक्कर देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने दिग्गज नेताओं पर दांव लगाया है। इनमें रमेश बिधुड़ी का नाम भी शामिल है, जिन्हें भाजपा ने दिल्ली की कालकाजी सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। बिधूड़ी का मुकाबला दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री आतिशी से है।
कालकाजी से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से ही रमेश बिधूड़ी लगातार अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में हैं। रमेश बिधूड़ी चुनाव प्रचार के दौरान लगातार आतिशी पर हमले कर रहे है। रमेश बिधूड़ी लगातार ऐसे विवादित बयान दे रहे है लेकिन भाजपा उस पर लगाम कसने के बजाय चुप्पी साधे हुए है।

रमेश बिधूड़ी के इन बयानों के कारण दिल्ली चुनाव में नई बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर क्या वजह है कि दिल्ली चुनाव में भाजपा के निशाने पर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के बजाय आतिशी क्यों आ गई हैं?
"आतिशी ने तो बाप बदल लिया"
बता दें रमेश बिधुड़ी ने पहले आतिशी के सिंह और मार्लेना उपनाम को लेकर घेरा था और कहा "आतिशी ने तो बाप बदल लिया" बिधूड़ी ने ये भी कहा आतिशी के पिता को अफजल गुरु का समर्थक बताया था। जिस पर आतिशी जहां मीडिया के सामने रो पड़ी थी और कहां था कि उन्होंने मेरे बीमार पिता को भी नहीं बक्शा आम आदमी पार्टी ने जमकर आलोचना की थी।
"केजरीवाल ने बेचारी को यहां फंसा दिया"
रमेश बिधुड़ी ने इसके बाद कहा अरविंद केजरीवाल सीएम आतिशी को निपटाना चाहते हैं। बिधूड़ी ने दावा किया था आतिशी कालकाजी सीट से हार के डर से चुनाव नहीं लड़ना चाहती थी लेकिन केजरीवाल ने बेचारी को यहां फंसा दिया।
"आतिशी दिल्ली की सड़कों पर हिरणी जैसी घूम रही"
वहीं हाल में कालकाजी क्षेत्र में रैली को संबोधित करते हुए कहा दिल्ली की जनता नरक भोग रही है, गालियों की हालत देखिए कभी, आतिशी यहां लोगों से मिलने नहीं गईं, लेकिन अब चुनाव के समय, जैसे जंगल में हिरणी भागती है वैसे आतिशी दिल्ली की सड़कों पर हिरणी जैसी घूम रही हैं। अगर उन्हें कोई महिला दिखती है तो उससे ऐसे मिलती हैं, जैसे कुंभ में कोई बहन मिल गई है।
भाजपा के निशाने पर केजरीवाल की जगह आतिशी क्यों?
- दरअसल, भाजपा की ये सब सोची समझी रणनीति का हिस्सा है पिछले दो चुनाव में आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल के चेहरे पर बंपर जीत हासिल करती आई है। ऐसे में भाजपा इस बार के चुनाव में वोटर्स को ये संदेश देना चाहती है कि जेल से जमानत पर रिहा अरविंद केजरीवाल अब भविष्य में दिल्ली के मुख्यमंत्री नहीं बन सकते हैं, ऐसे में अगर आप जीतती है तो केजरीवाल नहीं आतिशी जैसी नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगी।
- नई दिल्ली सीट से केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे भाजपा के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को लेकर दिया गया बयान इसी इसी रणनीति का हिस्सा है। शराब नीति घोटाले में सुप्रीम कोर्ट की जमानत की शर्तों का हवाला देकर ये संदेश दिया कि अगर आप जीतती भी है तो केजरीवाल सीएम नहीं बन पाएंगे। भाजपा ये संदेश देकर उन वोटर्स को असमंजस में डालना चाहती है जो केजरीवाल को मुख्यमंत्री मानकर वोट करता है।
- अरविंद केजरीवाल ने अपनी फ्री स्कीमों से दिल्ली की जनता में खूब ख्याति हासिल की है। वहीं दूसरी ओर आतिशी आम आदमी पार्टी (आप) का अहम चेहरा बन चुकी हैं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में, जहां आतिशी ने अहम भूमिका निभाई है। भाजपा अब उन्हें एक दुर्जेय प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखती है। ऐसे में आतिशी की आलोचना करके, भाजपा का लक्ष्य आप की सफलताओं पर संदेह पैदा करना है और वोटर्स के बीच आप की अपील को कमजोर करना है।












Click it and Unblock the Notifications