Delhi Airspace Closed: दिल्ली में 'नो फ्लाई जोन', लगातार 6 दिन बंद रहेगा एयरस्पेस, होने वाला है कुछ बड़ा?
Delhi Airspace Closed: दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) से सफर करने वालों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आई है। 21 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक देश की राजधानी का आसमान हर दिन एक निश्चित समय के लिए पूरी तरह सील्ड कर दिया जाएगा। इस दौरान न तो कोई विमान टेक-ऑफ कर पाएगा और न ही किसी फ्लाइट को लैंडिंग की इजाजत होगी।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच उड़ानों पर लगने वाला यह महा-ब्रेक हजारों यात्रियों के सफर में खलल डालने वाला है। आखिर क्यों देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट पर रोजाना ढाई घंटे का सन्नाटा पसरा रहेगा? दरअसल, यह सब हो रहा है गणतंत्र दिवस 2026 (Republic Day 2026) की अभेद्य सुरक्षा और भारतीय वायुसेना के जांबाज विमानों द्वारा किए जाने वाले फ्लाईपास्ट रिहर्सल के कारण।

रोजाना ढाई घंटे तक नहीं होगी कोई 'लैंडिंग' या 'टेक-ऑफ'
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस (NOTAM) के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था और एयरफोर्स की रिहर्सल को सुचारू बनाने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
- समय: सुबह 10:20 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक।
- अवधि: कुल 2 घंटे 25 मिनट (145 मिनट) का 'नो फ्लाई' जोन।
- तारीख: 21 जनवरी से शुरू होकर गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) तक।
- प्रभाव: यह समय एयरपोर्ट के सबसे व्यस्ततम घंटों में से एक है, इसलिए इसका व्यापक असर पूरे दिन के फ्लाइट रोटेशन पर पड़ेगा।
Delhi Airspace Closed: घरेलू ही नहीं, इन अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी पड़ेगा असर
दिल्ली एयरपोर्ट पर लगने वाली इस पाबंदी की गूंज वैश्विक स्तर पर सुनाई देगी। टोरंटो, वॉशिंगटन, ताशकंद, काठमांडू और कोलंबो जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की उड़ानें प्रभावित होंगी। हजारों यात्रियों की फ्लाइट्स या तो रद्द कर दी जाएंगी या उन्हें दूसरे समय पर शिफ्ट किया जाएगा। एयरलाइंस के पास सीमित समय में अधिक उड़ानों को संभालने का दबाव होगा, जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने का खतरा भी बढ़ गया है।
Delhi Airspace: सुरक्षा के साथ 'कोहरे' की दोहरी मार
जनवरी के अंत में दिल्ली का घना कोहरा (Dense Fog) अक्सर हवाई यातायात के लिए मुसीबत बनता है। कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण उड़ानों में पहले ही देरी होती है, और अब ढाई घंटे की दैनिक पाबंदी से यह संकट और गहरा सकता है। वायुसेना के विमानों के फ्लाईपास्ट अभ्यास और विदेशी गणमान्य अतिथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हवाई क्षेत्र को खाली रखना एक अनिवार्य प्रोटोकॉल है, जिसे हर साल कड़ाई से लागू किया जाता है।
यात्रियों के लिए अनिवार्य ट्रैवल एडवाइजरी
| सलाह (Tips) | क्या करना होगा? | |
|---|---|---|
| 1 | फ्लाइट स्टेटस | एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर 'Flight Status' नियमित चेक करें। |
| 2 | संपर्क जानकारी | सुनिश्चित करें कि एयरलाइन के पास आपका सही मोबाइल नंबर अपडेट हो। |
| 3 | अतिरिक्त बफर समय | कनेक्टिंग फ्लाइट्स के बीच कम से कम 6-8 घंटे का अंतर रखें। |
| 4 | फ्लेक्सिबल टिकट | इन तारीखों के लिए 'जीरो डेट चेंज' वाली टिकट को प्राथमिकता दें। |
| 5 | कोहरा अलर्ट | एयरपोर्ट निकलने से पहले विजिबिलिटी और कोहरे की स्थिति भी जांच लें। |
नोट: दिल्ली एयरपोर्ट से गुजरने वाले यात्री पहले से वैकल्पिक योजना तैयार रखें, क्योंकि कोहरा और हवाई पाबंदी मिलकर यात्रा के समय को काफी बढ़ा सकते हैं।












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