छत्तीसगढ़ के पहले CM अजीत जोगी की पार्टी का होगा BJP में विलय? नई पारी शुरू करेंगे अमित जोगी
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में चुनाव जीतने के बाद भाजपा अब लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप करने के लिए हर संभव कसरत कर रही है। चर्चा है कि राज्य की क्षेत्रीय पार्टी "जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़" यानी जोगी कांग्रेस का भाजपा में विलय होना तय है,वहीं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी भाजपा के टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। ज्ञात हो कि अमित जोगी छत्तीसगढ़ के पहले सीएम अजीत जोगी के बेटे हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद उनकी भाजपा नेताओं के साथ करीबी देखी जा है।

अमित जोगी ने दिल्ली पहुंचकर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इसके अलावा वह छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलकर उन्हें जीत की बधाई दे चुके हैं। दोनों तस्वीरें उन्होंने अपने सोशल मीडिया खातों पर साझा की है।
इसी वजह से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि जेसीसीजे का बीजेपी में विलय हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के अधिकतर नेता भाजपा के साथ जाने में सहमत हैं और अमित जोगी भाजपा की टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।
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अजीत जोगी की पार्टी का सफर
छत्तीसगढ़ का गठन हुआ,तो कांग्रेस की सरकार बनी और राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी बने। 2003 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत हासिल करके कांग्रेस से सत्ता छीन ली। कांग्रेस 15 साल तक सत्ता से बाहर रही,लेकिन अजीत जोगी का जादू कम नहीं हुआ। आईएएस अफसर से राजनेता बने अजीत जोगी लम्बे समय तक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा थे, हालाकिं अन्य नेताओं का कद बढ़ने और पार्टी एकाधिकार समाप्त होने के बाद अलग पार्टी बनाकर बसपा के साथ गठबंधन करके 2018 के विधानसभा का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में अजीत जोगी की पार्टी "जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)" ने 5 सीटें मिली थीं। चुनाव जीतने वालों में वह खुद और उनकी धर्मपत्नी रेणु जोगी भी शामिल थी।
तो क्या खत्म हो चुका है जोगी का राजनीतिक कुनबा?
29 मई 2020 को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) सुप्रीमो अजीत जोगी का निधन हो गया,जिसके बाद पार्टी में बिखराव शुरू हो गया। 2018 में जनता कांग्रेस ने 5 सीटें जीती थी, किंतु अब पार्टी से एकमात्र विधायक (1) रेणु जोगी ही बची है। (2) अजीत जोगी और (3)देवव्रत सिंह का निधन हो गया है,जबकि (4)धरमजीत सिंह ने भाजपा और (5) प्रमोद शर्मा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। दिग्गज नेताओ की गैरमौजूदगी ने जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का हौसला तोड़ दिया और कई एक-एक करके अन्य दलों में शामिल होने लगे।
इस बीच पार्टी संभाल रहे अमित जोगी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कई नेताओ को कई सीटों पर प्रत्याशी उतारे,जबकि उन्होंने खुद तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ पाटन सीट से चुनाव लड़ा,लेकिन हार गए। यह लगभग साफ़ है कि छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी की बनाई पार्टी अब लगभग खत्म हो चुकी है। पार्टी के पास ना तो जनाधार बचा है और न ही ऐसे नेता जो दोबारा इसे खड़ा कर सकें। ऐसे में अमित जोगी की भाजपा नेताओ से बढ़ती करीबियां साफ़ इशारा कर रही हैं कि जूनियर जोगी "जोगी कांग्रेस" को भाजपा के हाथों सौंपने के लिए तैयार हैं।
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