CBSE का बड़ा फैसला! अब DigiLocker पर मिलेगी स्कैन ऑन्सर कॉपी, OSM के लिए TCS की जगह Coempt को कैसे मिला ठेका?

CBSE Scanned Answer Sheets: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम को लेकर देश भर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शन और कॉपियों के मूल्यांकन में तकनीकी गड़बड़ियों के आरोपों के बीच बोर्ड ने एक बड़ा डैमेज कंट्रोल कदम उठाया है।

सीबीएसई ने को एलान किया कि छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अगले साल (2027) से छात्रों की स्कैन की हुई उत्तर पुस्तिकाएं (Answer Sheets) सीधे DigiLocker पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

cbse-scanned-answer-sheets-digilocker

इसके साथ ही, बोर्ड ने तेलंगाना की विवादित कंपनी Coempt Edu Teck को कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन का ठेका दिए जाने और ओएसएम (OSM) प्रणाली का पुरजोर बचाव किया है।

OSM प्रणाली को लेकर क्यों हुआ विवाद?

CBSE ने दिसंबर 2025 में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के लिए तेलंगाना स्थित कंपनी Coempt Edu Teck को ठेका दिया था। इसके बाद 9 फरवरी 2026 को बोर्ड ने इस प्रणाली को बड़े स्तर पर लागू करने की घोषणा की। हालांकि OSM लागू होने के बाद तकनीकी गड़बड़ियों,उत्तर पुस्तिकाओं के मिक्स-अप और मूल्यांकन संबंधी शिकायतों को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

राहुल गांधी ने OSM के लिए कंपनी के चयन पर उठाए थे सवाल

हाल ही में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने तेलंगाना में इस कंपनी के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) भी तकनीकी खामियों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है।

बोर्ड का आधिकारिक रुख: इन आरोपों का जवाब देते हुए सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तेलंगाना में परीक्षा के बाद मैनेजमेंट से जुड़े इस कंपनी के कानूनी मामलों की जांच पहले ही अदालतों द्वारा की जा चुकी है और न्यायिक समीक्षा में कुछ भी असामान्य या गलत नहीं पाया गया था।

CBSE Row: 'मेरी कॉपी कहां गई?' कौन हैं वेदांत श्रीवास्तव जिसके एक पोस्ट से मचा बवाल, बोर्ड को देनी पड़ी सफाई
CBSE Row: 'मेरी कॉपी कहां गई?' कौन हैं वेदांत श्रीवास्तव जिसके एक पोस्ट से मचा बवाल, बोर्ड को देनी पड़ी सफाई

Coempt Edu Teck को कैसे मिला ठेका? सिर्फ 66 दिनों में पूरा रोलआउट

CBSE अधिकारियों के मुताबिक कंपनी का चयन पूरी तरह से टेंडर प्रक्रिया के तहत किया गया। HT की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीबीएसई ने 5 दिसंबर 2025 को 'कोएम्प्ट' (Coempt) कंपनी को ओएसएम (OSM) का ठेका दिया था। इसके महज 66 दिन बाद ही, 9 फरवरी 2026 को बोर्ड ने पूरे देश में इस डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को बड़े पैमाने पर लागू करने का एलान कर दिया। इतनी कम समय-सीमा के भीतर इतने बड़े सिस्टम को लागू करने की जल्दबाजी को लेकर भी अब बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

CBSE दो बार पहले भी टेंडर जारी कर चुका था, लेकिन कोई योग्य वेंडर नहीं मिल पाया था। इसके बाद अगस्त 2025 में नियमों (RFP) में कुछ तकनीकी बदलाव किए गए। यह टेंडर QCBS (क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन) फ्रेमवर्क के तहत दिया गया, जिसमें 70% वेटेज तकनीकी मानकों को और 30% वेटेज वित्तीय बोलियों (Financial Bids) को दिया गया था।

तकनीकी राउंड में केवल दो ही कंपनियां क्वालिफाई कर पा ईंTCS और Coempt। कोएम्प्ट ने प्रति ऑन्सर कॉपी टैक्स सहित लगभग ₹25.75 का रेट कोट किया। वहीं, टीसीएस (TCS) की दरें काफी ऊंची थीं, जो कुछ श्रेणियों के लिए टैक्स सहित लगभग ₹65 प्रति कॉपी थीं। कम लागत (Lowest Bidder) होने के कारण यह ठेका कोएम्प्ट को मिला।

98 लाख कॉपियों में सिर्फ 20 गड़बड़ियां: CBSE का दावा

मूल्यांकन के दौरान कॉपियों के आपस में बदलने या मिसमैच (Mismatches) होने की खबरों पर अधिकारियों ने माना कि लगभग 20 ऐसे मामले सामने आए हैं। CBSE ने कहा-जिस बच्चे की उत्तर पुस्तिका आपस में बदली है, उसके लिए कोई भी स्पष्टीकरण काफी नहीं है, हम उनका दर्द समझते हैं। लेकिन हमें इस कसरत के पैमाने को भी देखना होगा। लगभग 98 लाख (9.8 Million) उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया गया है। इतने बड़े पैमाने पर मैन्युअल (पारंपरिक) चेकिंग में भी मानवीय गलतियां हो जाती हैं। हम इन कमियों की जांच कर रहे हैं और अगले साल तक इस सिस्टम को पूरी तरह 'ग्लिच-फ्री' बना देंगे।

लापरवाही पर भारी जुर्माना: ₹4,000 से लेकर ₹15,000 तक पेनाल्टी

तकनीकी खामियों और कॉपियों के मिसमैच को बोर्ड ने बेहद गंभीरता से लिया है। सत्यापन (Verification) प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंध के प्रावधानों के तहत वेंडर कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा:

  • गलत स्कैन या मिसमैच कॉपी: प्रति कॉपी ₹4,000 का जुर्माना।
  • आंशिक रूप से स्कैन की गई कॉपी: प्रति कॉपी ₹8,000 का जुर्माना।
  • पूरी तरह से अन-स्कैन (छूट गई) कॉपी: प्रति कॉपी ₹15,000 का भारी जुर्माना।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि CBSE इस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू कर पाता है तो यह देश की परीक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि OSM प्रणाली को लेकर उठे सवालों ने यह भी दिखाया है कि डिजिटल बदलाव के साथ तकनीकी मजबूती और जवाबदेही सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है। फिलहाल CBSE का दावा है कि वह OSM प्रणाली को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने और छात्रों को अधिक पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

CBSE का 'रील्स' वाला PR स्टंट! OSM विवाद पर बोर्ड ने स्कूलों को थमाया सोशल मीडिया PR टास्क, कहा- बोल सब ठीक है
CBSE का 'रील्स' वाला PR स्टंट! OSM विवाद पर बोर्ड ने स्कूलों को थमाया सोशल मीडिया PR टास्क, कहा- बोल सब ठीक है
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+