'बकरा हलाल होते देखा है,' गाजियाबाद में Bakrid पर दोस्त असद ने सूर्या को चाकुओं से गोदा, अस्पताल में तोड़ा दम
Ghaziabad Khoda Murder Case: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के खोड़ा इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में भारी तनाव पैदा कर दिया है। नवनीत विहार कॉलोनी में रहने वाले 11वीं के छात्र सूर्या चौहान (17 वर्ष) को उसके ही दोस्त असद ने बकरीद के मौके पर घर बुलाया और फिर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान सूर्या ने दम तोड़ दिया।
इस खौफनाक हत्याकांड के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है, जिसे देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 5 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। जिसमें तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और दो को हिरासत में रखा गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। आइए जानतें हैं चश्मदीद दोस्तों, पीड़ित परिवार व पुलिस अधिकारियों ने इस घटना पर क्या बयान दिए हैं...

दोस्त विक्की का बयान: 'आओ दिखाता हूं...'
सूर्या के साथ मौके पर मौजूद उसके दोस्त विक्की ने पुलिस और मीडिया को घटना की पूरी सच्चाई बताते हुए कहा, 'गुरुवार को असद ने उन्हें बकरीद पर घर बुलाया था। घर पहुंचने पर उसने सूर्या से पूछा कि क्या उसने बकरा हलाल होते देखा है? 'नहीं' कहने पर उसने कहा कि 'आओ दिखाता हूं'। जब सूर्या ने जाने से इनकार किया तो अरशद उसे गालियां देने लगा। जब सूर्या ने गाली का विरोध किया तो उसने उसके पेट में चाकू से कई वार कर दिए।'
भाई यश ने बताई हमले की एक-एक बात
सूर्या के बड़े भाई यश ने खोड़ा पुलिस थाने में दर्ज कराई शिकायत में कहा है कि, 'गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे, असद नाम के एक युवक ने खोड़ा कॉलोनी में शर्मा डेयरी के पास मेरे भाई सूर्या पर जान से मारने की नीयत से हमला किया। मेरा भाई और उसके दोस्त आयुष और विक्की उस समय साथ थे। इसी बीच गली में उनका सामना असद से हो गया। वह मेरे भाई से झगड़ा करने लगा और गालियां देने लगा। असद ने जान से मारने की नीयत से मेरे भाई के पेट में चार बार चाकू घोंपा। जानकारी मिलने के बाद हम तुरंत पहुंचे और उसे पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया।'
पीड़ित मां का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक की मां के मुताबिक असद नाम के लड़के ने उनके बेटे को बहला-फुसलाकर बकरीद के दिन घर बुलाया था। रो-रोकर इंसाफ की मांग करते हुए पीड़ित मां ने भावुक होकर पुलिस पर भी आरोप लगाए:
उन्होंने कहा कि, 'मैं घर पर नहीं थी; मैं ड्यूटी पर थी। किसी ने मुझे फोन किया और बताया कि मेरे बेटे को चाकू मार दिया गया है। जब मैं आई, तो मैंने करीब 7 बजे अपने बेटे का चेहरा देखा। उसके बाद, मुझे आधे दिन तक उसका चेहरा देखने को नहीं मिला। मुझे इंसाफ चाहिए। पुलिस कुछ नहीं कर रही है; वे सो रहे हैं। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो क्या वे उस व्यक्ति को नहीं पकड़ पाते जिसने दोपहर 1 बजे मेरे बेटे को चाकू मारा था?
मौसी सुनीता का फूटा गुस्सा: 'वे साबित करना चाहते थे'
अस्पताल पहुंचने के बाद जो देखा, उसे बयां करते हुए सूर्या की मौसी सुनीता ने मीडिया से कहा, 'मैं पहले अस्पताल गई थी। मैंने उन्हें वहां देखा। वे साबित करना चाहते थे कि पहले एक बकरे की बलि दी गई और अब, वे एक इंसान की बलि देंगे। बकरा ईद के दिन मेरे बच्चे को धोखे से घर से बुलाया गया। फिर उससे पूछा गया कि बकरा कैसे हलाल किया जाता है। हिंदू बच्चे ऐसी चीजों के बारे में क्या जानते हैं? हमारे बच्चों ने कभी खून-खराबा नहीं देखा। वे क्या कहेंगे? वे कहेंगे कि उन्होंने इसे कभी नहीं देखा था। फिर उसके पेट में चाकू मार दिया गया और उसकी जिंदगी वहीं खत्म हो गई।'
उन्होंने आगे कहा, '24 घंटे से ज्यादा समय हो गया है और अभी तक इंसाफ नहीं मिला है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। 24 घंटे बाद भी प्रशासन और समय मांग रहा है। मेरे भाई का शव अभी भी अस्पताल में पड़ा है। बिजली भी काट दी गई है ताकि हम विरोध न कर सकें या न्याय के लिए आवाज न उठा सकें।'
गाजियाबाद पुलिस ने अब तक क्या लिया एक्शन?
इस संवेदनशील मामले पर एसीपी (ACP) अभिषेक श्रीवास्तव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि: '28 मई को खोड़ा पुलिस स्टेशन को एक किशोर से जुड़ी चाकूबाजी की घटना की सूचना मिली थी। स्थानीय पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पीड़ित को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 29 मई को दोपहर करीब 12:00 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।'
'खोड़ा पुलिस टीम ने तीन नामजद संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है, और दो अन्य संदिग्ध व्यक्ति हिरासत में हैं जिनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।'
DCP धवल जायसवाल ने क्या कहा?
ट्रांस-हिंडन और सिटी के डीसीपी धवल जायसवाल ने मामले की कानूनी धाराओं और सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए बताया: 'परिजनों की शिकायत के आधार पर गुरुवार को खोड़ा थाने में बीएनएस (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लेकिन अब चूंकि पीड़ित की मौत हो चुकी है, इसलिए इस एफआईआर को हत्या के मामले (Murder Case) में बदल दिया जाएगा। कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए खोड़ा पुलिस स्टेशन पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। हम आरोपी के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रहे हैं।'
8 महीने पुराना विवाद और रंजिश का एंगल
आपको बता दें कि सूर्या अपने परिवार के साथ खोड़ा के नवनीत विहार कॉलोनी में रहता था और वह 11वीं का छात्र था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूर्या और असद के बीच करीब 8 महीने पहले भी एक विवाद और मारपीट हुई थी, लेकिन कुछ दिन पहले दोनों में दोबारा बातचीत शुरू हो गई थी। इसी का फायदा उठाकर असद ने रंजिश के तहत उसे घर बुलाया और घटना को अंजाम दिया।
घटना से स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। हालात को देखते हुए खोड़ा नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रीना भाटी भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की है।












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