छत्तीसगढ़ की बेटी...यूपी की बहू...जानिए कौन हैं केतकी सिंह, जिन्होंने भाजपा के टिकट पर जीता चुनाव
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा में बड़ी जीत दर्ज की है। उत्तर प्रदेश में हुई जीत का जश्न छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी कम नहीं है। दरअसल छत्तीसगढ़ दुर्ग ,उत्तर प्रदेश के बलिया जिले
दुर्ग,10 मार्च। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा में बड़ी जीत दर्ज की है। उत्तर प्रदेश में हुई जीत का जश्न छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी कम नहीं है। दरअसल छत्तीसगढ़ दुर्ग ,उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांसडीह विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के बाहुबली नेता राम गोविंद चौधरी को हराने वाली केतकी सिंह का मायका है।

बांसडीह में मिली जीत , दुर्ग में मनाया जा रहा जश्न
भाजपा की केतकी सिंह ने बलिया जिले के बांसडीह विधानसभा सीट से जीत हासिल की है। केतकी सिंह शादी से पहले छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में ही रहती थीं ,लिहाजा उनके मायके में इस समय जश्न का माहौल है। केतकी सिंह ने 5 बार के विधायक समाजवादी पार्टी के बड़े नेता राम गोविंद चौधरी को 21134 मतों के अंतर से पराजित कर दिया है। यह पहला मौका नहीं है जब छत्तीसगढ़ की बेटी ने यूपी में चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाई हो। भाजपा नेत्री केतकी सिंह ने इससे पहले भी बांसडीह से ही दो चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन दोनों बार उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। इस बार उनकी कसिमत ने साथ दिया और योगी के बुलडोजर के पावर से वह जीत गई हैं । केतकी की जीत के बाद उनके मायके में जश्न का माहौल है। दुर्ग स्थित उनके घर में मिठाई बाँटने के साथ,जमकर पटाखे फोड़े जा रहे हैं।

परिवार के लोग मानते हैं,केतकी को मिल सकता है मंत्री बनने का मौका
दरअसल छत्तीसगढ़ के दुर्ग में हनुमान नगर नाम के स्थान में बलिया पुरम नाम की जगह है,जो कि केतकी सिंह का घर है। उनके इस घर से पास ही उनका मायका भी है। केतकी सिंह के देवर प्रशांत सौरभ सिंह का कहना है कि उनका परिवार राजनीतिक पृष्ठभूमि का है। प्रशांत के बड़े भाई का नाम शांत स्वरूप सिंह है ,जो केतकी सिंह के साथ पैतृक गांव में रहते हैं। परिवार के लोग मानते हैं कि समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता को हराने के बाद केतकी सिंह को योगी सरकार में मंत्री बनने का मौका मिल सकता है।

बांसडीह में पहली बार भाजपा का खाता खुला
बांसडीह में पहली बार भाजपा का खाता खुला है। आठ बार के विधायक रहे रामगोविंद चौधरी को निषाद पार्टी-भाजपा गठबंधन प्रत्याशी केतकी सिंह ने जोरदार पटखनी दी है। रामगोविंद इस सीट पर 2012 से लगातार विधायक हैं। उनका विजय रथ केतकी ने रोका है। बता दें कि बलिया की हाट सीट में बांसडीह भी खूब चर्चा में रही है। सबकी नजरें टिकी थी कि लगातार दो बार जीत हासिल कर चुके रामगोविंद चौधरी क्या इस बार भी यहां से जीतेंगे। पिछली बार भी निर्दल लड़कर केतकी सिंह ने उन्हें कड़ी चुनौती दी थी। 2007 में बसपा से विधायक रहे शिवशंकर चौहान ने भी इस बार भाजपा का साथ दिया, इसका भी फायदा केतकी सिंह को मिला।

दिग्गजों की चमक से सराबोर रहा है बांसडीह
बांसडीह विधानसभा सीट चुनाव दिग्गजों की चमक से सराबोर रहा है। यहा से समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी , दिवंगत कांग्रेस नेता बच्चा पाठक के पौत्र पुनीत पाठक, बीएसपी से मानती राजभर,वीआईपी के अजय शंकर पांडेय चुनावी मैदान पर अपनी ताल ठोक रहे थे। इन सबके बीच बीजेपी की केतकी सिंह ने बाजी मारी है।

2017 में भी दी थी दिग्गजों को कड़ी टक्कर
2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से कुल 18 उम्मीदवार मैदान में थे। इस समय बांसडीह समाजवादी पार्टी की जीती हुई 47 सीटों में शामिल थी। इस सीट से दिग्गजों के बीच बेहद ही करीबी मुकाबला था, तब भी केतकी सिंह ने अच्छा प्रदर्शन किया था। भाजपा से टिकट ना मिलने के बाद केतकी सिंह ने समाजवादी पार्टी के राम गोविंद चौधरी को निर्दलीय प्रत्याशी होते हुए भी कड़ी टक्क्र दी थी। इस चुनाव में केतकी को राम गोविंद चौधरी से 1,687 मतों से शिकस्त मिली थी।
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