TMC में कितने सांसद हैं एक्टर-एक्ट्रेस? क्या है उनकी जाति? जानें सायनी घोष-जून मालिया समेत सबकी पूरी प्रोफाइल
TMC Star MP Caste: पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष और गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। चुनाव में भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सत्ता पर कब्जा जमाया, जिसके बाद टीएमसी के अंदर नेतृत्व और रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया घमासान
अब ये नाराजगी पार्टी के सांसदों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन करने या उसमें शामिल होने की इच्छा जताई है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है और टीएमसी के लिए चुनौती और बढ़ा दी है।

TMC के स्टार सांसद और उनकी जाति
-पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिर्फ राजनीतिक ताकत के लिए ही नहीं बल्कि फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े बड़े चेहरों को राजनीति में लाने के लिए भी जानी जाती है। पार्टी के कई सांसद ऐसे हैं जिन्होंने पहले अभिनय, मॉडलिंग और टेलीविजन की दुनिया में नाम कमाया और बाद में राजनीति में अपनी पहचान बनाई। इनमें बंगाली सिनेमा के सुपरस्टार से लेकर टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्रियां और बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार तक शामिल हैं।
-हालांकि इन सांसदों की राजनीतिक यात्रा जितनी चर्चा में रहती है, उतनी ही दिलचस्प लोगों की इनके निजी जीवन को लेकर भी उत्सुकता रहती है। अक्सर लोग जानना चाहते हैं कि टीएमसी के इन चर्चित सांसदों का फिल्मी सफर कैसा रहा, वह किस धर्म और सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं और राजनीति में उनकी एंट्री कैसे हुई। आइए जानते हैं तृणमूल कांग्रेस के उन सांसदों के बारे में, जो कभी मनोरंजन जगत के चमकते सितारे रहे और आज संसद में जनता की आवाज बनकर अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
1. सायोनी घोष (Saayoni Ghosh)
सायोनी घोष बंगाली फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग और टीवी शोज से की थी, जिसके बाद वह कई फिल्मों में नजर आई थीं। साल 2021 में उन्होंने राजनीति में एक्टिव भूमिका निभाई और तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गईं। वर्तमान में वह पार्टी की युवा इकाई तृणमूल यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में वह जादवपुर सीट से जीत दर्ज कर सांसद बनीं।
क्या है सायोनी घोष की जाति?
सायोनी घोष एक बंगाली हिंदू परिवार से ताल्लुक रखती हैं। घोष (Ghosh) बंगाल (पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश) और असम में एक प्रमुख जाति और उपनाम है। बंगाल में 'घोष' मुख्य रूप से कुलीन कायस्थ (Kulin Kayastha) जाति से आते हैं। संस्कृत में 'घोष' का अर्थ 'ग्वाला' या 'पशुपालक' होता है।
2. शताब्दी रॉय (Satabdi Roy)
शताब्दी रॉय बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री, निर्देशक और राजनेता हैं। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने बंगाली फिल्मों में कई सुपरहिट भूमिकाएं निभाई हैं। साल 2009 में राजनीति में कदम रखने के बाद वह तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बीरभूम लोकसभा सीट से लगातार कई बार सांसद चुनी गईं। फिल्मी करियर के साथ-साथ वह सामाजिक कार्यों में भी एक्टिव रही हैं।
क्या है शताब्दी रॉय की जाति?
शताब्दी रॉय मूल रूप से एक बंगाली हिंदू परिवार से आती हैं। उनके पूरे नाम और पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार, उन्हें ब्राह्मण समुदाय से माना जाता है। रॉय (Roy) मूल रूप से एक प्रतिष्ठित उपाधि या उपनाम है, जो संस्कृत शब्द 'राजन्' (राजा) से निकला है। ये कोई एक विशिष्ट जाति नहीं है बल्कि भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग समुदायों और जातियों द्वारा उपयोग की जाती है। बंगाल में रॉय (Roy) एक बेहद आम उपनाम है। इसका उपयोग कायस्थ, ब्राह्मण, वैश्य और नामशूद्र (जो राज्य में अनुसूचित जाति में आते हैं) सहित कई जातियां करती हैं।
3. दीपक अधिकारी (देव)
पश्चिम बंगाल के घाटाल से टीएमसी (TMC) सांसद और एक्टर दीपक अधिकारी (देव) बंगाली सिनेमा के सबसे सफल सुपरस्टार्स में गिने जाते हैं। उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अभिनय किया है और बंगाल में उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। साल 2014 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राजनीति में कदम रखा था। अभिनेता होने के साथ-साथ वह फिल्म निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी एक्टिव हैं। युवा मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है।
क्या है दीपक अधिकारी की जाति?
'अधिकारी' उपनाम का उपयोग भारत और नेपाल में कई जातियों द्वारा किया जाता है। पश्चिम बंगाल में यह उपनाम विभिन्न समुदायों में पाया जाता है। 'अधिकारी' किसी एक विशेष जाति का नाम नहीं है बल्कि ये एक उपनाम और पदवी है जिसका शाब्दिक अर्थ 'अधिकार रखने वाला' या 'प्रशासक' होता है। पश्चिम बंगाल में 'अधिकारी' उपनाम मुख्य रूप से वैष्णव समुदाय, महिष्य जाति और अन्य सामान्य जातियों (General Castes) के लोगों द्वारा प्रयोग किया जाता है।
4. रचना बनर्जी (Rachana Banerjee)
रचना बनर्जी बंगाली और ओड़िया फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अपने करियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम किया है और बंगाल के लोकप्रिय टीवी शो 'दिदी नंबर 1' की होस्ट के रूप में भी बड़ी पहचान बनाई है। साल 2024 में उन्होंने राजनीति में एंट्री की और हुगली लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बनीं। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनकी लोकप्रियता का फायदा उन्हें राजनीति में भी मिला।
क्या है रचना बनर्जी की जाति?
रचना बनर्जी बंगाली कुलीन ब्राह्मण (Hindu Brahmin) समुदाय से आती हैं। बंगाल में 'बनर्जी' (Bandopadhyay) उपनाम मुख्य रूप से राढ़ी गोत्र और कुलीन ब्राह्मण वर्ग से संबंधित है। इनकी पैतृक वंशावली ऋषि शांडिल्य से जुड़ी हुई है। ये उपनाम बंगाली ब्राह्मणों की राढ़ी शाखा से संबंधित है। ऐतिहासिक रूप से बंगाल के सेन राजवंश के दौरान, राजा बल्लाल सेन ने उत्तर प्रदेश के कन्नौज से वैदिक ब्राह्मणों को बंगाल आमंत्रित किया था। ये परिवार उसी परंपरा से जुड़े हुए हैं।
5. जून मालिया (June Malia)
जून मालिया बंगाली फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस हैं। उन्होंने कई फिल्मों, धारावाहिकों और वेब सीरीज में काम किया है। अभिनय के अलावा वह सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी एक्टिव रही हैं। साल 2021 में जून मालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बनीं और बाद में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हो गईं। वह अपनी बेबाक राय और सामाजिक मुद्दों पर सक्रियता के लिए जानी जाती हैं।
क्या है जून मालिया की जाति?
जून मालिया मूल रूप से बंगाली और एंग्लो-इंडियन समुदाय (जन्म से 'जून डोबे') से आती हैं। उनके पिता की जड़ें इलाहाबाद से जुड़ी थीं और उनकी मां एक बंगाली हैं। 'मालिया' उनका पहला उपनाम (सरनेम) है, जिसे उन्होंने पहले विवाह के बाद लिया था और उसी नाम से सिनेमा व राजनीति में फेमस हैं। मालिया सरनेम तटीय कर्नाटक क्षेत्र का एक प्रमुख उपनाम है जो मुख्य रूप से गौड़ सारस्वत ब्राह्मण (GSB) समुदाय से संबंधित है। ये समुदाय माधव संप्रदाय को मानता है और इसके अनुयायी गोकर्ण मठ और काशी मठ से जुड़े होते हैं।
6. शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha)
शत्रुघ्न सिन्हा हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और अनुभवी राजनेता हैं। 'खामोश' और 'शॉटगन' के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा ने 1970 और 1980 के दशक में बॉलीवुड में जबरदस्त सफलता हासिल की। राजनीति में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से शुरुआत की थी और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थामा। वर्तमान में वह पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से सांसद हैं।
क्या है शत्रुघ्न सिन्हा की जाति?
शत्रुघ्न सिन्हा का संबंध कायस्थ समुदाय से है। उनका जन्म बिहार के पटना में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। 'सिन्हा' कोई स्वतंत्र जाति नहीं है बल्कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में विभिन्न समुदायों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक सामान्य उपनाम है। संस्कृत में इसका अर्थ 'शेर' होता है, जो वीरता का प्रतीक है। बिहार में कायस्थ समुदाय के लोग (जैसे चित्रगुप्तवंशी कायस्थ और अंबास्थ कायस्थ) बड़ी संख्या में 'सिन्हा' उपनाम का प्रयोग करते हैं। इन्हें अपनी प्रशासनिक और लेखकीय क्षमताओं के लिए जाना जाता है।












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