टीएस सिंहदेव की चिट्ठी से पार्टी विधायक नाराज, मंत्री रवींद्र चौबे बोले आलाकमान लेंगी फैसला
रविवार देर रात सीएम हाउस में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 14 मंत्रियों और विधायकों ने सिंहदेव की चिट्ठी लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जाहिर की है। मामला कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी तक पहुंच गया है।
रायपुर, 18 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार के सीनियर कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव के त्याग पत्र पर कांग्रेस के भीतर हड़कंप मचा हुआ है। सरकार के मंत्री रविंद्र चौबे का कहना है कि रविवार देर रात सीएम हाउस में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 14 मंत्रियों और विधायकों ने सिंहदेव की चिट्ठी लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जाहिर की है। मामला कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी तक पहुंच गया है। अब इस मामले में वही फैसला लेंगी।

कांग्रेस विधायकों की बैठक में उठा मामला
छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले टी एस सिंहदेव ने अपनी ही सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंहदेव की तरफ से सीएम भूपेश बघेल को लिखा गए पत्र की कॉपी सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है। रविवार रात को सीएम हाउस में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के मतदान का प्रशिक्षण देने के एकल एजेंडे पर आयोजित थी,लेकिन बैठक शुरू होते ही नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने टीएस सिंहदेव के इस्तीफे का विषय उठाते हुए कहा कि यह स्थिति सरकार को अपमानित करने वाली स है। कांग्रेस की सरकार बढ़िया काम कर रही है। इसके बावजूद सिंहदेव का इस प्रकार का पत्र लिखा जाना बेहद आपत्तिजनक है।

सिंहदेव पर लगाए गए अनुशासनहीनता के आरोप
बताया जा रहा है कि बैठक में नए नवेले अनुभवहीन युवा विधायक भी सिंहदेव जैसे वरिष्ठ नेता के खिलाफ आवाज उठाने से नहीं चुके। बैठक में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने टी एस सिंहदेव पर अनुशासनहीन होने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग कर डाली। इधर बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान कृषि मंत्री और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रवक्ता रविंद्र चौबे ने कहा, यह बड़ा मामला है, महाराज साहब यानि टीएस सिंहदेव ने जिस तरीके से पत्र लिखा है, उसपर अधिकतर विधायकों ने प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। सिंहदेव ने अपने विभाग छोड़ने की जो वजह गिनाई हैं,उसके कारण से से अधिकांश विधायक आहत महसूस कर रहे थे। चौबे ने आगे बताया कि कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी एल पुनिया के माध्यम से कांग्रेस आलाकमान तक बातें पहुंचा दी गई हैं, इस मामले में वही फैसला लेंगी।

विधायकों से करवाए गए सिंहदेव के खिलाफ दस्तखत !
रविवार रात को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिंहदेव नहीं पहुंचे थे। सिंहदेव का कहना है कि अपने अंबिकापुर प्रवास के कारण बैठक में नहीं पहुँच पाने की सूचना उन्होंने पहले भी मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी थी। इधर चर्चा है कि सिंहदेव की गैरमौजूदगी में विधायक दल की बैठक में सिंहदेव के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भूपेश खेमें के 50 से अधिक विधायकों ने दस्तखत करके पार्टी आलाकमान तक पत्र भिजवाया है।
गौरतलब है कि सिंहदेव का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से व्यक्तिगत तौर पर कई बार अनुरोध करने के बाद बात नहीं बनने के बाद मजबूरन उन्हें पत्र लिखकर अपनी बाते कहनी पड़ी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग काम की परिस्थितियां प्रतिकूल हो चुकी थीं और उन्हें भारसाधक मंत्री होने के बावजूद विश्वास में नहीं लिया जा रहा था,इसलिए उन्हें मजबूरी में इस्तीफ़ा देना पड़ा।

विपक्ष बोला, छत्तीसगढ़ में महाराष्ट्र सी स्थित
एक तरफ कांग्रेस टी एस सिंहदेव पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है,वही दूसरी तरफ इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष भी भूपेश बघेल सरकार पर हमले बोल रहा है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि छत्तीसगढ़ में भी महाराष्ट्र की तरह कई कांग्रेस विधायक सरकार से इस्तीफा देंगे।
रमन सिंह ने कहा कि सरकार में नंबर दो के मंत्री टी एस सिंहदेव ने सीएम भूपेश बघेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि एक साजिश के तहत उन्हें परेशान किया जा रहा है। पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि सरकार के सीनियर मंत्री को अपने विभाग में काम करने का अधिकार नहीं दिया गया है,उनके विभाग के निर्णय उनसे बिना पूछे लिए जाते है ,इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच स्थिति ठीक नहीं है ।
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