UP की तरह छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस अपनाएगी "लड़की हूं लड़ सकती हूं" अभियान, महिलाओं को मिलेगा प्रतिनिधित्व
Like in UP, Congress will adopt "I can fight girl" campaign in Chhattisgarh, women's Congress will get representation
रायपुर ,12 फरवरी। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में प्रस्तावित हैं, लेकिन यह बात स्पष्ट है कि इस दफा कांग्रेस उत्तर प्रदेश की तरह ही छत्तीसगढ़ में महिलाओं को नेतृत्व देने वाली है। कांग्रेस से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का "लड़की हूं लड़ सकती हूं" अभियान का विस्तार छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भी देखने मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में सशक्त है महिलाओ का प्रतिनिधित्व
कांग्रेस के लिए छत्तीसगढ़ में महिलाओं को टिकट देने से लेकर संगठन में बड़े पदों पर जगह देना कोई कठिन काम नहीं होगा,क्योंकि यहां पहले से ही महिलाओं की भागीदारी काफी सशक्त है। छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है ,जहां 90 सीटों में से 13 सीटों पर महिलाओं का कब्ज़ा है। विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी कई बड़े राज्यो से काफी आगे है, मौजूदा छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी 14.4 फीसदी है , जो मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजराज, यूपी , बिहार और पश्चिम बंगाल से काफी अधिक है। भूपेश बघेल सरकार में 1 महिला मंत्री है,तो वहीं 3 महिला विधायक संसदीय सचिव के पद पर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही है।

लागू होगा उत्तर प्रदेश फार्मूला
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया का कहना है कि केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में महिलाओं को आगे लाने की जरुरत है। पुनिया का कहना है कि प्रियंका गाँधी के "लड़की हूँ लड़ सकती हूं " अभियान को छत्तीसगढ़ में लागू किया जायेगा,ताकि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सके।वहीं छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और सांसद फूलोदेवी नेताम का कहना है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नारे "लड़की हूं लड़ सकती हूं "के तहत यूपी विधानसभा में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट दिए गए। प्रियंका गाँधी की अगुवाई में कांग्रेस में आम जनता और महिलाओं के हक़ की लड़ाई लड़ रही है।

संगठन में भी महिलाओ को मिल रही हैं नियुक्तियां
भूपेश सरकार में महिलाओं को संसदीय सचिव बनाने के अलावा अब महिला कांग्रेस के माध्यम से छत्तीसगढ़ महिलाओ की भागीदारी को बढ़ाने के लिए प्रयास शुरू हो चुके हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ कांग्रेस में महिला प्रवक्ताओ की नियुक्तियां भी हुई हैं। वंदना सिंह राजपूत प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता की जिम्मेदारी निभा रही हैं। हाल ही में श्रुति शुक्ला को राजनांदगाव में जिला प्रवक्ता बनाया गया है , तो वही रायपुर की जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति उपाध्याय को महिला कांग्रेस प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

छत्तीसगढ़ में महिलाओं को मज़बूत बना रही है कांग्रेस:प्रीति उपाध्याय
कांग्रेस में नई नियुक्तियों में सामजिक तौर पर प्रतिष्ठित महिलाओं को पार्टी से जोड़ने की कवायद हो रही है। हाल में ही हुई नियुक्तियों के इसका असर साफ़ देखा जा सकता है। छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष फूलों देवी नेताम ने रायपुर निवासी प्रीति उपाध्याय को प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रवक्ता नियुक्त किया है। प्रीति उपाध्याय गांधी नेहरू की विचारधारा से प्रभावित रही हैं और एक निजी बैंक के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट पद से सेवानिवृत्ति लेकर समाज सेवा तथा कांग्रेस विचारधारा को बढ़ाने का कार्य करती रही हैं। प्रीति उपाध्याय विभिन्न सामाजिक एवं महिलाओं के हितों के मुद्दों पर अक्सर न्यूज़ चैनलों तथा डिबेट में देखी जाती रही हैं।यही वजह है कि चुनाव से पहले उन्हें कांग्रेस ने अहम् जिम्मेदारी सौंपी है।
महिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रीति उपाध्याय का कहना है कि कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह बात सही है कि हमारी नेता प्रियंका गांधी की सोच के मुताबिक छत्तीसगढ़ में भी महिलाओं को आगे लाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। प्रीति उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ,पीसीसी चीफ मोहन मरकाम और छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम समेत आला नेताओ के मार्गदर्शन में महिलाओं को कांग्रेस पार्टी से जोड़ने और उनके प्रतिनिधित्व का प्रतिशत बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कांग्रेस महिलाओं को मज़बूत बना रही है। उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी महिलाओ को बड़ी संख्या टिकट देने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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