कोरबा: रोजगार और बसाहट की मांग, माकपा की अगुवाई में एसईसीएल गेवरा ऑफिस का घेराव !
छत्तीसगढ़ के इलाकों में अलग-अलग मामलों को लेकर जनवादी आंदोलन चल रहे हैं।
कोरबा,16 जून। छत्तीसगढ़ के इलाकों में अलग-अलग मामलों को लेकर जनवादी आंदोलन चल रहे हैं। गुरुवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, छत्तीसगढ़ किसान सभा, जनवादी नौजवान सभा और भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने रोजगार, पुनर्वास तथा विस्थापन प्रभावित गांवों में बुनियादी मानवीय सुविधाओं को उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर एसईसीएल के गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर दिया। कई घंटों तक कार्यालय घेराव के करने के पश्चात गेवरा एपीएम परेडा बाहर आये, जिन्हें आंदोलनकारियों ने अपना 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा और 30 जून से कार्यालय पर घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन की घोषणा की।

इस दौरान माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि कुसमुंडा, गेवरा, कोरबा और दीपका क्षेत्र में एसईसीएल की तरफ से कई गांवों का अधिग्रहण किया गया है, लेकिन आज भी हजारों भू विस्थापित रोजगार के लिए चक्कर काट रहे है। कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 227 दिनों से धरना जारी है, लेकिन प्रबंधन भू विस्थापितों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी पुनर्वास ग्राम में बुनियादी मानवीय सुविधाओं के साथ बसाहट नहीं दी गई है और लंबित रोजगार प्रकरणों का निराकरण भी नहीं किया जा रहा है। इन समस्याओं के निराकरण के प्रति प्रबंधन उदासीन है। उन्होंने सभी पुनर्वास गांवों में बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा भूविस्थापित परिवारों के बच्चों को स्कूली बसों का फ्री पास देने की भी मांग की है। प्रशांत झा ने कोल इंडिया द्वारा पूर्व में अधिग्रहित जमीन को मूल किसानों को वापस करने की भी मांग की।
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छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, जय कौशिक और जनवादी नौजवान सभा के दामोदर श्याम ने बताया कि जनज्ञापन में सभी प्रभावित छोटे-बड़े खातेदारों को स्थायी नौकरी देने और आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग के साथ ही ग्राम भठोरा में वर्ष 2016-17 में चौथे चरण के अधिग्रहण में मकानों और बाकी परिसंपत्तियों का लंबित मुआवजा देने और पुनर्वास ग्राम गंगानगर में तोड़े गये मकानों और शौचालयों का क्षतिपूर्ति मुआवजा तुरंत दिये जाने की भी मांग की गई है। किसान सभा नेताओं ने शासकीय भूमि पर काबिज लोगों को उनकी परिसंपत्तियों का पूरा मुआवजा देने एवं उनके परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने करने की भी मांग की है।
भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम कश्यप, रेशम यादव ने बयान में कहा कि बिना किसी शर्त के भूविस्थापितों को रोजगार देना होगा और वह अपने इस अधिकार के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे । उन्होंने आऊट सोर्सिंग से होने वाले कामों में भूविस्थापितों और प्रभावित गांवों के 100% बेरोजगारों को रोजगार और प्रशिक्षण देकर कुशल बनाने की भी मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में विशेष रूप से माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, सत्रुहन दास, रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम कश्यप,किसान सभा के दिलहरण बिंझवार शामिल थे। इसके साथ ही संजय यादव, पुरषोत्तम, सत्रुहन,,रेशम, ,नरेंद्र,गणेश प्रभु, मोहनलाल कौशिक, बजरंग सोनी,सनत, विजय, अनिल बिंझवार , पंकज के साथ सैकड़ों भू विस्थापितों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन में सहभागिता दर्ज कराई ।
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