CGPSC की कार्यकारी अध्यक्ष बनी पूर्व IAS रीता शांडिल्य, भर्ती घोटाले की जांच के बीच अहम नियुक्ति
CGPSC: छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए। सेवानिवृत्त हो चुकी IAS अधिकारी रीता शांडिल्य छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का सदस्य नियुक्त किया हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। सीजीपीएससी में पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति तक रीता शांडिल्य कार्यकारी ही अध्यक्ष का दायित्व भी संभालेंगी।
यह नियुक्ति तब हुई है,जब छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है।अपने रिटायरमेंट से पहले आईएएस रीता शांडिल्य ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग में सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दी थीं। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में अब तक डाॅक्टर प्रवीण वर्मा बतौर कार्यकारी अध्यक्ष जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी का कार्यकाल विवादों से घिरा हुआ था। भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में उनपर अपने करीबियों को लाभ पहुंचाकर पीएससी में चयनित करवाने के आरोप लगे थे। टामन सिंह सोनवानी के खिलाफ आरोपों की जांच अभी सीबीआई कर रही है।
ज्ञात हो कि टामन सिंह 2004 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह नारायणपुर और कांकेर जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। इन क्षेत्रों में सड़क, पानी और बिजली पहुंचाने की मुहीम उन्होंने चलाई थी। वह सितंबर 2021 में रिटायर होने वाले थे, किन्तु पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उन्हें सीजीपीएससी की नई जिम्मेदारी सौंपी थी।
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