सीएम भूपेश ने किया वन विकास निगम के आवासीय परिसर का लोकार्पण
सीएम भूपेश बघेल ने शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित सेक्टर 26 में छत्तीसगढ़ राज्य वन निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए 5.96 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित पांच मंजिला भवन का वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया।
रायपुर 24 जून। छत्तीसगढ़ में वन विभाग के कर्मचारियों को अपना नया ठिकाना मिल गया है। राज्य के सीएम भूपेश बघेल ने शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित सेक्टर 26 में छत्तीसगढ़ राज्य वन निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए 5.96 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित पांच मंजिला भवन का वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया। इस दौरान वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर भी मौजूद रहे।

शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की ओर से वन मंत्री मोहम्मद अकबर और राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष एवं विधायक बसना देवेन्द्र बहादुर सिंह द्वारा साल 2020-21 के लाभांश और लीज रेंट 2.10 करोड़ रूपए का चेक भी सौपा गया। इनमें निगम के डिविडेंट के रूप में एक करोड़ 11 लाख रूपए का लीज रेंट के रूप में 99 लाख रूपए की राशि शामिल है।
सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के नवनिर्मित आवासीय परिसर का लोकार्पण करते हुए कहा कि इस भवन के बन जाने से विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी । उन्होंने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के गठन के 21 सालों के बाद निगम की तरफ से अपने खुद की आय से विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पांच मंजिला भवन बनाया गया है। इसके लिए उन्होंने निगम को विशेष तौर से बधाई और शुभकामनाएं दी।
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सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गो के सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति केे सुधार के लिए लगातारकोशिश की जा रही हैं। इस कड़ी में वनांचल के लोगों के सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में वन विकास निगम की भी महत्त्वपूर्ण भागीदारी रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार वनवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। हमने वनवासियों के आमदनी के स्त्रोत में वृद्धि और वनो की सुरक्षा के मद्देनजर सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र देने की शुरूआत की है। इस प्रकार हमारी सरकार के विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ के वनांचल के लोगों में भी एक नया बदलाव और उत्साह दिखाई देने लगा है।
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कार्यक्रम को वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने सम्बोधित करते हुए बताया कि सागौन वृक्षारोपण के विरलन से प्राप्त वनोपज का विक्रय वन विकास निगम के आय का मुख्य जरिया है। उन्होंने बताया कि इससे वित्तीय वर्ष 2020-21 में निगम को 57 करोड़ 70 लाख रूपए की आय और विभिन्न कार्यो पर 45 करोड़ 31 लाख रूपए के खर्च के बाद 11 करोड़ 58 लाख रूपए का कर पश्चात शुद्ध मुनाफा हुआ है। उन्होंने इस दौरान बताया कि निगम के नवनिर्मित भवन में कुल 16 प्रकोष्ठ हैं, जिसमें 3 बेडरूम के 6 प्रकोष्ठ और 2 बेडरूम के 10 प्रकोष्ठ और चौथे मंजिल पर ट्रांजिट हॉस्टल और कम्यूनिटी हॉल निर्मित है।
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