Pia Dandiya: कौन हैं अमेरिकी राजनीति में खलबली मचाने वाली पिया डांडिया? दिल्ली से है खास कनेक्शन

Pia Dandiya: भारतीय मूल की एज्युकेशनिस्ट पिया डंडिया (Pia Dandiya) सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुकी हैं। दरअसल पिया अब फ्लोरिडा के नए बने 22वें कांग्रेसी जिले से चुनाव लड़ रही हैं। इसके बाद एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में भारतीयों के बढ़ते दबदबे पर बहस होना शुरू हो चुकी है। जानेंगे पिया और उनके दिल्ली कनेक्शन के बारे में।

जीतने पर बनेंगी पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य

पिया डंडिया इस चुनाव में जीवन-यापन की बढ़ती लागत (cost of living) कम करने, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और मिडिल क्लास परिवारों को राहत देने जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही हैं। अगर पिया डंडिया इस चुनाव में जीत हासिल करती हैं, तो वे फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला होंगी।

माता-पिता आए थे अमेरिका

वे पाम बीच काउंटी में जन्मी और पली-बढ़ी हैं और एक पहली पीढ़ी की भारतीय-अमेरिकी हैं। उनके माता-पिता बेहतर अवसरों के लिए भारत से अमेरिका आए थे। बाद में वे यहीं बस गए।

दिल्ली से जुड़ाव

पिया डंडिया का भारत से भी गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने नई दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने का एक्सपीरियंस हासिल किया है। इसी एक्सपीरियंस ने उनकी शिक्षा नीति और समान अवसर (equal opportunity) के विचार को गहराई से प्रभावित किया। उनका मानना है कि हर बच्चे को, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, क्वालिटी शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने अच्छा-खासा समय भारत में बिताया है।

शिक्षक से प्रिंसिपल और टेक्नोलॉजी लीडर तक का सफर

पिया डंडिया ने अपने करियर की शुरुआत कम आय वाले (low-income) स्कूलों में शिक्षक के रूप में की थी। वहां उनके 90% से ज्यादा छात्रों ने राज्य स्तर की दक्षता (state proficiency) हासिल की।सिर्फ 28 साल की उम्र में उन्होंने हार्लेम में एक चार्टर हाई स्कूल की स्थापना की, जहां सभी छात्रों को कॉलेज में प्रवेश मिला। अपने करियर के शुरुआती दौर में वे अमेरिका की सबसे युवा प्रिंसिपलों में से एक थीं। इसके अलावा उन्होंने व्हाइट हाउस फेलो के रूप में भी काम किया है और टेक्नोलॉजी कंपनी Apple से भी जुड़ी रही हैं।

रोजमर्रा की महंगाई पर फोकस

पिया डंडिया के चुनावी एजेंडे का सबसे बड़ा हिस्सा आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी समस्याएं हैं। वे ईंधन, किराने का सामान और हेल्थकेयर खर्च कम करने पर जोर दे रही हैं। उनका प्रस्ताव है कि प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों पर सरकार बातचीत करे ताकि दवाइयां सस्ती हो सकें। इसके अलावा वे यूनिवर्सल प्री-किंडरगार्टन, पब्लिक स्कूलों में ज्यादा इन्वेस्टमेंट, वोकेशनल ट्रेनिंग का विस्तार और सोशल सिक्योरिटी के साथ-साथ मेडिकेयर जैसी योजनाओं की सुरक्षा का समर्थन करती हैं।

राजनीतिक समर्थन और मजबूत फंडिंग

फ्लोरिडा डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष निक्की फ्राइड ने पिया डंडिया को आधिकारिक समर्थन दिया है, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत हुई है। उनके चुनावी अभियान में अब तक $1.17 मिलियन (करीब 9.7 करोड़ रुपये) की नकद फंडिंग जुट चुकी है। यह राशि उन्हें नए बने जिले में एक मजबूत उम्मीदवार बनाती है।

स्विंग सीट पर कड़ा मुकाबला

नया 22वां जिला एक स्विंग सीट माना जा रहा है, जहां चुनाव का रिजल्ट किसी भी पार्टी के पक्ष में जा सकता है। ऐसे में पिया डंडिया का शिक्षा, मिडिल क्लास और महंगाई जैसे मुद्दों पर फोकस उन्हें डेमोक्रेटिक प्राइमरी में एक मजबूत दावेदार बनाता है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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