Siddaramaiah Shocking Facts: मंच पर महिला ने किया Kiss, कभी दुपट्टा खींचने के आरोप, सिद्धारमैया के गजब किस्से
Siddaramaiah Shocking Facts: कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों सत्ता परिवर्तन की हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के नए CM बनने की अटकलें अब लगभग तय होती नजर आ रही हैं। गुरुवार (28 मई 2026) को सिद्धारमैया के आवास पर हुई मंत्रियों की ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद मंत्री एचके पाटिल जैसे नेताओं ने दावा किया कि दोपहर 3 बजे इस्तीफा हो सकता है। इस मौके पर सिद्धारमैया के पुराने विवादास्पद और चर्चित किस्से फिर से सोशल मीडिया और चर्चाओं में छा गए हैं।
ये किस्से न सिर्फ उनकी लोकप्रियता और जन-संपर्क को दर्शाते हैं, बल्कि कभी-कभी विवादों में भी घसीट ले जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इन गजब कहानियों को...

2016: मंच पर महिला का चुंबन, CM का शर्माना
साल था 2016। सिद्धारमैया पूरे जोरशोर से मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। 27 जून 2016 को बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में कुरुबा समुदाय के नवनिर्वाचित जिला और तालुक पंचायत सदस्यों को सम्मानित करने का कार्यक्रम आयोजित हुआ। सिद्धारमैया खुद इसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
कार्यक्रम के दौरान चिक्कमगलुरु जिले के तारिकेरे तालुक पंचायत की अमृतपुरा सीट से निर्वाचित गिरिजा श्रीनिवास (Girija Srinivas, तब करीब 32 वर्ष) मंच पर आईं। सम्मानित होने के बाद भावुक होकर उन्होंने सिद्धारमैया के गाल पर एक हल्का चुंबन दे दिया। यह पल वीडियो में कैद हो गया और तुरंत वायरल हो गया।
गिरिजा ने बाद में पत्रकारों से कहा कि वे मेरे अप्पाजी (पिता) समान हैं। मैं उनसे पहली बार मिली थी। उत्तेजना पर काबू नहीं रख पाई। इसमें गलत क्या है? मैं वरुणा (सिद्धारमैया का विधानसभा क्षेत्र) की रहने वाली हूं। उन्होंने मेरी चुनावी मदद भी की थी।
गाल पर चुंबन, मंच में हलचल

वीडियो में सिद्धारमैया को कुछ पल के लिए अचंभित और शर्मिंदा देखा गया। वे नजरें चुराने की कोशिश करते नजर आए, फिर दाहिने गाल को पोंछा और मुस्कुराते हुए मंच पर बने रहे। उनके सुरक्षा कर्मचारियों को भी समझने में 10 सेकंड लग गए। गिरिजा चमकीली नीली साड़ी में, बालों में चमेली के फूल लगाए, बड़ी मुस्कान के साथ मंच से उतरीं।
Who Is Girija Srinivas: कौन है गिरिजा श्रीनिवास?

दो बच्चों की मां गिरिजा सिविल ठेकेदार श्रीनिवास की पत्नी हैं। उनका मूल निवास मैसूरु जिले का वरुणा क्षेत्र है, जहां सिद्धारमैया लंबे समय से प्रभावशाली रहे हैं। पति श्रीनिवास ने कहा कि आम आदमी CM से नहीं मिल पाता। तालुक पंचायत सदस्य होने के नाते उन्हें यह मौका मिला। मीडिया उन्हें परेशान न करे। यह घटना सिद्धारमैया की जन-आधारित छवि को रेखांकित करती है। समर्थक इसे प्यार और सम्मान का प्रतीक बताते हैं, जबकि कुछ लोग मजाक में 'सुरक्षा चूक' या 'किस्मत' का जिक्र करते हैं।
2019: दुपट्टा खींचने का विवाद, लगे 'दुषासन' जैसे आरोप

2019 में सिद्धारमैया पर एक गंभीर आरोप लगा। जनवरी 2019 में मैसूरु के पास वरुणा क्षेत्र में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक महिला पार्टी कार्यकर्ता जमालार के साथ कथित बदतमीजी की। वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सिद्धारमैया गुस्से में माइक छीनते नजर आए और इस प्रक्रिया में महिला का दुपट्टा खिंच गया।
वह समय कर्नाटक में राजनीतिक अस्थिरता का था। एचडी कुमारस्वामी CM थे, लेकिन गठबंधन सरकार गिरने के बाद बीएस येदियुरप्पा ने शपथ ली। सिद्धारमैया उस समय विपक्ष में थे।
वीडियो में जमालार सिद्धारमैया के बेटे यथिंद्र (जो उस क्षेत्र से विधायक हैं) की शिकायत कर रही थीं। गुस्साए सिद्धारमैया ने माइक छीन लिया और महिला को बैठने को कहा। ऐसे में इसे 'दुषासन' जैसा बताकर हमला बोला। सिद्धारमैया ने इसे 'एक्सीडेंट' बताया और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि महिला उनकी बहन जैसी हैं।
कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश बताया, जबकि BJP ने इसे महिला सम्मान का मुद्दा बनाया। यह घटना आज भी सिद्धारमैया के आलोचकों द्वारा याद की जाती है।
सिद्धारमैया: जननेता या विवादों का केंद्र?
सिद्धारमैया (जन्म 3 अगस्त 1947) कर्नाटक की राजनीति के दिग्गज हैं। वे मूल रूप से कुरुबा समुदाय से आते हैं और अन्ना (बड़े भाई) या अप्पाजी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने 2013-2018 तक पहली बार CM के रूप में कार्य किया और 2023 में फिर सत्ता में लौटे।
उनकी छवि अहिंदीकरण, AHINDA (अल्पसंख्यक, हिंदू पिछड़े, दलित) गठबंधन की है। वे कन्नड़ गौरव, सामाजिक न्याय और कल्याणकारी योजनाओं के प्रतीक माने जाते हैं। लेकिन उनके कार्यकाल में कई विवाद भी रहे:
- भ्रष्टाचार के आरोप: लोकायुक्त में दर्ज दर्जनों मामले।
- MUDA लैंड स्कैम: पत्नी को प्लॉट आवंटन का मामला (2024)।
- अन्य: महंगे घड़ियों से लेकर सिंचाई घोटाले तक।
फिर भी जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बरकरार रही। गिरिजा जैसी घटनाएं इसी का प्रमाण हैं।
पावर ट्रांसफर 2026
2023 चुनावों से पहले कांग्रेस में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच CM पद को लेकर समझौता हुआ था। अब लगभग तीन साल बाद पावर शेयरिंग का दूसरा चरण आ गया है। सिद्धारमैया को राजसभा या केंद्र में भूमिका मिलने की संभावना है।
28 मई 2026 को हुई मीटिंग में शिवकुमार ने CM के पैर छुए, जो सम्मान और एकता का प्रतीक था। कांग्रेस हाईकमान इस ट्रांजिशन को सुचारू रखना चाहता है।
सिद्धारमैया का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। चाहे CM पद छोड़ें या न छोड़ें, कर्नाटक की राजनीति में उनका प्रभाव बना रहेगा। गिरिजा जैसी घटनाएं याद दिलाती हैं कि नेता कितने भी बड़े क्यों न हों, जनता के प्यार के आगे वे भी भावुक हो जाते हैं।













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