कौन हैं दिल्ली BJP के नए अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा? किस जाति से? क्या करती हैं पत्नी? राजनीति से संपत्ति तक जानिए
Harsh Malhotra: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली प्रदेश का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक यह फैसला तुरंत लागू हो गया है। हर्ष मल्होत्रा अब वीरेंद्र सचदेवा की जगह दिल्ली में पार्टी संगठन की कमान संभालेंगे। आइए जानते हैं कि दिल्ली बीजेपी के इस नए 'बॉस'हर्ष मल्होत्रा का पारिवारिक और राजनीतिक बैकग्राउंड कैसा है।
हर्ष मल्होत्रा लंबे समय से दिल्ली बीजेपी का सक्रिय चेहरा रहे हैं। संगठन, नगर निगम, लोकसभा और अब केंद्र सरकार तक उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया है। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राजधानी की जिम्मेदारी सौंपकर साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले चुनावों में बीजेपी अनुभवी और जमीनी नेताओं पर भरोसा करने जा रही है।

कौन हैं हर्ष मल्होत्रा? (Who Is Harsh Malhotra)
60 साल के हर्ष मल्होत्रा दिल्ली के रोहताश नगर इलाके से आते हैं और वर्तमान में पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं। वे दिल्ली की राजनीति का एक बेहद पढ़ा-लिखा और जमीनी चेहरा माने जाते हैं। हर्ष मल्होत्रा पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं। हर्ष मल्होत्रा केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल हैं और उनके पास सड़क परिवहन मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी है।
हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने 1987 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे प्रिंटिंग प्रेस कारोबार से जुड़े रहे। चुनावी हलफनामे में उनका पेशा "प्रिंटिंग प्रेस डायरेक्टर" बताया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि छात्र राजनीति और सामाजिक गतिविधियों की तरफ बढ़ने लगी थी।
Harsh Malhotra Caste (जाति और समुदाय): हर्ष मल्होत्रा पंजाबी समुदाय से आते हैं। दिल्ली खासकर पूर्वी दिल्ली और शाहदरा इलाके में पंजाबी वोटर्स का बड़ा प्रभाव माना जाता है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बीजेपी ने यह फैसला सामाजिक और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर भी लिया है।
उनका परिवार मूल रूप से पंजाब के अमृतसर से दिल्ली आया था। बाद में परिवार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में बस गया। हर्ष मल्होत्रा का बचपन और राजनीतिक सफर भी इसी इलाके से जुड़ा रहा।

हर्ष मल्होत्रा का परिवार: पत्नी क्या करती हैं और कितने हैं बच्चे? (Harsh Malhotra Family: Wife Babita Malhotra)
जब भी कोई नेता इतने बड़े पद पर पहुंचता है, तो लोगों की दिलचस्पी उनके परिवार के बारे में जानने में बढ़ जाती है। चुनाव आयोग और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) को दिए गए आधिकारिक हलफनामे के अनुसार हर्ष मल्होत्रा के परिवार की जानकारी इस प्रकार है:
- माता-पिता: हर्ष मल्होत्रा के पिता का नाम स्वर्गीय वी. के. मल्होत्रा (Late V.K. Malhotra) है।
- पत्नी का पेशा: हर्ष मल्होत्रा की पत्नी का नाम बबिता मल्होत्रा (Babita Malhotra) है। वे कामकाजी महिला हैं और पेशे से एक बुक्स एडिटर और प्रूफ रीडर (Books Editor & Proof Reader) के रूप में अपनी सेवाएं देती हैं। वहीं खुद हर्ष मल्होत्रा राजनीति के साथ-साथ एक प्रिटिंग प्रेस में डायरेक्टर के तौर पर जुड़े हैं।
- बच्चे: चुनावी घोषणा पत्र और वित्तीय दस्तावेजों के रिकॉर्ड्स के अनुसार, हर्ष मल्होत्रा के परिवार में दो बच्चे (आश्रित 1 और आश्रित 2) शामिल हैं, जो उनके हलफनामे के समय रिकॉर्ड का हिस्सा रहे हैं।

छात्र राजनीति से लेकर केंद्रीय मंत्री बनने तक का सफर (Harsh Malhotra Political Career)
हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली की सियासत में अपनी जगह किसी गॉडफादर के दम पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करके बनाई है। उनका अब तक का सफर कुछ इस तरह रहा है:
- शानदार शिक्षा: उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर हंसराज कॉलेज से विज्ञान में स्नातक (BSc) की डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने साल 1987 में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से ही कानून की पढ़ाई पूरी की और एलएलबी (LLB) की डिग्री ली।
- निगम पार्षद से मेयर तक: उन्होंने जमीनी स्तर पर चुनावी राजनीति की शुरुआत साल 2012 में की, जब वे पहली बार पूर्वी दिल्ली के वेलकम कॉलोनी वार्ड से निगम पार्षद चुने गए। उनकी प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए साल 2015-16 में उन्हें पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) का मेयर (महापौर) बनाया गया। वे तीन साल तक पूर्वी दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के चेयरमैन भी रहे।
- संगठन में पकड़: वे दिल्ली बीजेपी के तीन महामंत्रियों में से एक रह चुके हैं और संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने का उन्हें लंबा अनुभव है।

2024 में गौतम गंभीर की जगह मिला टिकट, फिर बने मोदी के मंत्री
हर्ष मल्होत्रा का राजनीतिक कद तब अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया जब साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने क्रिकेटर और तत्कालीन सांसद गौतम गंभीर की जगह उन्हें पूर्वी दिल्ली सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
उन्होंने पार्टी के भरोसे को सही साबित किया और आम आदमी पार्टी (AAP) व कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार कुलदीप कुमार को 93,663 वोटों के भारी अंतर से हरा दिया। इस चुनाव में हर्ष मल्होत्रा को 6 लाख 64 हजार 819 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंदी कुलदीप कुमार को 5 लाख 71 thousand 156 वोट मिले थे। इस शानदार जीत का इनाम उन्हें केंद्र सरकार में मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में उन्हें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री (Union Minister of State) की जिम्मेदारी सौंपी गई।
Harsh Malhotra Net Worth: कितनी संपत्ति के मालिक हैं?
चुनावी हलफनामे के मुताबिक हर्ष मल्होत्रा की कुल संपत्ति करीब 4 करोड़ रुपये से ज्यादा है। उनके पास बैंक जमा, शेयर, बॉन्ड और बचत योजनाओं में निवेश मौजूद है। हलफनामे में दर्ज जानकारी के अनुसार उनके पास लगभग 24 लाख रुपये के गहने भी हैं।
संपत्ति का प्रमुख ब्योरा
- कुल संपत्ति: करीब ₹4.08 करोड़
- बैंक डिपॉजिट: ₹41 लाख से ज्यादा
- शेयर और बॉन्ड: ₹56 लाख से ज्यादा
- ज्वेलरी: करीब ₹24 लाख
- नकद राशि: लगभग ₹48 हजार
दिल्ली बीजेपी के नए अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की संपत्ति का पूरा विवरण (उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार) नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:
| संपत्ति का प्रकार | कुल घोषित मूल्य (रुपये में) |
| कुल घोषित चल संपत्ति (Total Movable Assets) | ₹4,08,24,015 (4 करोड़ रुपये से अधिक) |
| हाथ में नकदी (Cash) | ₹48,700 |
| बैंकों और वित्तीय संस्थानों में जमा (Bank Deposits) | ₹41,50,381 |
| बॉन्ड, डिबेंचर और कंपनियों के शेयर (Shares & Bonds) | ₹56,83,466 |
| डाकघर बचत और एनएसएस (NSS & Postal Savings) | ₹5,90,844 |
| सोना और आभूषण (Jewellery) | ₹24,12,700 |
BJP Strategy In Delhi: बीजेपी ने हर्ष मल्होत्रा पर ही क्यों लगाया दांव?
दिल्ली बीजेपी लंबे समय से ऐसे चेहरे की तलाश में थी, जिसकी संगठन और कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ हो। पूर्वी दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा की पकड़ मजबूत मानी जाती है। वह कार्यकर्ताओं के बीच लगातार सक्रिय रहते हैं और बूथ स्तर तक संगठन के साथ संवाद बनाए रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।
बीजेपी के सामने दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच बदलते समीकरणों की चुनौती भी है। ऐसे में पार्टी ने ऐसे नेता को आगे किया है, जो संगठन और चुनाव दोनों में संतुलन बना सके।
हर्ष मल्होत्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली बीजेपी को अगले विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत करना होगी। उन्हें एक तरफ संगठन को एक्टिव रखना होगा, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में बीजेपी के वोट बेस को और बढ़ाने की रणनीति पर काम करना होगा। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि दिल्ली बीजेपी की कमान संभालना सिर्फ संगठनात्मक पद नहीं, बल्कि राजधानी की राजनीति में बीजेपी के भविष्य को दिशा देने वाली जिम्मेदारी भी है।














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