छत्तीसगढ़: कैबिनेट मंत्री लखमा के क्षेत्र में अज्ञात बीमारी ने ली 61 की जान, ढाई साल बाद जागी सरकार
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुकमा में एक अनजान बीमारी ने ढाई साल में 61 लोगों की जान ले ली है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि यह क्षेत्र भूपेश सरकार के आबकारी मंत्री कवासी लखमा का निर्वाचन क्षेत्र है।
सुकमा, 29 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुकमा में एक अनजान बीमारी ने ढाई साल में 61 लोगों की जान ले ली है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि यह क्षेत्र भूपेश सरकार के आबकारी मंत्री कवासी लखमा का निर्वाचन क्षेत्र है। मिली जानकारी के मुताबिक सुकमा जिले के कोंंटा तहसील में जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर स्थित रेगड़गट्टा नाम के गांव में लगभग ढ़ाई साल के भीतर 61 ग्रामीणों की मौत हो गई है,जबकि यह सिलसिला थमा नहीं हैं।

हाथ पैर में आती है सूजन,फिर चली जाती है जान
बताया जा रहा है कि इस गांव में ग्रामीणों को हाथ पांव में सूजन हो रही है,जिसके बाद बीमारी बढ़ जाने के बाद मौते हो रही हैं। बुधवार की शाम कम्युनिस्ट नेता रामा सोढ़ी की अगुवाई में ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने सुकमा पहुंचकर कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रशासन ज्ञापन भी सौपा है, जिसमें बीते तीन साल में हुई मृत्यु का आंकड़ा दिया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि उनके गांव में हाथ पैर में सूजन की अनजान बीमारी से साल 2020 से 2022 तक 61 लोगो की जान जा चुकी है।

कलेक्टर ने किया जाच टीम का गठन,गांव में पड़ताल शुरू
कोंटा में पदस्थ चिकित्सा विभाग के अधिकारी दीपेश चंद्राकर के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के अमले ने रेगड़गट्टा जाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की है। ब्लड सैम्पल से ग्रामीणों में यूरिक एसिड की मात्रा सामान्य से ज्यादा पाया गया है। प्रशासन अब इस इलाके में जल स्त्रोतों की जाँच करके पता लगाएगा कि आखिर पानी में कोई समस्या तो नहीं हैं। बहरहाल सुकमा कलेक्टर हरीश एस ने मामले की जांच के लिए डिस्ट्रक्ट लेवल पर टीम का गठन किया है,यह टीम पूरे मामले की जांच करके कलेक्टर को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

ढाई साल 61 की मौत , 2022 में अब तक 24 की जान गई
रेगड़गट्टा के ग्रामीणों का कहना है कि पहले इस बीमारी से लोगों के हाथ और पांव में सूजन आ रही है,फिर पेट फूलता है,जिसके बाद दिनों दिन हालत गंभीर होने के बाद मरीज की मौत हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में इस बीमारी से साल 2020 में 18,2021 में 19 फिर उसके बाद 2022 में अब तक 24 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

मंत्री कवासी लखमा भी रहे अनजान
ग्रामीण बताते है कि इस अनजान बीमारी की वजह से रिश्तेदारों ने भी उनके गांव में आना जाना बंद कर दिया है,जिससे उनका सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। अचरज की बात है कि इस क्षेत्र के विधायक सरकार के वरिष्ठ मंत्री कवासी लखमा हैं,जिन्हे खुद अब तक इस समस्या के बारे में जानकारी नहीं थी।

भाजपा ने उठाये सवाल
छत्तीसगढ़ सरकार के आबकारी मंत्री कवासी लखमा कोंटा से ही विधायक हैं,इसी क्षेत्र के गांव में ढाई साल में 61 लोगों की जान चली जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाये हैं।पूर्व मंत्री और भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि लीजिए भूपेश सरकार के दावों की पोल फिर खुल गई। इनके हाट बाजार क्लिनिक और स्वास्थ्य विभाग के बड़े बड़े दावों की पोल तो खुली ही, खुद मंत्री लखमा के क्षेत्र ने 61 लोगों की जाने चली गईं,ना तो मंत्री को पता था, ना सीएम का उड़नखटोला ग्रामीणों से भेंट मुलाकात करवा पाया।
यह भी पढ़ें छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर में भूकंप के झटके, Coal Mines में काम कर रहे 2 मजदूर घायल












Click it and Unblock the Notifications