Chhattisgarh: स्विट्जरलैंड के जोयल और कलेक्टर बने किसान, प्राकृतिक सौंदर्य, आदिवासी संस्कृति से हुए प्रभावित
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में धान की कटाई में तेजी आई है। लोग अपने खेतों से धान काटकर संग्रहण कर रहें है। इस बीच विदेशी पर्यटकों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो चुका है। प्रदेश के जशपुर में एक ऐसे ही विदेशी पर्यटक धान कटाई करते नजर आए। युट्यूब पर जशपुर के प्राकृतिक स्थलों की सुंदरता को देखकर विदेशी पर्यटक छत्तीसगढ़ पहुंचा है। तो दूसरी ओर मनेंद्रगढ़ जिले के कलेक्टर भी हाथ में हंसिया लेकर खेतों में धान कटाई कर रहें हैं।

प्राकृतिक रूप से सम्पन्न है जशपुर जिला
छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला प्राकृतिक सौंदर्य के जाना जाता है । यहां हर साल विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। यहां की सुंदर वादियां हरे भरे पेड़ पौधे दूरस्थ अंचल में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा, और बिरहोर आदिवासियों जीवन शैली रहन सहन लोक संस्कृति को नजदीक से जानने की इच्छा सहज ही पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसके अलावा यहां कई मनमोहक जलप्रपात भी पर्यटकों को अपनी आकर्षित करते हैं।

यूट्यूब में वीडियो देखकर जशपुर पहुंचे जोयल
दरअसल जोयल को छत्तीसगढ़ आने का आइडिया एक यूट्यूब वीडियो देखकर मिला। पत्थलगांव विकास खंड ग्राम खजरीढाब निवासी युवा यूट्यूबर दीपक आपट ने बताया कि वे हमेशा से जशपुर की आदिवासी संस्कृति रहन सहन, लोक कला, संस्कृति, पारंपरिक नृत्य पर विडीयो बनाते हैं। जशपुर के प्राकृतिक स्थलों मे पर्यटन, रानीदाह, बादलखोल, खुडियारानी, कैलाश गुफा, सोगड़ा चाय बगान, दनगरी, राजपुरी, दमेरा और अन्य पर्यटन स्थल का विडीयो बनाकर यूट्यूब के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं। जिससे जशपुर के इन स्थलों को लोग जान सके।

कलेक्टर बने किसान, धान काटने खेत में उतरे
कलेक्टर पीएस ध्रुव भी मनेंद्रगढ़ जिले के धान खरीदी केन्द्रों के दौरे पर थे। अचानक उनकी गाड़ी एक किसान के खेत में रुकी, गाड़ी रुकते ही कलेक्टर ध्रुव खेत में उतर गए और महिलाओं से हसिया (धान काटने का धरदार हथियार) लेकर धान काटने लगे, जिले के उच्च अधिकारी से किसान बने कलेक्टर को देखकर सभी हैरान रह गए। इस तरह कलेक्टर ने किसानों को प्रोत्साहित किया।

स्विट्जरलैंड से छत्तीसगढ़ पहुंचा है जोयल रोबिन
भारत पहुंचे विदेशी पर्यटक जोयल रॉबिन स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर से हैं। वे जशपुर जिले के प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होकर जशपुर पहुंचे। उन्होंने जशपुर के जनजीवन रहन सहन जीवन शैली की जानकारी ली। जिससे वे काफी प्रभावित हुए। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ का पारंपरिक व्यंजन धुसका, चीला का भी स्वाद चखा। जोयल राबिन ने बताया कि जशपुर बहुत ही सुन्दर प्राकृतिक स्थल है। लोग बहुत ही सीधे व सरल हैं।












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