Chhattisgarh:किसानों से कर्जमाफी का वादा, भूपेश बघेल ने खेला मास्टर स्ट्रोक, विपक्ष और किसानों ने पूछे यह सवाल
Chhattisgarh Election: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सक्ती में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए किसानों की कर्जमाफ़ी करने की बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। इस घोषणा के बाद एक तरफ किसानों के एक बड़े वर्ग में उम्मीद की लहर दौड़ गई है,वही विपक्ष ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

सीएम भूपेश बघेल का मास्टर स्ट्रोक
सोमवार को सक्ति में आयोजित कांग्रेस की आमसभा में सीएम भूपेश बघेल ने सबसे बड़ा सियासी दाव खेलते हुए छत्तीसगढ़ में दोबारा सरकार बनने किस स्थिति में किसानों की कर्जमाफ़ी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ठीक 5 साल पहले जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए हमें तीन चौथाई बहुमत देकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। हमारी सरकार ने आपके भरोसे पर खरा उतरते हुए कई ऐतिहासिक फैसले लिए जिससे प्रदेश के किसान, मजदूर समेत सभी वर्गों का उत्थान हुआ है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुनावी सभा में भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अगर गलती से भाजपा की सरकार आ जाएगी तो फिर ना तो 20 क्विंटल पर खरीदी हो पाएगी, ना स्वामी आत्मानंद स्कूलों का संचालन होगा, गोबर की खरीदी होगी और ना ही गरीबों को मुफ़्त राशन मिल जाएगा। कांग्रेस की सभी जनहितैषी योजनाओं को भाजपा बंद कर देगी।
पहले कर्ज माफ़ी का मतलब साफ़ करें: अजय चंद्राकर
इधर पूर्व कैंबिनेट मंत्री और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस कहती कुछ, करती कुछ और है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह कौन सा कर्ज माफ़ करेंगे। उन्होंने पूछा कि क्या अल्पकालीन कर्ज, सोसायटी के राष्ट्रीकृत बैंकों का मध्यकालीन या दीर्घकालीन कर्जा माफ़ किया जायेगा? अजय चंद्राकर ने आगे कहा कि पिछली बार भी कांग्रेस ने किसानो के कर्ज को माफ़ करने का वादा किया था। केवल सोसायटी के अल्पकालीन कर्ज को माफ़ किया,बल्कि कर्ज को माफ़ नहीं किया गया था। छत्तीसगढ़ के किसान आज भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, इसलिए कांग्रेस को कर्जमाफी का मतलब स्पष्ट करना चाहिए।
जब किसान समृद्ध, तो कर्ज माफ़ी की जरूरत क्यों पड़ी: गौरीशंकर श्रीवास
इधर छत्तीसगढ़ में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि 2019-20 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकार किया था कि कांग्रेस सरकार ने सभी किसानों का कर्ज माफ़ नहीं किया है, राष्ट्रीकृत बैंकों की कर्ज माफ़ी बाकि है। श्रीवास ने सवाल उठाया कि कांग्रेस 5 सालों तक दावा करती रही कि छत्तीसगढ़ का किसान देश सबसे अधिक समृद्ध है,तो फिर कर्ज माफ़ी की जरूरत क्यों पड़ रही है? भाजपा नेता ने आगे कहा कि कांग्रेस हार के भय से बिना वजह किसानों की कर्ज माफ़ी की झूठी घोषणा कर रही है। कांग्रेस जिन वादों को कभी पूरा नहीं कर सकती है, केवल चुनाव जीतने के लिए उन्हें कर रही है।
किसान नेता वैगेन्द्र सोनबेर बोले, पहले ब्लू प्रिंट रखें सामने
छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता वैगेन्द्र सोनबेर ने बयान जारी करके कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के सभी नेताओं से आग्रह है कि कर्ज माफ़ी का एक ब्लूप्रिंट,एक खाका तैयार करके किसानों के सामने लाएं। अगर कर्जमाफ़ी की बात कही जा रही है,तो किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ़ होना चाहिए। 2018 के विधानसभा के चुनाव के बाद कांग्रेस ने किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ़ नहीं हुआ था।
सोनबेर ने आगे कहा कि किसानों के साथ छल नहीं होना चाहिए। किसान हित में बात करेगा,वही छत्तीसगढ़ में राज करेगा। अगर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस घोषणा को पारदर्शिता के साथ लाते हैं,तो किसान इस घोषणा का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों की तरह किसानों का पूर्ण कर्ज भी माफ़ होना चाहिए,तभी किसान कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे।
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