छत्तीसगढ़: लाठीचार्ज मामले में सियासत, भाजयुमो ने निकाला मार्च, आप पहुंची गृहमंत्री के बंगले
रायपुर, 23 अप्रैल। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 45 दिनों से धरना दे रहे छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारियों पर की गई पुलिस कार्रवाई के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। शनिवार सुबह बिना अनुमति रैली निकालने वाले बिजली कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो शाम को प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई का विरोध करते हुए भाजपा युवा मोर्चा के नेताओं ने पैदल मार्च निकाला।वही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के बंगले जा पहुंचे।

भारतीय जनता युवा मोर्चा ने निकाला पैदल मार्च
शाम को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने पैदल मार्च के निकालकर अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवा बिजली कर्मचारियों पर किये गए लाठीचार्ज पर विरोध जताया। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने कहा कि भूपेश सरकार कल रात से अपने हक़ मांग रहे युवाओं की आवाज को दबाने का काम कर रही थी । धरना स्थल से युवाओं को हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया,सरकार उनकी बातें नहीं सुन रही है,लेकिन भाजयुमो उनके साथ खड़ा हुआ है।

आप पहुंची गृहमंत्री के बंगले
वहीं शाम को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधि मंडल का सिविल लाइन स्थित गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के बंगले के बाहर पहुंच गया।आप नेता गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे ,लेकिन सिविल लाइंस पुलिस की टीम ने उन्हें रोक लिया। जिसके बाद आप नेताओं ने गेट पर ही धरना धरना देना शुरू कर दिया। आप नेताओं के इस रुख से नाराज पुलिस के अफसरों ने उन्हें वापस जाने कहा,इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस देखी गई।

पुलिस ने किया था लाठीचार्ज
गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में नियमितीकरण और दिवंगत साथियो के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर बीते 45 दिनों से आन्दोलन कर रहे संविदा बिजली कर्मियों ने शनिवार की सुबह उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने सीएम हाउस का घेराव करने का प्रयास किया। इस दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर होने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। पुलिस का कहना है कि विद्युत् कर्मियों ने बिना पूर्व अनुमति के रैली निकालकर आवागमन को बाधित किया था। प्रदर्शन करने वाले विद्युत् कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल परिसर ले गई ।
दरअसल संविदा कर्मियों की 5 में से 3 मांग पर कार्यवाही करते हुए, संविदा वेतन बढ़ाना, काम के दौरान दुर्घटना में उपचार व्यय दिया जाना , मृत्यु के स्थिति में मुआवज़ा सम्बन्धी मांग मानी जा चुकी है और क्रियान्वयन आदेश भी जारी हो चुका है। अब विद्युतकर्मी नियमितीकरण और दिवंगत साथियो के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

काम पर लौटने के लिए नोटिस जारी
रायपुर शहर के सिटी एसपी तारकेश्वर पटेल के मुताबिक कि छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के लोग 10 मार्च को धरने पर बैठे थे ,इस दौरान उन्होंने विधानसभा और सीएम हाउस का घेराव किया ,जिससे आवागमन बाधित हो रहा था। बार-बार समझाने के बावजूद भी वह नहीं माने और शनिवार को फिर घेराव करने निकले थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने ,समझाने का प्रयास किया गया,लेकिन वह नहीं माने,इसलिए पुलिस को जरूरी एक्शन लेना पड़ा।
इधर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने काफी दिनों से हड़ताल कर रहे संविदा बिजली कर्मियों को काम पर लौटने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
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