छत्तीसगढ़: सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे विद्युत संविदा कर्मचारियों पर लाठीचार्ज
Chhattisgarh: Lathi charge on power contract employees going to siege CM House
रायपुर, 23 अप्रैल। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीते 45 दिनों से धरना दे रहे छत्तीसगढ़ में विद्युत संविदा कर्मचारियों पर पुलिस प्रशासन का डंडा चला है। मिली जानकारी के मुताबिक विद्युत संविदा कर्मी बिना अनुमति के रैली निकालने अलावा और सीएम हाउस घेराव करने जा रहे थे,जिस कारण पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोकने की कोशिश की। इस दौरान आंदोलनकारियों के झड़प की स्थिति पैदा होने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

राजधानी रायपुर में नियमितीकरण और दिवंगत साथियो के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर बीते 45 दिनों से आन्दोलन कर रहे संविदा बिजली कर्मियों ने शनिवार की सुबह उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने सीएम हाउस का घेराव करने का प्रयास किया। पइस दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर होने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। पुलिस का कहना है कि विद्युत् कर्मियों ने बिना पूर्व अनुमति के रैली निकालकर आवागमन को बाधित किया था। प्रदर्शन करने वाले विद्युत् कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल परिसर ले गई है।
गौरतलब है कि संविदा कर्मियों की 5 में से 3 मांग पर कार्यवाही करते हुए, संविदा वेतन बढ़ाना, काम के दौरान दुर्घटना में उपचार व्यय दिया जाना , मृत्यु के स्थिति में मुआवज़ा सम्बन्धी मांग मानी जा चुकी है और क्रियान्वयन आदेश भी जारी हो चुका है। अब विद्युतकर्मी नियमितीकरण और दिवंगत साथियो के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
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भाजपा ने कसा तंज
इधर राजधानी में पिछले कई दिनों से अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने दुःख व्यक्त किया है। साय ने कहा प्रदेश के युवाओं को कांग्रेस सरकार द्वारा पीटा जाना बेहद दुर्भाग्यजनक है। गांधीवादी तरीके से कांग्रेस सरकार को अपनी मांगो से अवगत कराना ,सरकार की तरफ से किए वादों को उन्हे याद दिलाना कोई पाप या अपराध नही जो पुलिस से उन्हे बर्बरता से पिटवाया गया।
साय ने कांग्रेस सरकार से पूछा है क्या प्रदेश के युवा गुंडे थे जो इन्हें पीटा गया इनकी गलती क्या थी? लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे आंदोलन को कुचलने का यह बेहद शर्मनाक तरीका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को चुनाव से पहले इन युवाओं से किए अपने वादे को याद करना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ने इन्हे 10 दिनों में नियमित करने का वादा किया गया था। आज सरकार बने 1000 से ज्यादा दिन हो चुके है।राज्य सरकार को उनकी मांगे पूरी करनी चाहिए लेकिन वह उनके साथ बर्बरता से पेश आ रही है यही कांग्रेस का असली चरित्र है।
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