Chhattisgarh Millet Carnival: सीएम भूपेश बघेल का केंद्र सरकार को सुझाव, Mid Day Meal में शामिल हो मिलेट्स
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बच्चों के लिए संचालित मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में मिलेट्स को शामिल किया जाना चाहिए। इससे देशभर के बच्चों को जहां भरपूर पोषक तत्व मिलेंगे,वहीं किसानों को फायदा भी होगा।
Chhattisgarh Millet Carnival: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में शुक्रवार को तीन दिवसीय 'छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल' का आगाज़ हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और आईआईएमआर हैदराबाद के संयुक्त तत्वाधान आयोजित छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल का शुभारंभ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किया।

Mid Day Meal में शामिल हो मिलेट्स: सीएम भूपेश
छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल के उद्घाटन कायक्रम के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में बच्चों के लिए संचालित मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में मिलेट्स को शामिल किया जाना चाहिए। इससे देशभर के बच्चों को जहां भरपूर पोषक तत्व मिलेंगे वहीं मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए मिलेट्स उत्पादों के बाजार की समस्या नहीं रहेगी और किसानों को फायदा भी होगा।उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार को अपनी सलाह भेज चुके हैं।

मिलेट्स फसलों के रकबा में लगभग 3 गुना वृद्धि
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने और इनसे मिलने वाले पोषक तत्वों के बारे में जन जागरूकता के लिए वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ पहले ही मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के मामले में काफी आगे है और धीरे धीरे मिलेट्स हब के रूप में उभर रहा है।
बघेल ने कहा कि आज जब मिलेट्स फसलों का रकबा जब पूरी दुनिया में सिमट रहा है, तब हमारे राज्य में इसका रकबा बढ़ रहा है। राज्य सरकार से मिलेट्स उत्पादक किसानों को मिले प्रोत्साहन से प्रदेश में मिलेट्स फसलों के रकबा में लगभग 3 गुना वृद्धि हुई है, पहले 70 हजार हेक्टेयर रकबा में मिलेट्स की खेती होती थी, अब यह रकबा बढ़कर 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर हो गया है।
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देश का पहला मिलेट प्रसंस्करण प्लांट छत्तीसगढ़ में
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि मिलेट्स प्रसंस्करण के मामले में भी छत्तीसगढ़ बहुत आगे निकल गया है। मिलेट्स प्रसंस्करण का देश का सबसे बड़ा प्लांट छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नथिया नवागांव में बनाया गया है, जिसमें 22 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
मिलेट्स के उत्पादन, महिला स्व-सहायता समूहों और वनधन समितियों के माध्यम से संग्रहण और प्रसंस्करण के जरिए हजारों महिलाओं को रोजगार मिला। मिलेट्स की खेती के प्रति किसानों का आकर्षण बढ़ा, उनकी आय में भी वृद्धि हुई।

7 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल
अपने आप में अनूठे छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवाल में प्रदेश के साथ-साथ देश के 7 राज्यों के स्टार्टअप द्वारा मिलेट उत्पादों की बिक्री सह प्रदर्शनी लगाई गई है। स्टार्टअप द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी में मिलेट से तैयार केक, कुकीस, सूप, लड्डू सहित विभिन्न उत्पाद रखें गए हैं। इन उत्पादों के संबंध में आम लोगों द्वार उत्साह से जानकारी ली जा रही है। कार्निवाल प्रतिदिन आम लोगों के लिए दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख मिलेट सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ ने अपने सम्बोधन में बताया कि कार्निवाल का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ तथा आईआईएमआर हैदराबाद के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। उन्होंने बताया कि कार्निवाल 49 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 25 छत्तीसगढ़ के तथा 24 अन्य राज्यों के हैं। इस कार्निवाल में 7 राज्यों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कोदो, कुटकी और रागी की 9 प्रजातियां विकसित की गई है। विश्व विद्यालय के पास 300 क्विंटल बीज उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 6 स्थानों पर मिलेट्स कैफे प्रारंभ करने की योजना है।

सीएम भूपेश ने चखा मिलेट व्यंजनों का स्वाद
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन मंत्री मोहम्मद अकबर, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर के साथ कार्निवाल में स्टार्टअप द्वारा लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री बघेल ने इस मौके पर लाईव फूड कांउटर का शुभारंभ भी किया।
इस काउन्टर में स्व सहायता समूह के महिलाओं के द्वारा मिलेट के भजिए, पकौड़े, कटलेट आदि तैयार किए जा रहें थे। मुख्यमंत्री ने अवलोकन के दौरान महिलाओं द्वारा तैयार किए गए भजिए और पकौड़े का आनंद लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को महिलाओं ने मिलेट से तैयार किए गए आकर्षक डॉल भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इसकी सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया।
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