Chhattisgarh: रायपुर में कंवर गौरव सम्मान समारोह का आयोजन, सीएम विष्णुदेव साय हुए शामिल
Chhattisgarh CM: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित कंवर महोत्सव सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान कंवर समाज के पदाधिकारियों गजमाला एवं पुष्पगुच्छ से उनका स्वागत किया।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में कंवर समाज मुख्यतः सरगुजा और बिलासपुर संभाग में पाए जाते हैं। हालांकि इनकी उपस्थिति पूरे प्रदेश में है। कंवर समाज खुद को कौरवों का वंशज मानते हैं। इस जनजाति के प्रमुख देवता "सगराखंड" हैं । ऐसा माना जाता है कि कंवर जनजाति का मुख्य कार्य सैन्य कार्य है। इस जनजाति का प्रमुख नृत्य "बार नृत्य" है जो मनोरंजन के अवसरों पर किया जाता है।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि देश के प्रधानमंत्री की तरफ से एक छोटे से कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री का दायित्व सौंपा है, मैं समाज की तरफ से धन्यवाद देता हूं. यह विष्णुदेव का सम्मान नहीं है, बल्कि पूरे कंवर समाज का है। इसके साथ ही हमारी जिम्मेदारी भी बड़ी है। आज एक बहुत बडा विश्वास देश के प्रधानमंत्री ने किया है। मैं जीवन भर समाज का आभारी रहूंगा।
सीएम साय ने कहा कि मैं आप सभी से आशीर्वाद और सहयोग मांगने आया हूं कि हमारे प्रधानमंत्री, पार्टी और प्रदेश की जनता ने जो विश्वास किया है और मुझे जो दायित्व मिला है। वह मैं अकेले नहीं निभा पाउंगा और आप सभी का सहयोग और समर्थन चाहिए। मुझे आज पूरा विश्वास है कि जिस तरह से आज यहां सम्मान हुआ है समाज की तरफ से आगे इस पद का दायित्व निभाने में मुझे पूरे समाज का सहयोग मिलेगा।
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि परम पूज्य गहिरा गुरू जैसे संत हमारे समाज में हुए हैं जिनके लाखों अनुयाई पूरे देश में है। रामायण की शिक्षा देकर उन्होंने लोगों को मांस और मदिरा से दूर किया जिससे वनवासी समाज आर्थिक, शैक्षणिक,सामाजिक रूप से आगे बढ़ा है। लरंग साय काका की वजह से हमारा समाज राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उन्हें भी मैं प्रणाम करता हूं। प्यारेलाल कंवर जी मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम थे, वो मुझे अपने चैंबर में बुलाते थे और बातें करते थे।
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