भाजपा सांसद मोहन मंडावी को भाजपा कार्यकर्ता ही दिखाने जा रहे थे, काला झंडा, फिर मचा बवाल
बालोद, 20 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में चुनाव नजदीक आते ही अब नेता सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में गांव के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में लगे हैं। लेकिन ऐसे समय में कांकेर के भाजपा सांसद मोहन मंडावी को अपने ही कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक आपने किसी बड़े नेता के आने पर विपक्ष के कार्यकर्ताओ द्वारा काला झंडा दिखाकर या अन्य तरीकों से विरोध प्रदर्शन की बात सुनी होगी। लेकिन कांकेर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद मोहन मंडावी का विरोध भाजपा कार्यकर्ता ही कर रहें हैं।

व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज से मची खलबली
दरअसल कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी बालोद जिले के गांव सिवनी में रामधुनी कार्यक्रम में मुख्यअतिथि बनकर पहुंचने वाले थे। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के ही कुछ कार्यकर्ताओं ने काला झंडा दिखाने के लिए एक मैसेज व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल कर दिया। इस मैसेज के बाद क्षेत्र के नेताओ मन खलबली मच गई।

भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं को सांसद के गांव आने की सूचना मिली जिसके बाद उन्होंने कहा कि हम भाजपा के कार्यकर्ता हैं और जनप्रतिनिधियों के लिए तन मन लगाकर काम करतें हैं। लेकिन यह हमारी उपेक्षा कर रहे हैं। कुछ लोग उन्हें हमारे बारे में गुमराह करते हैं। इसलिए उन्होंने काला झंडा दिखाने का फैसला किया और यह मैसेज सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।
भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज कराया मामला
जैसे ही भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के काला झंडा दिखाने का फैसला किया, वैसे ही आयोजन कर्ताओं ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरपंच और स्थानीय लोगों ने सांसद को काला झंडा दिखाने के विषय को लेकर थाने में शिकायत दर्ज करा दी। जिसके बाद दो युवक कमलेश निषाद और बहुर नेताम के खिलाफ बालोद थाने में धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया गया, सोमवार शाम को वे जमानत पर रिहा हुए।
सांसद हो रहे अपने ही पार्टी के गुटबाजी के शिकार
कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी को लेकर विगत कुछ महीनों अपने ही पार्टी के गुटबाजी का शिकार होना पड़ रहा है। संगठन के लोग उन्हें कार्यक्रमों में साथ नहीं दे रहे हैं। सिर्फ एक पूर्व विधायक प्रीतम साहू को अक्सर उनके कार्यक्रमों में देखा जाता है। उनसे जब भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा काला झंडा दिखाने के विषय पर सांसद ने कहा भाजपा कार्यकर्ताओं के थाने पहुंचने के संदर्भ में मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं इस बारे में पता कर लेता हूं।
पार्टी से इस्तीफा देने तैयार हैं कार्यकर्ता
काला झंडा दिखाने के योजना बनाने वाले बहुर नेताम पार्टी के।सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उनका कहना है कि इस तरह अनदेखी से निष्ठा को ठेस पहुंचा है। अब तक भारतीय जनता पार्टी का झंडा उठाते आ रहे हैं। लेकिन सांसद ने हम कार्यकर्ताओं को उपेक्षित किया। हम थाने में बंद हुए फिर भी भाजपा का कोई हमें छुड़वाने तक नहीं आया। हम अपने पद से इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा कि हम जैसे कार्यकर्ताओं की कोई पूछने वाला नहीं है कमलेश निषाद ने भी कहा की हमारी निष्ठा को ठेस पहुंचा है। हमे अब एहसास हुआ की पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए कोई आगे नहीं आता उन्होंने कहा हमारे विरोध की वजह सिर्फ मोहन मंडावी थे।












Click it and Unblock the Notifications